*गोंडा 17 सितम्बर । *आत्म सम्मान ऑदोलन के जनक थे महानायक पेरियार ईवी रामास्वामी**ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो चीफ मंड़ल सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा
पेरियार साहेब का कथन था कि धर्म एक खडयंत्र है। धर्म का आधार अंधविश्वास है। हिन्दू धर्म और जाति-व्यवस्था,नौकर और मालिक का सिद्धांत स्थापित करती है ।उन्होंने वाल विवाह,अशिक्षा, ढोंग-पाखंड का विरोध किया और वैज्ञानिक व्यवस्था,तर्कवाद और बुद्धिवाद,विधवा विवाह के समर्थक थे।भागीरथी मौर्य ने कहा कि अदम्य साहस के धनी थे पेरियार साहेब। राम निवास मौर्य ने कहा कि उनका व्यक्तित्व और कृतित्व हम सबके लिए सदैव प्रासंगिक रहेगा। एएल गौतम ने कहा कि वे मानववाद के प्रतीक थे। शिवानंद मौर्य ने कहा कि पेरियार साहेब अपने आप में एक दर्शन थे। कार्यक्रम में रक्षाराम, किशन कुमार, राजेश, रणवीर, बृजेश, दयाराम, रतन लाल, काशीराम,जया मौर्य,वीरेन्द्र प्रताप, राम करन, विजय गौतम, मंगल प्रसाद, अशोक कुमार, राजेश, सिया राम, कृष्ण कुमार, आनंद कुमार,आनंद जगदेव, राधा, विमला वर्मा,अनिल वर्मा,राम चरित्र, दयाराम यादव, वी.डी.वर्मा निर्मला पासवान, गुरचरन राव,बच्चाराम, सावित्री मौर्य, वीरेन्द्र प्रताप, सविता मौर्य, जगदीश सोनकर, राजेन्द्र प्रसाद, एसएन यादव आदि लोगों ने सहभाग किया।
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