*मन के कचरे को निकालना ही ध्यान-आचार्य अंकित प्रभाकर* *सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंंडल गोंडा उत्तर प्रदेश*



सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा उत्तर प्रदेश

गोंडा 25दिसम्बर 2024 स्त्रीआर्य समाज मालवीय नगर का वार्षिक उत्सव के तीसरे दिवस की प्रातः बेला ध्यान साधना,यज्ञ ब्रह्मा आचार्य अंकित प्रभाकर ने विश्व कल्याण की भावना से यज्ञ संपन्न कराया मुख्य यज्ञमान जितेंद्र कसौधन सपत्नीक अवधेश श्रद्धा शुक्ला आकाश अग्रवाल नीलू तिवारी रही यज्ञ उपरांत यज्ञ की महिमा का वर्णन में बताया कि यज्ञ पांच प्रकार के होते हैं जिसमें बलिवैश्व यज्ञ सभी सनातनी परिवारों में माताएं सर्वप्रथम पाकशाला में बने पकवान को अग्नि देवता को समर्पित करती थी बलि का मतलब हिस्सा ना की किसी की हत्या सनातन संस्कृति को छिन्न भिन्न करने के लिए शब्दों के अर्थों को तोड़ मरोड़ कर पश्चात संस्कृति थोपी गई है डार्विन की थ्योरी से हमारे पूर्वजों को बंदर कहा गया इस तरह से संस्कृति पर अंग्रेजों ने कुठाराघात किया आज हम सभी वेदों से विमुख हो गये पाखंडों का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए युग प्रवर्तक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना कर वेदों की ओर लौटने का आवाहन किया जिसमें काशी शास्त्रार्थ प्रमुख है सायंकाल की बेला आचार्य अंकित प्रभाकर ने दुनिया को छोड़ना वैराग्य नहीं है मन को बस में रखना ही वैराग्य है मन के कचरे को निकालना ही ध्यान बताया और भजन सम्राट नरेश दत्त आर्य ने मन को संयम अध्यात्म से संभव बताया विद्वान सूर्य के प्रकाश की तरह होते हैं चंद्रमा का प्रकाश भ्रमित करता है इस पर विस्तार से भजनों के माध्यम से व्याख्यान दिए पं०सुमित्र अंगिरस एवं नरेंद्र दत्त आर्य ने उद्बोधन में मन देवता को एकाग्र करने के लिए जीवन रूपी रथ को चलाने के लिए अध्यात्म ध्यान साधना से ही संभव बताया इतिहास साक्षी है अमर ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश देश की आजादी में क्रांतिकारियों की प्रेरणा स्रोत ग्रंथ रही हैसभा संचालन मंत्राणी आभा आर्या ने किया समारोह मे अनीता राजपाल मीना गुप्ता मोहिनी यज्ञ सैनी सत्यवती ने स्त्री आर्य समाज की वयोवृद्ध अंबिका देवी को सम्मानित किया 
   इस अवसर परआर्यवीर दल मध्य उ०प्र०मंत्री शास्त्री विनोद आर्य, विवेक आर्य सत्य प्रकाश एडो० अशोक रस्तोगी मनोहर लाल खत्री उर्मिला त्रिपाठी सुमन तिवारी दिव्यांशी आर्या लक्ष्मी रानी विभा तेजस्विनी कुसुम शर्मा लल्लू आरती वंदना आलोक सक्सेना सोम प्रकाश आर्य अशोक तिवारी आर्यवीर दल प्रदेश प्रचार मंत्री,उ०प्र०उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारीगण स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन विभिन्न आर्य समाज की प्रतिनिधि समाजसेवी आदि सैकड़ो ऋषि अनुयायियों ने महर्षि के विचारों को विद्वानों के माध्यम से अमृत वर्षा का पान किया। वैदिक साहित्य संचालक कुमार लक्ष्मण आर्य ने पाठकों के लिए दुर्लभ साहित्य प्रदर्शनी समारोह के आकर्षण का केंद्र है आयुर्वेदिक स्टॉल पवन शुक्ला द्वारा संचालित है वार्षिक उत्सव का समापन 26 दिसंबर को है अधिक से अधिक संख्या में ऋषि के विचारों को आत्मसाथ करें।

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