*इज़राइल द्वारा फिलिस्तीनियों के नरसंहार के खिलाफ वामदलों का प्रदर्शन* *सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंडल गोण्डा उत्तर प्रदेश*






सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंडल गोण्डा उत्तर प्रदेश

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन तथा भाकपा माले न्यू डेमोक्रेसी के संयुक्त तत्वाधान में, दिनांक 7 अक्टूबर 2024 को, इजराइल द्वारा फिलिस्तीन पर हमले के एक साल पूरे होने पर, अपने अखिल भारतीय आह्वान के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा समर्थित इज़राइल द्वारा, गाजा पट्टी में किये जा रहे नरसंहार और अत्याचारों के खिलाफ तथा फिलिस्तीनी लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए वामदलों ने पी०डब्लू०डी० कार्यालय से जिला कचहरी तक जुलूस निकाल कर, जिला मुख्यालय में महामहिम राष्ट्रपति महोदया को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से भेजा। वामदलों ने कहा कि इज़राइल द्वारा संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने भी गाजा में इजराइल द्वारा नरसंहार के खिलाफ फैसला दिया है, लेकिन फिर भी फिलिस्तीन के लोगों के खिलाफ इस तरह के नरसंहार में वृद्धि हो रही है। इज़राइल ने 1948 के समझौते का लगातार उल्लंघन किया है। साउथ अफ्रीका द्वारा युद्ध को टालने व राहत सामग्री पहुंचने की राह देने के लिए यू0एन0ओ0 से अपील में आये फैसले के अनुपालन में तत्काल युद्धविराम किया जाना चाहिए तथा 1967 से पहले की सीमाओं और पूर्वी यरुशलम को राजधानी के रूप में फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता दी जानी चाहिए। इज़राइल पर हथियारों और सैन्य उपकरणों के आयात और निर्यात पर तत्काल सैन्य प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए और सभी प्रकार के सैन्य सहयोग को रोका जाना चाहिए। इज़राइल में औद्योगिक गतिविधि के लिए भारतीय श्रमिकों के सहयोग और आवाजाही पर तुरन्त प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इजराइल पर राजनयिक वित्तीय और आर्थिक प्रतिबंधों सहित कानूनी प्रतिबंध लगाये जाने चाहिए। इज़राइल के रंगभेद शासन को समाप्त करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए रंगभेद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की विशेष समिति को आमंत्रित किया जाना चाहिए। वामपंथी दलों ने आजादी से पहले की हमारी विरासत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार से राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिरोध सुनिश्चित करने की मांग की। वामपंथी दलों ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिति उस स्तर पर पहुंच गई है जहां वैश्विक लोकतांत्रिक राय को शांति और सम्मान की रक्षा के लिए खुद को मुखर होना होगा। वामदलों ने गाज़ा में युद्ध विराम व शांति बहाली के पक्ष में लगातार प्रयास करने, इजराइल को सैन्य हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति के लिए, विभिन्न भारतीय कम्पनियों के सभी निर्यात लाइसेंस और अनुमतियाँ रद्द करने, इज़राइल से सभी हथियारों के आयात पर रोक लगाने, औपनिवेशिक रंगभेद के सिद्धान्तों के आधार पर, इज़राइल के अवैध सैन्य कब्ज़े और नरसंहार में सभी प्रकार की मिलीभगत को समाप्त करने हेतु कदम उठाने की मांग की। 
नागरिक समाज ने भी कार्यक्रम का समर्थन किया। प्रदर्शन में भाकपा जिला मंत्री नसीम अंसारी, माकपा जिला मंत्री अखिल विकल्प, भाकपा-माले लिबरेशन के जिला मंत्री सुनील मौर्य, भाकपा माले न्यू डेमोक्रेसी के आशीष मित्तल, के अलावा आनंद मालवीय, अविनाश मिश्र, मनीष, हीरालाल, समर सिंह, साक्षी, हीरालाल, मांजूद अहमद सिद्दीकी, नागेश्वर गिरी, अशोक राव, सूर्य प्रकाश, सिद्धेश्वर मिश्र, राजकुमार पथिक, अनु सिंह, भानु, रामफल, शीतला, शशांक, जितेंद्र प्रजापति, प्रदीप अनिरुद्ध, अनुराग आदि लोग उपस्थित रहे।

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