*AITUC | BKMU | AIKSअखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस | भारतीय खेत मजदूर यूनियन | अखिल भारतीय किसान सभा**20 मई 2025 की राष्ट्रव्यापी हड़ताल एवं आंदोलन हेतु संयुक्त सर्कुलरदिनांक: 1 मई 2025**सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंड़ल गोंडा उत्तर प्रदेश*

सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंड़ल गोंडा उत्तर प्रदेश

प्रति,
सभी राष्ट्रीय स्तर के महासभा सदस्यगण
AITUC, BKMU एवं AIKS के सभी राज्य सचिवगण

प्रिय साथियो,

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने 18 मार्च 2025 को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में 20 मई 2025 को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया है। यह आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसानों की मांगों और मजदूरों के समर्थन हेतु किसान आंदोलनों की सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया है। साथ ही, कृषि मजदूर यूनियनों के मंच ने भी व्यापक आंदोलन एवं हड़ताल का निर्णय लिया है।

भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए श्रमिकों, किसानों और कृषि मजदूरों के अधिकारों पर क्रूर हमला किया है। मोदी सरकार द्वारा श्रम कानूनों को समाप्त कर, शोषणकारी श्रम संहिताओं को लागू किया गया है, जिससे मजदूरों के दशकों पुराने अधिकार कमजोर हुए हैं और असमानता और गहराई है।

सरकार किसान विरोधी नीतियों को पुनः लागू करने के प्रयास में है जैसे कि कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति ढांचा (NPMF), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गारंटी, ऋण माफी से वंचित करना, जबरन भूमि अधिग्रहण करना आदि। किसान अपनी जमीन खो रहे हैं और कॉरपोरेट हित में सस्ते दामों पर जमीनें हड़पी जा रही हैं।

कृषि मजदूरों और ग्रामीण श्रमिकों को मनरेगा जैसे योजनाओं से बाहर किया जा रहा है। दलित, आदिवासी, महिलाएं और अल्पसंख्यक समुदाय जो पहले से ही हाशिए पर हैं, उन्हें और अधिक अन्याय का सामना करना पड़ रहा है।

मोदी सरकार ने किसानों और श्रमिकों के हितों को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आगे समर्पित कर दिया है। इंडो-US द्विपक्षीय व्यापार समझौते भारतीय उद्योग और कृषि को नष्ट कर देंगे। देश की संप्रभुता भी खतरे में है।

ऐसे में 20 मई 2025 की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर इस हड़ताल की विस्तृत योजना बनाई जानी चाहिए। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, यह औद्योगिक हड़ताल सम्पूर्ण बंद में परिवर्तित होनी चाहिए। किसान और कृषि मजदूर “रास्ता रोको” और “रेल रोको” आंदोलनों में भाग लें।

निम्नलिखित तैयारियाँ सभी संगठनों — AITUC, AIKS एवं BKMU — द्वारा सुनिश्चित की जाएं:
1. सभी स्तरों पर संयुक्त मंच की बैठकें आयोजित कर हड़ताल की तैयारी सुनिश्चित करें।
2. औद्योगिक क्षेत्रों, APMC, ग्रामीण बाजारों, प्रमुख नगरों और जिलों में हड़ताल, बंद, रेल-रोको, रैली, सत्याग्रह आदि का विस्तृत कार्ययोजना बनाएं।
3. हैंडबिल, गेट मीटिंग, प्रेस वार्ता, जनसभा आदि माध्यमों से संगठनों के सभी सदस्यों एवं अन्य सहयोगी संगठनों तक पहुँच बनाकर मजबूत प्रचार अभियान चलाएं।
4. ध्वज, बिल्ले, बैनर, फ्लेक्स आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
5. विभिन्न सामाजिक वर्गों, बाजार संघों, परिवहन संघों, शैक्षणिक संस्थानों आदि से संपर्क कर समर्थन प्राप्त करें।
6. सोशल मीडिया पर आकर्षक वीडियो और चित्रों के माध्यम से प्रचार करें। एक-दूसरे के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावशाली प्रचार सामग्री बनाएं।
7. आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो मीडिया तक पहुँचाई जाएं। इसके लिए राज्य और केंद्र स्तर पर आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करें।
8. हड़ताल के बाद प्रेस विज्ञप्तियाँ जारी कर संगठनों के आभार एवं सरकार की दमनकारी नीतियों की निंदा करें।
9. आंदोलन के बाद समीक्षा बैठक आयोजित कर संगठन की भागीदारी का मूल्यांकन करें जिससे भविष्य में संगठन को और मजबूत किया जा सके।

हमारी बुनियादी वर्गीय संगठन AITUC, BKMU और AIKS को इस राष्ट्रव्यापी मजदूर हड़ताल एवं ग्रामीण हड़ताल को भाजपा शासन के विरुद्ध एक मजबूत आंदोलन में परिवर्तित करना है।

AITUC | BKMU | AIKS

(हस्ताक्षरित)
रमेंद्र कुमार, अध्यक्ष - AITUC
अमरजीत कौर, महासचिव - AITUC
पेरियासामी, अध्यक्ष - BKMU
गुलज़ार सिंह गोरिया, महासचिव - BKMU
राजन क्षीरसागर, अध्यक्ष - AIKS
रावुला वेंकैया, महासचिव - AIKS

संपर्क ईमेल:
AITUC: aituchq@gmail.com
BKMU: bkmudelhi@gmail.com
AIKS: allindiakisansabha@gmail.com

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