*लखनऊ ,13 फरवरी 2023**भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय आवाहन पर जनविरोधी केंद्रीय बजट एवं अडानी घोटाले के विरुद्ध पूरे उत्तर प्रदेश में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किए**भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया*




भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा 

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य मुख्यालय से पार्टी के सचिव मंडल की ओर से जारी किए गए एक बयान में पार्टी के राज्य सचिव कामरेड अरविन्द राज स्वरूप ने बताया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय आवाहन के दिन आज, 13 फरवरी को पूरे उत्तर प्रदेश में पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जिलों जिलों में जनविरोधी केंद्रीय बजट एवं अडानी घोटाले के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन आयोजित किए और उक्त संबंध में महामहिम राष्ट्रपति जी को संबोधित ज्ञापन भी प्रस्तुत किया।

जनविरोधी केंद्रीय बजट।

कामरेड अरविन्द राज स्वरूप ने संसद में पेश वर्ष 2023-24 के बजट पर गहरी चिंता व्यक्त करते  हुए कहा कि हमारे देश की संसद में जो आम बजट पेश किया है ।उससे आम जनों किसानों, मजदूरों, युवाओं,  छोटे व्यापारियों का शोषण बढेगा । 
वित्त मंत्री जी ने अपनी प्राथमिकताओं को गिनाते हुए उनको "सप्त ऋषि "परिभाषित किया और अपनी 7 प्राथमिकता बतायी जो हैं समावेशी विकास, आखरी मील तक जाना, इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट ,क्षमताओं को मुक्त करना , हरित विकास, नौजवान तथा वित्त क्षेत्र।परंतु ध्रुव सत्य यह है मोदी सरकार के इस बजट में टेक्नॉलॉजी की प्राथमिकता की बात की  गई है और जनकल्याण सबसे नीचे है ।यही इस  सरकारी प्राथमिकता का ध्येय  है। 

भारत सरकार द्वारा 2023 और 24 के लिये संसद में पेश किया गया बजट पूरी तरह से भाजपा के आका कारपोरेटों के पक्ष में और किसानों, कामगारों ,युवाओं और मध्यवर्ग के हितों के विरूध्द है। बजट में बढ़ती बेरोजगारी को कम करने, अमीरों और गरीबों के बीच दिन ब दिन गहरी हो रही खाई को पाटने, महंगाई को नीचे लाने, मुद्रास्फीति को काबू करने तथा ग्रामीण क्षेत्र की चौतरफा बढ़ रही समस्याओं को काबू में लाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। जमीनी वास्तविकताओं पर ठोस काम करने के बजाय बजट में यह दिखाने का प्रयास किया गया हैl कि भारत की अर्थव्यवस्था में सबकुछ ठीक- ठाक चल रहा है और दुनियां में भारत का डंका बज रहा है।
बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा  गरीबी उन्मूलन तथा समाज कल्याण के लिये आबंटित धन बेहद कम कर दिया गया है, जिससे आम जनता की मुसीबतें और बढ़ेंगी और उन्हें भूख तथा तवाही की ओर धकेलेंगी।
हमारे किसान जब बढ़ी लागतों, फसलों के निम्नतम मूल्य, प्राक्रतिक आपदाओं और सरकारी भ्रष्टाचार को झेल रहे हैं, बजट में क्रषी के लिये आबंटनों को घटा कर मात्र 8500 करोड़ कर दिया गया है। उनकी मदद के लिये कोई कदम नहीं उठाया गया। कर्ज हेतु राशि बढ़ाना उन्हें कर्ज के जाल में फंसाना है।
खाद्य सब्सिडी को रुपये 2॰ 8 लाख करोड़ से घटा कर 1॰ 97 लाख करोड़ कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि गरीबों को मुफ्त राशन देना 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद बंद कर दिया जाएगा। गत बजट में मनरेगा के लिये 89,000 करोड़ रुपये आबंटित किए गए थे, जिसे इस बार घटा कर रुपये 60,000 करोड़ कर दिया गया है।
आयकर में दिख रही छूटों को दूसरी मदों से बसूल करने की तरकीबें भिड़ाई गयी हैं। रुपये की कीमतों में अभूतपूर्व गिरावट और महंगाई ने इन रियायतों को पहले ही निष्प्रभावी कर रखा है। बजट में छोटे और मझोले उद्यमों को दी जाने वाली सब्सिडी के बारे में भी कोई स्पष्टता नहीं है। चुनावी  साल में गुलाबी बजट पेश करने की तमाम कोशिशों के बावजूद यह बजट देश के 80 प्रतिशत नागरिकों पर कुल्हाड़ा चलाते साफ नजर आ रहा है।
बजट के संबंध में नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए 19700 करोड़ का आवंटन किया गया है और जानकार सूत्रों का कहना है कि भारत सरकार की प्राथमिकता में ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी को पन पाने के लिए गौतम अडानी जी उद्यत है

