*लखनऊ में सरकार पर बरसे वामपंथी नेता**ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा
लखनऊ, संवाददाता। वामपंथी और जनवादी दलों के नेताओं ने बुधवार को महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं, अल्पसंख्यकों व दलितों पर बढ़ते अत्याचार व साम्प्रदायिकता के खिलाफ राज्यस्तरीय रैली में सरकार की आलोचना की। इको गार्डेन में 'संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ' और 'भाजपा हराओ-इंडिया जिताओ' के नारे के तहत आयोजित रैली में सीपीएम के | महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि आज नफरत और हिंसा की राजनीति से पूरा देश त्रस्त है। भाजपा सरकार देश के संविधान, लोकतंत्र, आर्थिक नीतियों, देश की धर्म निरपेक्षता, काम व शिक्षा के अधिकार आदि पर हमले कर रही है। सीपीआई (माले) के महासचिव
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार भारत के संविधान को बदलना चाहती है। फारवर्ड ब्लाक के महासचिव जी देवराजन ने कहा कि यह रैली समय की मांग है। लोकतांत्रिक जनता दल के अध्यक्ष जावेद रजा ने कहा कि 2024 के चुनावों के लिए वोटर लिस्ट का रिवीजन हो रहा है। यह सरकार बहुत से मतदाताओं के नाम हटा देगी। सीपीएम पोलित ब्यूरो की सदस्य
सीपीआई के महासचिव डी राजा ने कहा कि देश की सरकार दलितों, आदिवासियों घर हमला कर रही है। वह दिल्ली सरकार के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलने के लिए संसद में बिल लाती है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को समाप्त कर देती है। वह डबल इंजन की बात करते हैं लेकिन उनका एक भी इंजन ठीक से काम नहीं कर रहा है।
'आदिवासियों पर हमला'
इको गार्डन में आयोजित रैली में डी राजा, जी देव राजन और सीताराम येचुरी
सुभाषिनी अली सहगल, डॉ. गिरीशचंद्र शर्मा, प्रदेश सचिव सीपीएम डॉ. हीरालाल यादव, प्रदेश सचिव सीपीआई अरविंद राज स्वरूप ने भी संबोधित किया।
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