*नैनो खाद तरल को लेकर प्रशिक्षण का हुआ आयोजन , दी गयी जानकारी**सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंडल गोण्डा उत्तर प्रदेश*
सुरेश कुमार कनौजिया देवीपाटन मंडल गोण्डा उत्तर प्रदेश
गोंडा । इंडियन फ़ारमर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड के तत्वाधान में गुरूवार को एक निजी मैरिज हाल में इफको नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी आधारित सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इफको के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ डीके सिंह ने बताया कि एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में साधन सहकारी समिति के सचिवों व किसानों को इफको के नैनो उत्पादों का फसलों पर उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि नैनो खाद जो तरल रूप में है वह कैसे फसलों को लाभ पहुंचती है। किसानों के पैसे व श्रम दोनों का बचत नैनो खाद के प्रयोग से होता है। मुख्य अतिथि उपायुक्त एवं उप निबंधक,सहकारिता देवीपाटन मंडल अरविंद प्रकाश ने नैनो यूरिया प्लस एवं डीएपी तरल के विक्रय प्रबंधन तरीके की जानकारी देते हुए क्षेत्र के किसानों को नैनो उत्पादों की के फसलों पर उपयोग के तरीके बताते हुए किसानों को नैनो यूरिया प्लस एवं डीएपी तरल को फसलों में उपयोग करने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी। मुख्य अतिथि ने कहा कि दानेदार यूरिया एवं डीएपी फसलों को क्रमशः 40 व 20 प्रतिशत ही मिल पाती है, जबकि नैनो यूरिया एवं डीएपी फसलों को 85 से 90 प्रतिशत तक फसलों को मिल पाती है। उन्होनें फसलों पर नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ राम लखन यादव ने उर्वरक प्रबंधन पर जानकारी देते हुए कहा कि मृदा परीक्षण के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिये। जिंक,सल्फेट और यूरिया का प्रयोग अलग अलग करना चाहिये। कृषि वैज्ञानिक डॉ जीएस तिवारी ने गेंहू के बीज को नैनो डीएपी व यूरिया तरल से उपचारित करने के तरीके बताए। वही धान के पौधे के जड़ो व गेंहू के बीज पर नैनो डीएपी से उपचारित करने का सजीव प्रयोग करके बताया। प्रश्नोत्तरी परीक्षा में सबसे अधिक सही उत्तर देने वाले दीपक मिश्रा,रोहित मिश्रा को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर हर्षित अवस्थी,दिनेश सिंह,डॉ जीपी तिवारी, अशोक कुमार,संदीप सिंह आदि रहे।
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