*स्वतंत्रता संग्राम में काकोरी कांड की अहम भूमिका-शास्त्री विनोद आर्य**मंडल कारागार गोण्डा में आर्य समाज द्वारा शहीद को श्रद्धांजलि**ब्यूरो चीफ मंंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा*



ब्यूरो चीफ मंंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/ प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा

18 दिसंबर 2023राजेंद्र नाथ लहिड़ीके 97वे बलिदान दिवस एवं स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रदूत महर्षि दयानंद सरस्वती के 200वी जन्म जयंती जिसे मा०प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने राजग्या जारी कर पूरे भारत में "ज्ञान ज्योति पर्व"के रूप में वर्ष भर चलाई जाने वाले आयोजन की आधारशिला स्वतंत्रता दिवस पर रखी इस श्रृंखला में मण्डल कारागार गोंडा में संध्या यज्ञ के साथ लहिड़ी जी को श्रद्धांजलि आर्य समाज द्वारा दी गयी जिसमें देवीपाटन मंडल के स्वतंत्रता संग्राम के एकमात्र जीवित दस्तावेज राम अचल आचार्य एवं सेनानी उत्तराधिकारी संगठन मंडल प्रभारी शास्त्री विनोद आर्य की अध्यक्षता यज्ञ द्वारा श्रद्धांजलि दी गई जिसमें सेनानी परिजन के साथ-साथ शासन प्रशासन के अधिकारी गण विद्यालयो के बच्चे, मुख्य यजमान प्रभारी जनपद न्यायाधीश राजेश कुमार सीजीएम तथा विशिष्ट यजमान देवीपाटन मंडल कमिश्नर राजेश्वर मिश्रा वीडियो अरुण मोइली,अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी,जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार सिंह जेलर एसपी मिश्रा को आर्य प्रतिनिधि सभा उ०प्र०की ओर से तृप्ति आर्य,एवंउत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन एसडीओ प्रज्ञा आर्या ने शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी,महर्षि दयानंद सरस्वती के200वी जयंती पर महर्षि दयानंद सरस्वती का चित्र एवं सत्यार्थ प्रकाश की प्रति भेंट कर सभी को सम्मानित किया सभा शुभारंभ शास्त्री विनोद आर्य ने ईश वंदना से किया।आर्यवीर दल उ०प्र०के प्रचार मंत्री अशोक आर्य ने लहिड़ी पर क्रांतिवीरों के बलिदान पर वीर रस की कविता प्रस्तुत किया! आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश वैदिक प्रवक्ता पं.विमल कुमार आर्य ने यज्ञ उपरांत उद्बोधन में बताया कि 17 दिसंबर 1927को काकोरी कांड के नायक राजेंद्र नाथ लहड़ी जी से फांसी पर चढ़ने से पूर्व दिवस पर जब उनकी अंतिम इच्छा पूछी गई तो उन्होंने अंतिम इच्छा व्यक्त किया कि --
" मेरी हथकड़ी और बेड़िया खोल दी जाए मैं भागूंगा नहीं मैं स्नान करके अपने गुरु महर्षि दयानंद की तरह ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना व वेद मंत्रो का पाठ करने के बाद संध्या और यज्ञ करूंगा तथा सत्यार्थ प्रकाश पढ़ने के बाद फांसी पर चढूंगा "
   लहिड़ी ने संध्या हवन करने के बाद हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया! उन्हें हंसता हुआ देख कर जेलर ने उनसे पूछा कि आप मरने जा रहे हो फिर भी इतना प्रसन्न क्यों हो?
    लहिड़ी जी ने उत्तर दिया कि --
"मैं फांसी पर चढ़कर मरने नहीं बल्कि स्वतंत्र भारत में जन्म लेने जा रहा हूं"