अडानी का  घपला घोटाला  और सरकारी मिली भगत।

देश का बच्चा- बच्चा जानता है कि भाजपा/ आरएसएस की हाइब्रिड सरकार दो पूंजीपति घरानों पर पूरी तरह मेहरबान रहीं हैं और मोदी सरकार के 9 सालों में इन दोनों की संपत्तियाँ सुरसा के बदन की तरह बढ़ती चली गईं। अब विदेशों में हुयी खोज- “हिंडनबर्ग रिसर्च” द्वारा किये गये खुलासों से अडानी के घपले- घोटालों की कलई खुल गयी और पाप की कमाई से खड़ी की गयी दौलत की उसकी लंका लगातार ढहती जा रही है। 
अभी तक अदानी समूह के शेयरों में लगभग 9.44 लाख करोड़ रुपए या उनकी कुल बाजार पूंजीकरण का लगभग 49% घटा है।

मामले के स्पष्ट खुलासे के बाद भी मोदी सरकार सांसदों की समिति से जांच कराने को तैयार नहीं है। न ही प्रधानमंत्री जी ने मुंह खोला है। क्रीत दास की तरह टीवी चेनल्स भी घपलों पर पर्दा डालने में जुटे हैं।
बैंक ,एसबीआई, नें ही अदानी ग्रुप को 27000 करोड़ का कर्ज दिया है और बीमा कंपनी में जमा जनता के धन पर सरकार के समर्थन से डाका  डाला गया है।एलआईसी के द्वारा अडानी ग्रुप को 30127 करोड़ का निवेश करने हेतु धन दिया गया है ।
इस साजिश को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कदापि बर्दाश्त नहीं कर सकती। अतएव बजट में गाँव, गरीबों, किसानों- कामगारों और युवाओं को राहत दिलाने और अडानी और सरकार के नापाक गठजोड़ से हुये घपलों की संसदीय समिति से जांच कराने को भाकपा नें आज 13 फरबरी 2023 को देश भर में और प्रदेश में प्रदर्शन कार्यक्रम संगठित किया है।

उत्तर प्रदेश में हर जिला केन्द्र पर प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति जी को संबोधित ज्ञापन दिये गये हैं।
समाचार लिखे जाने तक विभिन्न जिलो यथा मेरठ , गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर , गोरखपुर,जालोन,गाज़ीपुर,अलीगढ़,जौनपुर,
भदोई ,हाथरस,बाराबंकी,बांदा,औरैया,चित्रकूट,लखनऊ ,मऊ,सुल्तानपुर,आगरा,सोनभद्र,फैज़ाबाद (अयोध्या),गोंडा,फतेहपुर,इलाहाबाद
(प्रयागराज)आदि जिलों में कार्यक्रम संपन्न होने के समाचार प्राप्त हो चुके हैं।
अरविन्द राज स्वरूप
राज्य सचिव
9838001716 WA
9044905796 M
Email: arvindrajswarup@gmail.com
13 02 2023

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