*16 फरवरी को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने की हड़ताल की घोषणा**ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा*






ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा

लखनऊ। आठवें पे कमीशन के गठन और पुरानी पेंशन बहाली के इंकार से गुस्साए देशभर के कर्मचारी 10 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे और जिला कलेक्टर ग्राफिस पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इसके बावजूद भी मांगों को हल नहीं किया तो सभी राज्यों में लोकसभा चुनाव तक कर्मधारी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें कर्मचारियों को सरकार की जन एवं मजदूर कर्मधारी विरोधी नीतियों और मांगों के प्रति सरकार के घोर उपेक्षापूर्ण रवैए की जानकारी दी जाएगी। इस ऐलान को कृषि भवन में उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने किया। प्रेस बातों में अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेशनर्स महासंघ के उपाध्यक्ष एसपी सिंह, राज्य अध्यक्ष अमरनाथ यादव, ओपी त्रिपाठी, उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष कमल अग्रवाल, अ भा.रा.श.क.महासंघ के उपाध्यक्ष कमलेश मिश्रा, सचिव पुनीत त्रिपाठी, एनईसी सदस्य अफिफ सिद्दीकी, यूपी एग्रीकल्वर डिपार्टमेंट मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान धर्मेंद्र प्रताप सिंह व महासचिव हेमन्त सिंह लड़का व संदीप पांडेय आदि मौजूद थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष लांबा ने गत वर्ष बिजली कर्मचारियों एवं इंजीनियर की स.प्र. में हुई ऐतिहासिक हड़ताल में उर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते के तहत उत्पीडन एवं दमन की

कार्यवाहियों को समाप्त न होने की

घोर निन्दा की और शीघ्र अतिशीघ्र

16 फरवरी को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने की हड़ताल की घोषणा

इरी समाप्त करने की मांग की। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली आठवे पे कमीशन के गठन, 18 महीने के बकाया डीए बीआर के भुगतान, ठेका संविदा कर्मियों को नियमित करने व खाली

पड़े करीब एक करोड पयों को पक्की भर्ती से देश भर बेरोजगारों को रोजगार देने आदि के लिए घन नहीं है। उन्होंने कहा कि पूजीपतियों के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। पिछले दस साली में केन्द्र सरकार ने बढ़े पूजीपतियों के करीब 18 लाख करोड़ रुपए बड़े खाते में डाल दिए है और कई लाख करोड़ रुपए टैक्स माफ कर दिए हैं। इतना ही नहीं कारपोरेट टैक्स को 30 से घटाकर 22 प्रतिशत कर लाखों करोड़ रुपए की राहते दे दी गई है। पूजीपतियों को लाखों करोड़ की राहत देने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों, उर्वरक, रेलवे में सीनियर सिटीजन को मिलने वाली सब्सिडी को समाप्त कर दिया गया है और आम आदमी के खाने पीने की

चीजों पर भी जीएसटी लगा दिया

गया है। दो करोड़ रोजगार हर साल देने का वादा कर सत्ता में आई केन्द्र सरकार के समय बेरोजगारी चरम सीमा पर है। गलत नीतियों के कारण महंगाई, बेरोजगारी, भूखमरी भयंकर रूप से बढ़ रही है। भारी आर्थिक असमानता के कारण धन का
*उत्तर प्रगज्य कार्य महासंघ*

उत्तर प्रदेश केन्द्रीयकरण हो गया है। आंकड़े देते हुए कहा कि सबसे धनी एक प्रतिशत लोगों के पास देश की कुल धन दौलत का 40 प्रतिशत हिस्सा है और नीचे की 50 प्रतिशत आबादी के पास केवल तीन प्रतिशत हिस्सा है। केवल दस कारपोरेट घरानों के पास 57 प्रतिशत धन दौलत जमा हो गई है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत 125 देशों में 111 नंबर पर है। रिपोर्ट के अनुसार 15 से 24 साल की उम्र की 58.1 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी है। उन्होंने कहा कि बेशक भारत पांचवी मजबूत अर्थव्यवस्था में शामिल हो गया है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय में भारत 197 देशी में 142 स्थान पर है। अमेरिका की प्रति व्यक्ति आय 80035 अरब यूएस डॉलर है और भारत की केवल 2001 यूएस डॉलर है। अमेरिका की प्रति व्यक्ति आय भारत से 31 गुणा, जर्मनी व कनेडा की 20 गुणा, यूके की 18 गुणा, जापान की 14 गुणा ज्यादा है। फ्रांस, इटली, चीन, ब्राजील की भी प्रति व्यक्ति आय भी भारत से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि आज जनता के खून पसीने और टैक्स पेयर्स के पैसों से खड़े किए गए पीएसयू को निजी हाथों में शीया जा रहा है और सरकारी विभागों का आकार छोटा किया जा रहा है। ट्रेड यूनियन एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर निरंतर हमले किए जा रहे हैं। सभी अंग कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। शिक्षाविदों एवं शिक्षकों के विरोध के बावजूद देश में जबरन एनईपी को लागू किया जा रहा है। जिसको लेकर कर्मचारियों व मजदूरों में भारी आक्रोश है और यह 10 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर इसका प्रकटीकरण करेंगे। प्रेस विज्ञपत्ति जारी करते हुये उ०प्र० राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रान्तीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल जी ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्ममारी महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा जी आगामी 10 फरवरी की हड़ताल की तैयारी एवं समीक्षा हेतु उत्तर प्रदेश के दौरे पर है। दिनांक 07-02-2024 को मिर्जापुर दौरे के बाद दिनांक 08-02-2024 को लसानऊ आगमन के क्रम में नेतृत्वकारी एवं पदाधिकारियों की बैठक में शामिल हुये, बैठक में 10 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल को
सफल बनाने का आहवान किया। बैठक में मुख्य रूप से से०नि० पेंशनर एसोसिएशन के एस.पी. सिंह, अमर नाथ यादव, ओ०पी० त्रिपाठी, बी०एल० कुशवाह सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष / महामंत्री सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी सम्मिलित हुए जिसमे मुख्य रूप से कमल अग्रवाल, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, हेमन्त सिंह खडका, नरेन्द्र प्रताप सिंह, अनुपम यादव, संदीप पाण्डेय, आकाश गौर्या, सुनील मिश्रा, देवेन्द्र यादव, बंशीधर मिश्रा, पुनित त्रिपाठी विजय सोधी, जितेन्द्र श्रीवास्तव, सनाउल्लाह खाँ, अजय कुमार, निधि, अफीफ सिद्दीकी, राजेश पाण्डेय, उदय प्रसाद, आयकर विभाग के महामंत्री रविन्द्र सिंह सम्मिलित हुए। राष्ट्रीय यक्ष जी का दिनांक 09-02-2024 को मधुरा में कर्मचारियों के साथ संवाद का कार्यक्रम है ब्राजील की भी प्रति व्यक्ति आय भी भारत से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि आज जनता को खून पसीने और टैक्स पेयर्स के पैसों से खड़े किए गए पीएसयू को निजी हाथों में सौपा जा रहा है और सरकारी विभागों का आकार छोटा किया जा रहा है। ट्रेड यूनियन एवं लोकतांत्रिक अधिकारी पर निरंतर हमले किए जा रहे हैं। भी श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। शिक्षाविदों एवं शिक्षको के विरोध के बावजूद देश में जबरन एनईपी को लागू किया जा रहा है। जिसको लेकर कर्मचारियों व मजदूरों में भारी आक्रोश है और यह 10 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर इसका प्रकटीकरण करेंगे।

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