   प्रभात बेला में उन्हें फांसी दे दी गई! उनके शव को लेने के लिए बाहर बाबू ईश्वरसरन के साथ देश भक्तों की भारी भीड़ खड़ी थी! आर्य वीर दल मध्य प्रदेश के मंत्री विनोद आर्य के पिता व आर्य समाज के पुरोधा महाशय छोटेलाल आर्य लहिड़ी जी के मृतक शरीर को अपनी पीठ पर लाद कर बाहर लाए और जेल के थोड़े दूरी पर ही स्थित नदी के तट पर वैदिक रीति से उनका अंतिम संस्कार किया गया! महाशय छोटे लाल का निवास क्रांतिकारियों का गुप्त मंत्र स्थल रहा लहिडी परिजन इन्हीं के यहा रुके थेअंतिम संस्कार होने  के बाद भी अंग्रेजों ने उनके साथ अत्याचार किया और उनके अंतिम संस्कार स्थल को बूचड़ घाट का नाम दिया लेकिन देश की आजादी के बाद आर्य समाज ने उस घाट का नाम लहिड़ी घाट रखवाया!
     यज्ञ उपरांत मुख्य विकास अधिकारी गोंडा ने यज्ञ ब्रह्मा पं०विमल कुमार आर्य एवं मंडल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामअचल आचार्य व अन्य24 सेनानी परिजनों को शाल व पुष्प भेट कर ने सम्मानित किया सम्मान पाने वालों में प्रमुख माधव राज सिंह धर्मवीर आर्य शास्त्री विनोद आर्य राजेश श्री० रामसरन गुप्ता आदित्य भान सिंह सुरेश चंद्र मिश्र अर्जुन प्रसाद मिश्र अरविंद सक्सेना पूरनलाल कौशल गीता देवी मोहम्मद शकील विजय सिंह बरवार ओम प्रकाश रमेश मिश्रा यदुनाथ यादव बदलू राम रक्षा राम सुधीर कुमार शिव कुमार कौशल विशाल सिंह मयंकसरन कैलाश सम्मानित हुए।
  जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने जिला कारागार की ओर से सभी आए हुए अतिथियों का  आभार व्यक्त करते हुए महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की 200 वी जन्म जयंती की शुभकामना देते हुए अमर सपूत राजेंद्र नाथ लहिडी स्मृति को सदैव चिरंजीवी रखने हेतु भव्य समारोह मेआर्य समाज एवं सेनानी उत्तराधिकारी संगठन प्रभारी  प्रधान शास्त्री विनोद आर्य को माला पहनकर सराहनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया 
शास्त्री विनोद आर्य उद्बोधन में कहां की हम सभी सौभाग्यशाली हैं की महर्षि की 200वीजयंती के साक्षी बने हैं आर्य समाज बड़गांव मंत्री शिवम एडो०गौरक्षा प्रदेश सचिव रेखा श्री०आर्यवीर दल जिला संचालक अमर दीक्षित से संचालक ब्रह्मचारी प्रदीप आर्य खुशबू कनौजिया सुरेश कनौजिया अरविंद गुप्ता स्त्री आर्य समाज मंत्र रानी आभा आर्य मीना गुप्ता उर्मिला त्रिपाठी सत्यवती मोहनी यज्ञसैनी मीरा गुप्ता डॉ०उमा सिंह साहित्यकार उमा सिंह सीआईबी राष्ट्रीय महासचिव डॉ०बी बी मिश्र,बलरामपुर के आर्य वीरों की सहभागिता सराहनीय रहा
  तृप्ति आर्या उद्बोधन में सभी को आमंत्रित करते हुए कहा कि स्त्री आर्य समाज मालवीय नगर गोंडा में23 से 26 दिसंबर2023 वार्षिक उत्सव में आर्य जगत के सुप्रसिद्ध विद्वान आचार्य सोमदेव राजस्थान आचार्य वीरेंद्र शास्त्री सहारनपुर भजनोउपदेशक पं० नरेश दत्त आर्य बिजनौर भूपेंद्र आर्य बिजनौर,महर्षि दयानंद सरस्वती एवं अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आ रहे हैं हम सभी उक्त समारोह में पहुंचकर सत्य सनातन वैदिक धर्म संस्कृति के मूल को जानकर आत्मसात कर जीवन को धन्य बनाएं।

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