*अखिल भारतीय शान्ति एवं एकजुटता संगठन(ऐपसो)**उत्तर प्रदेश* *दिनांक- 18 फरबरी 2023**भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा*
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा
सेवामें,
साथी हर नारायण सिंह एडवोकेट
3/8 पान दरीबा, अलीगढ़।
प्रिय साथी,
आपसे दूरभाष पर हुयी वार्ता के दौरान आपने अलीगढ़ महानगर में AIPSO के पुनर्गठन का संकल्प जताया। हम आपके इस संकल्प और प्रतिबध्दता का स्वागत करते हैं।
सभी जानते हैं कि आज दुनियां पुनः शीत युध्द की चपेट में है और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में विश्व में अनेकों तनाव क्षेत्र बन गये हैं। रूस यूक्रेन युध्द ने जन धन और पर्यावरण की भारी तबाही तो की ही है, इसके विश्वयुध्द और अंततः परमाणु युध्द में बदलने का खतरा पैदा हो गया है।
इधर तमाम देशों में लोकतंत्र के बावजूद सत्ताएं निरंकुश होती चली जा रही हैं और अपनी निरंकुशता को जारी रखने के लिये जनमानस को धर्म, नस्ल, जाति और क्षेत्रीयता जैसे समाज और शान्ति के लिये घातक मुद्दों में फंसा रही हैं। वे अपने आर्थिक स्वार्थों के लिए दुनियां में अलगाव व विखराव की स्थितियां पैदा कर रही हैं तथा सैन्य गुटबन्दी खड़ी कर हथियारों की होड़ को बड़ा रही हैं।
अतएव विश्व में शांति का प्रश्न, मानव और मानव के बीच एकता का प्रश्न तथा शान्ति और विकास के लिए देश के भीतर और बाहर अवाम के प्रति एकजुटता का प्रश्न आज एक अहम सवाल बन गया है। अतएव इन मुद्दों पर काम करने वाले ऐतिहासिक संगठन Aipso के उत्तर प्रदेश में पुनर्गठन का प्रश्न भी अत्यन्त महत्वपूर्ण बन गया है।
हम अपेक्षा करते हैं कि आप इस महत्वपूर्ण कार्य के लिये शीघ्र और त्वरित पहलकदमी लेंगे। अतएव आपको इसकी अलीगढ़ महानगर इकाई का संयोजक मनोनीत किया जाता है। तदनुसार निम्न कार्य प्राथमिकता के तौर पर अंजाम दें।
1- विभिन्न सामाजिक राजनैतिक सांस्कृतिक और बौध्दिक हस्तियों को मिला कर एक तदर्थ समिति गठित कर राज्य केन्द्र को सूचित करें।
2- महानगर मेंसंगठन का सदस्यता अभियान चलाएं। स्थानीय शाखाएं गठित करें। AMU परिसर की इकाई अलग से गठित की जायेगी जिसके प्रतिनिधि महानगर समिति में शामिल रहेंगे।
3- Aipso की राज्य "पहलकदमी समिति" ने युध्द के विरोध में और शान्ति एकजुटता को बढ़ावा देने को 19 से 26 फरबरी के बीच अभियान चलाने और 26 फरबरी को व्यापक स्तर पर विचारगोष्ठी और सभाएं कराने का निर्णय लिया है। इसे अवश्य संपन्न कराएं।
हर एक्टिविटी को मीडिया और सोशल मीडिया में पर्याप्त रूप से प्रसारित कराएं।
ज्ञातव्य हो कि तदर्थ समिति एक तात्कालिक व्यवस्था है जिसका कार्य सदस्यता करना , शाखाओं का गठन करना और सम्मेलन कराना है।
आशा है विषय की गंभीरता को देखते हुए आप शीघ्र और क्रमबध्द कदम उठायेंगे।
सधन्यवाद।
आपका साथी
डॉ. गिरीश, संयोजक
उत्तर प्रदेशीय पहलकदमी समिति
AIPSO
प्रतिलिपि-
1- प्रोफेसर सुहेब शेरवानी, सदस्य पहलकदमी समिति, उत्तर प्रदेश।
2- साथी इरफान अंसारी, स्थानीय सहयोगी।
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