*अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण न रख पाने वाले संजय गुप्ता को मिला नगर कोतवाली में कोतवाल का तोहफा**ब्यूरो चीफ मंडल सुरेश कुमार कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो चीफ मंडल सुरेश कुमार कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोंडा
गोण्डा। लोकतांत्रिक प्रशासन में विधि द्वारा स्थापित भारतीय संविधान को लागू करना व समाज में अपराध को रोकना एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस पर होती है, लेकिन इन जिम्मेदारियों को अक्सर दरकिनार करते हुए पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य विमुखता एवं अमानवीय कृत्यों से समूचे पुलिस तंत्र पर बदनुमा दाग लगा रहे हैं। जबकि कानून एवं राज्य व्यवस्था का सफल संचालन तभी संभव है,जब पुलिस महकमे का हर शख्स अपने कर्तव्यों तथा अधिकारों को भली-भांति समझकर उनका उचित ढंग से निर्वहन करे। विदित हो कि वर्तमान में जनपद के नगर कोतवाल का तोहफा पाने वाले संजय कुमार गुप्ता जो अपने अधीनस्थ पर नियंत्रण न रख पाने के कारण दिनाँक 21 मार्च 2017 से 02 अप्रैल 2017 तक निलंबित रहे थे। अब सवाल ये उठता है कि जो कोतवाल अपने अधीनस्थ पर नियंत्रण नही रख सकता वह आम जनता सहित अपराधियों पर नियंत्रण कैसे रखेगा जो अपने आप मे एक बड़ा सवाल है। आपको बता दें कि अभी हाल में ही पुलिस अधीक्षक गोण्डा अंकित मित्तल द्वारा जनपद में तबादला एक्सप्रेस बहुत तेज़ से दौड़ाई गई। दिनाँक 08/08/2023 के पत्र संख्या एसटी-टी-4-2023 को जो प्रशंसा का विषय बना हुआ है। चूंकि जो थाना/चौकी प्रभारी बहुत दिन से एक ही जगह पर टिके थे उनका ट्रांसफर किया गया और जिनके खिलाफ शिकायत थी या जो लोग अपने आचरण के प्रति काफी गंभीर नही थे उनको सीधा पुलिस लाइन का रास्ता दिखाया गया। लेकिन इन सबके बीच से एक मामला नगर कोतवाल से जुड़ा हुआ है।अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण न रख पाने वाले संजय गुप्ता को नगर कोतवाली में कोतवाल का तोहफा मिला है। अब देखना होता है कि तेज़तर्रार पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल द्वारा जनहित मामलों को गंभीरता से लेते हुए कोई कार्यवाही की जाती है या पूर्व की भांति सब कुछ चलता रहेगा यह तो आने वाला समय ही बता सकता है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें