*अखिल भारतीय शान्ति एवं एकजुटता संगठन ऐप्सो उत्तर प्रदेश**भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा*
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा
लखनऊ- 14 फरबरी 2023, अखिल भारतीय शान्ति एवं एकजुटता संगठन ( ऐप्सो ) की उत्तर प्रदेश इकाई अमेरिकी साम्राज्यवाद और योरोपीय देशों द्वारा पैदा की गयी हथियारों की होड, सैन्य संगठन नाटो ( NATO ) के विस्तार और उसके लिये थोपे गये रूस यूक्रेन युध्द की विभीषिका के खिलाफ तथा विश्व में शान्ति की स्थापना के लिये जन अभियान चलायेगी। 19 फरबरी से शुरू होने वाला यह अभियान 26 फरबरी तक चलेगा। अभियान के तहत उपरोक्त सवालों पर जन- जाग्रति हेतु विभिन्न प्रयास किए जायेंगे और 26 फरबरी को विचार गोष्ठियां और सभाएं आयोजित की जायेंगी। अभियान में समाज के हर क्षेत्र से जुड़े संवेदनशील और जागरूक नागरिकों को शामिल किया जावेगा।
उत्तर प्रदेश में ऐप्सो के पुनर्गठन के उद्देश्य से गठित ‘पहलकदमी समिति’ के संयोजक डा॰ गिरीश ने यहाँ जारी एक बयान में कहा कि अपने आर्थिक संकटों से उबरने को साम्राज्यवादी अमेरिका और योरोपीय देश दुनियाँ के विभिन्न हिस्सों में तनाव का वातावरण निर्मित कर रहे हैं और देशों के बीच युध्द भड़का कर बड़े पैमाने पर हथियार बेच रहे हैं। दुनियाँ के छोटे देशों पर प्रभुत्व जमा कर उनकी लूट के उद्देश्य से सैन्य संगठन नाटो का विस्तार कर रहे हैं और जगह जगह फौजी अड्डे बना चुके हैं। उनके निशाने पर रूस सहित वे देश हैं जिनकी जनता का सशक्तीकरण बढ़ रहा है और जो विश्व की एकध्रुवीयता को चुनौती दे रहे हैं। रूस यूक्रेन युध्द जिसमें जन- धन की भयानक तबाही हो चुकी है अमेरिका और योरोप की इन्हीं प्रभुत्ववादी- लूटवादी नीतियों का परिणाम है।
प्रभुत्ववादी- लूटवादियों ने अपनी सोद्देश्य रणनीति के तहत विश्व के विभिन्न भागों में कई तनाव क्षेत्र निर्मित कर दिये हैं। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव तो था ही अब इजरायल और ईरान के बीच एक और तनाव क्षेत्र खड़ा कर दिया गया है। ताइवान, सीरिया, दक्षिण कोरिया, जापान, लैटिन अमरीकी देशों और अफ्रीकी महाद्वीप में मनमानी दखलंदाजी से तनाव बढ़ाया गया है। अपनी मनमानी और लूट के उद्देश्य से अमेरिका ने अफगानिस्तान, ईराक और लीबिया में जो फौजी कार्यवाहियाँ कीं लोग उन्हें भूले नहीं हैं।
अमेरिका और नाटो देशों द्वारा यूक्रेन में उंडेले जा रहे अत्याधुनिक हथियारों के कारण यूक्रेन- रूस युध्द खतरनाक स्टेज पर जा पहुंचा है। चप्पे चप्पे पर मौजूद एटमी हथियारों के इस युग में किसी भी युध्द के एटमी युध्द में बदल जाने का भारी खतरा है जो सारी दुनियाँ को तवाही और बरवादी के गर्त में धकेल देगा। अतएव शांतिकामी ताकतों को युध्द समाप्त करने को जनमत निर्मित करना होगा। ऐप्सो का यह अभियान इस दिशा में एक लघु प्रयास होगा।
डा॰ गिरीश, संयोजक
पहलकदमी समिति
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