*सम्मान और अधिकार प्राप्त करना प्रत्येक मानव का जन्म सिद्ध मौलिक अधिकार है**ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा
मास संघ का यह प्रथम कर्तव्य और उत्तरदायित्व है। सम्मान और अधिकार के बिना मानव पशु के समान है। संस्कार और सम्मान मानव जीवन का आभूषण है। इसलिए सांस्कृतिक परिवर्तन के बिना सामाजिक परिवर्तन की बात करना अंधों के शहर में आईना बेचने के समान है। जिस समाज को अपना इतिहास नहीं मालूम है वह जागरुक समाज नहीं है और जो जागरुक नहीं वही समाज शोषण-उत्पीड़न का शिकार होता है। जागरुक समाज सम्मान के लिए संघर्ष करता है और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए आजीवन प्रयासरत रहता है। यही जीवन की सार्थकता है। मैत्री ही सम्पूर्ण धम्म है ।धम्म में नैतिकता का वास होता है नैतिकता के बिना आदर्श नागरिक की पहचान सम्भव नहीं है। सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन कर प्रत्येक मानव सामाजिक ऋण से उऋण हो सकता है। सामाजिक उत्तरदायित्व के बिना मानववाद की स्थापना सम्भव नहीं है। पे बैक टू नेचर,पे बैक टू नेशन,पे बैक टू सोसायटी,पे बैक टू फेमिली,पे बैक टू सेल्फ का बोध कराना मास का महत्वपूर्ण कार्य है। कश्मीर से कन्या कुमारी तक और जाम नगर से कोहिमा तक प्रत्येक मानव को मौलिक अधिकार और संवैधानिक कर्तव्य का प्रशिक्षण नियमित रूप से समणजीवी समाज को कराया जा रहा है। संविधान और लोकतंत्र के साथ-साथ मताधिकार के लिए प्रत्येक नागरिक को जागरुक करना हमारा नैतिक कर्तव्य और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व है। हर घर संविधान के जनान्दोलन को साकार करने के लिए मास संघ द्वारा संविधान की प्रतियों का निशुल्क वितरण किया जा रहा है। जिससे राष्ट्रीय दायित्व,कर्तव्य और अधिकार को जानने-समझने का प्रयास सफल हो सके और शोषण मुक्त और समता मूलक समाज का निर्माण किया जा सके। परजीवी वर्ग समाज में जोंक की तरह श्रमजीवी का खून चूस रहा है। ऐसी जोंक को ज्ञान का नमक लगाकर समाज को शोषण-दमन से मुक्त करना है। वैज्ञानिक तार्किक और एक देश-एक शिक्षा-एक पाठ्यक्रम से ही सबका कल्याण सम्भव है ।दोहरी शिक्षा नीति राष्ट्र के लिए घातक है। कर्पूरी ठाकुर के आरक्षण का फार्मूला लागू किये बिना उनका सपना साकार नहीं होगा। जिन नायकों को भारत रत्न दिया गया है उनके विचारों को जमीन पर लागू करके उनके सपनों को साकार करना ही असली सम्मान है। वरना गले में माला और विचारों ताला वाली कहावत चरितार्थ होगी।* उक्त विचार मास संघ के *राष्ट्रीय संगठक ए.के.नन्द* ने एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में व्यक्त किया। *राष्ट्रीय महासचिव रमेश चन्द्रा* ने कहा *मास का वोटरशिप का जनान्दोलन* बहुत ही महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी ऑदोलन है। इसमें प्रत्येक वोटर को अपने वोट की कीमत मिलेगी और वोट का अधिकार अनिवार्य रूप से साकार होगा। वोटरलिस्ट को आधारकार्ड से जोड़ा जाना राष्ट्रीय हित में है। कार्यक्रम में काशीराम मौर्य,जिला कमांडेंट एमवीएफ,गौरव कुमार नन्द,उप-सम्पादक, मास संदेश, अरूण कुमार मौर्य,प्रबंधक,बुद्धा साइंस एकेडेमी,अजय कुमार मौर्य,रमेश प्रसाद,खूबचंद मौर्य,सत्यनारायण मौर्य,सत्यवती,लीलावती,सरोज मौर्य,शिवानी मौर्य,वंदना मौर्य,शानिया मौर्य,विजय कुमार,शौरभ मौर्य,विश्वम्भर दयाल,विनय कुमार,रमेश गुप्त,नकछेद प्रसाद,ओंकार,पवन कुमार,नंद कुमार,बालकराम नन्द,विशाल,राम तेज मौर्य,राम चन्द्र,अवधेश कुमार,कामराज गौतम,कुलदीप मौर्य, हृदय नारायण,सुखरानी,संजू,अंशुमान मौर्य,वीरेन्द्र,सदन लाल बौद्ध,विजय रावत,ननकऊ,मिथिलेश,राजकिशोर,उमेश,अभय प्रताप मौर्य और उपासक व उपासिकागण ने सहभाग किया।
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