*बस्ती सांस्कृतिक परिवर्तन के बिना सामाजिक परिवर्तन की बात करना अंधों के शहर में आईना बेचने के समान है**ब्यूरो चीफ मंडल सुरेश कुमार कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो चीफ मंडल सुरेश कुमार कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया देवीपाटन मंड़ल गोंडा
उक्त विचार बाबू मंगूराम के 138वें जन्मोत्सव और मकर शंक्राति के उपलक्ष में आयोजित मास के एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में राष्ट्रीय संगठक ए.के.नन्द ने व्यक्त किया। नन्द ने कहा कि अवैज्ञानिक रीति-रिवाज और तीज-त्यौहार कभी भी मानव का कल्याण नहीं कर सकते। संविधान और लोकतंत्र के समर्थक ही राष्ट्रवादी और मानव के मित्र हैं। जो व्यक्ति शिक्षा,आरक्षण,प्रमोशन,सम्मान और अधिकार,न्याय का समर्थक है वही मानवता का मित्र है। लोकतंत्र और संविधान का विरोधी ही राष्ट्रद्रोही है। समता मूलक समाज की स्थापना करना,समण समाज के महानायकों और महानायिकाओं के विचारों का प्रचार-प्रसार करना,समाज को सामाजिक ऋण से उऋण कराना,अपने स्वाभाविक दोस्त-दुश्मन की पहचान कराना,समाज को जागरूक कर सम्मान और अधिकार दिलाना मास का प्रथम उत्तरदायित्व है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक और जाम नगर से कोहिमा तक प्रत्येक मानव को मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों का बोध कराना मास का महत्वपूर्ण कार्य है। गैर राजनैतिक जड़ों को मजबूत करना,योग्य और कुशल नेतृत्व पैदा करना,वर्गीय चेतना और वर्गीय सम्वेदना का अहसास कराना मास संगठन का समयबद्ध कार्य है। समता,स्वतंत्रता और बंधुता लोकतंत्र की आधारशिला है। उक्त प्रशिक्षण शिविर के मुख्य आयोजक रमवापुर राजा के प्रधान राधेश्याम वर्मा और मास के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमृत लाल गौतम और भागीरथी मौर्य के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में हरिप्रसाद बौद्ध,काशीराम मौर्य,गौरव कुमार नन्द,अजिर बिहारी मौर्य,लालजी चौहान,बाबूराम,हरिमोहन,फौजदार,अनिल कुमार गुप्त,राम सिंह पटेल,कमलेश,राम बिशुन,प्रेम चन्द्र,प्रमोद यादव,अमन कुमार,मिट्ठू लाल,अंकुश विश्वकर्मा,राम स्वारथ,माता प्रसाद,लाल बहादुर,रामचन्द्र,मल्लू मौर्य,त्रिभुवन,दिलीप गुप्त,राजेन्द्र प्रसाद पत्रकार,जिया मौर्य,आरती,निर्मला,सावित्री,अराधना,उर्मिला,अनीता,यामिनी,पार्वती,राधा मौर्य,शिवानी वर्मा,सलीका,माधुरी,कृष्णा देवी,विद्यावती,गीतारानी,शोभना,नीलम बौद्ध,गरिमा पटेल,कमलेश देवी पटेल,ओंकारी देवी वर्मा,राधिका,सुमन मौर्य,नीलम नन्द,अनुष्का पासवान,राधा पासवान,विनीता राव,सुजाता कुरील,अंशिका कनौजिया,अराध्या वर्मा,धीमती यादव,अपराजिता यादव,रागिनी नन्दा,विमला,विमलेश,सुनीता,सुशीला गौतम,मीना गौतम,राधा गौतम,श्यामवती कनौजिया,श्यामा देवी सहित सैकड़ों उपासिका और उपासकगण ने सहभाग किया। सभी ने सामाजिक उत्तरदायित्व निर्वहन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और संकल्प जाहिर किया।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें