*गोंडा नरायनपुर ईधा में धुम धाम से मनाई गई संत गाड़गे महराज की 148 वी जयंती मनाई गई**ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा
गोंडा,23फरवरी। *शैक्षिक और स्वच्छता ऑदोलन के लोकनायक थे संत गाड्गे। वे सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उनका मानना था कि शिक्षा वह अग्नि है जो गुलामी के कफ़न को जलाकर दफ़न कर देती है। उन्होंने अनेक धर्मशाला,वृद्धाश्रम,विधवा आश्रम,अनाथालय,छात्रावास,विद्यालय का निर्माण कराया। संत गाड्गे महान व्यक्तित्व और कृतित्व के धनी होने के फलस्वरूप इतिहास के चमकदार अध्याय बने। गाड्गे बाबा के सामाजिक,शैक्षणिक उन्नति के कार्य डाॅ.अम्बेडकर से अनुप्राणित थे तो धर्म के क्षेत्र में अज्ञान,अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ उनका ऑदोलन संत कबीर और चोखामेला से प्रेरित था। उन्होंने पुरूषार्थ और श्रमदान को अपना हथियार बनाया।* उक्त विचार संत गाड्गे के 148वें जन्मोत्सव पर नारायणपुर ईधा में मास के राष्ट्रीय संगठक ए.के.नन्द ने व्यक्त किया। आरके राव ने कहा कि वे व्यर्थ के कर्मकांडों मूर्तिपूजा व खोखली परम्पराओं से दूर थे। राधेश्याम कनौजिया ने कहा कि वे मानववाद के सच्चे हितैषी थे और वे शोषण-उत्पीड़न,छुआछूत,जाति-पांत को अधर्म मानते थे। बृजराज श्रीमाली ने कहा कि संत गाड्गे महान कर्मयोगी थे। डा.सतीश आर्य ने कहा संत गाड्गे समता मूलक समाज के महानायक थे। विद्या प्रसाद ने कहा कि वे अवैज्ञानिक रीति-रिवाज और तीज-त्यौहार के समर्थक नहीं थे।किशोरी लाल ने कहा कि अवैज्ञानिक व्यवस्था परिवर्तन के कर्णधार थे। घनश्याम मौर्य ने कहा कि संत गाड्गे का विचार मानव जीवन को समृद्धिशाली बनाने लायक था ।राजकिशोर मौर्य ने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व के धनी मानव कल्याण के लिए आजीवन समर्पित रहे। बाबूलाल ने कहा कि वे मानववाद के प्रतीक थे और सादा जीवन-उच्च विचार के जीवंत उदाहरण थे। राजकुमार यादव ने कहा कि हमें संत गाड्गे के विचारों को आत्मसात करना चाहिए। राधेश्याम आर्य ने कहा कि संत गाड्गे सचमुच एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था थे। जयराम सुमन ने कहा कि संत गाड्गे ज्योतिबाराव फूले के बाद सबसे बड़े त्यागी जनसेवक थे। खेमचन्द्र गौतम ने कहा कि संत गाड्गे ने अपने जीवन में त्याग,समर्पण और कर्तव्य से यश के अनेक शिखर जीते। कार्यक्रम में सुरेश कुमार कनौजिया, खुशबू कनौजिया हीरालाल,शिवदयाल,रीता कनौजिया,राधा कनौजिया,बजरंगी,राजकुमार,अंजली,रीता,सुनीता,काजल,जान्हवी,मालती,मनीता,मालती,सतीश चंद्र,सविता,राजकुमार यादव,धनराज,पिन्टू,नीरज,भगवान दीन,राम कुमार,नीरज,घनश्याम भारती,उदयराज,रवि कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सहभाग किया।
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