*बहराइच में लेखपाल को एंटी करप्शन की टीम ने घूस लेते रंगे हाथों दबोचा**पयागपुर तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपाल वरासत प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट लगाने के लिए मांग रहा था तीन हजार रूपये घूस**एंटी करप्शन यूनिट गोंडा की टीम ने विशेश्वरगंज के पुरैना नहर पुलिया पर लेखपाल को रंगे हाथों पकड़ा**सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंडल गोण्डा उत्तर प्रदेश*
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बहराइच। जिले के पयागपुर तहसील में तैनात एक लेखपाल महिला के वरासत प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट लगाने के लिए तीन हजार रूपये घूस मांग रहा था। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन यूनिट गोंडा से की थी। इस पर गोंडा की टीम ने विशेश्वरगंज के पुरैना नहर पुलिया पर लेखपाल को महिला से घूस का रुपया लेते रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी लेखपाल को थाने में लिखा पढ़ी के बाद एंटी करप्शन कार्यालय गोंडा ले जाया गया है।बहराइच जिले के पयागपुर तहसील अंतर्गत मुंडेरवा सरहदी गांव निवासी अकबरी बेगम ने बताया कि उनके पिता का निधन बीते जनवरी माह में हो गया था, पिता के नाम जो भी पैतृक संपत्ति थी उसकी वरासत अकबरी बेगम और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम होनी थी।
पीड़िता अकबरी बेगम ने बताया कि विरासत कार्य के लिए वह जनवरी माह से पयागपुर तहसील के चक्कर लगा रही है। क्षेत्रीय लेखपाल मोतीलाल को उन्होंने तीन बार प्रार्थना पत्र भी दिया, इसके बाद एक ऑनलाइन प्रार्थना पत्र भी अधिकारियों को भेजा। पीड़िता अकबरी बेगम ने बताया कि बार-बार निवेदन करने के बावजूद लेखपाल मोतीलाल ₹3000 घूस की मांग कर रहे थे। अकबरी का कहना है कि जब उन्होंने अपने परिवार की हालत खराब होने की दुहाई दी तो लेखपाल ने बिना घूस लिए वरासत की रिपोर्ट लगाने से इनकार कर दिया।
इससे परेशान अकबरी बेगम ने अधिकारियों के आगे गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अधिकारियों द्वारा भी ध्यान न देने से निराश अकबरी बेगम ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन यूनिट गोंडा से की। एंटी करप्शन यूनिट के इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ने पूरा मामला जानने के बाद कार्यवाही करने की रूपरेखा तैयार की।एंटी करप्शन टीम गोंडा के निर्देश के तहत अकबरी बेगम ने पुनः क्षेत्रीय लेखपाल मोतीलाल से संपर्क कर वरासत की रिपोर्ट लगाने के लिए निवेदन किया लेकिन लेखपाल मोतीलाल ने पीड़िता अकबरी को दो टूक शब्दों में कहा कि अगर वरासत करवाना है तो घूस का 3000 लेकर पुरैना चौराहे पर आ जाओ।उसी के तहत अकबरी बेगम एंटी करप्शन टीम द्वारा दिए गए नोटों को लेकर लेखपाल द्वारा बताए गए स्थान पुरैना चौराहे पर पहुंची, वहां जब अकबरी बेगम लेखपाल को घूस दे रही थी तभी पीछे से पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को घूस लेते रंगे हाथों दबोच लिया। लेखपाल के पकड़े जाने के बाद तहसील प्रशासन में अफरा तफरी मच गई।
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