*भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव कामरेड अरविंद राज स्वरुप नें बयान जारी किया रिजर्वेशन बचाओ, महंगाई हटाओ, रोजगार दिलाओ भाजपा भगाओ**भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा*
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा
लखनऊ ,18 जनवरी 2023.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कार्यालय से पार्टी राज्य सचिव मंडल की ओर से राज्य सचिव कामरेड अरविन्द राज स्वरूप नें बयान जारी करते हुए कहा कि आज पूरे प्रदेश में रिजर्वेशन बचाओ, महंगाई हटाओ, रोज़गार दिलाओ,भाजपा भगाओ के नारे पर एक सप्ताह चलाए गए अभियान के समापन पर धरने प्रदर्शन आयोजित किए गए और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रेषित किए गए।
सचिव मंडल की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जब से सत्ता में आई है तब से और 2017 से यूपी की डबल इंजन सरकार जब से बनी हुई है देश की और प्रदेश की जनता पर भारी मुसीबतें आई हुई है।
सरकार उन मुसीबतों से निपटने के लिए सिर्फ एक ही एजेंडा चलाती है और वह है सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और उसका लाभ उठाकर बाकी जन विरोधी कार्य करती है।
विगत दिवस ऑक्सफैम की रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि भारत देश की 40% दौलत देश के 1% धन्ना सेठों के हाथ में केंद्रित हो चुकी और यह सब कुछ भारतीय जनता पार्टी की सरकार की आर्थिक नीतियों के ही कारण संभव हो सका है । इतना ही नहीं यह भी तथ्य प्रकाश में आया है कि जीएसटी में जो सरकार को प्राप्ति हुई है उसमें बड़े-बड़े धन्ना सेठों नें कुल 3 % टैक्स दिया है और बाकी 50 % गरीब जनता ने 64% टैक्स की अदायगी की है ।इस तथ्य से अधिक आंख खोलने वाली कोई बात होती नहीं है।
उक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि अमीरों के मुकाबले गरीब कहीं ज्यादा टैक्स चुका रहे हैं,जीवन के लिए जरूरी चीजों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, महंगाई की भी सबसे अधिक मार वही झेल रहे हैं ।रिपोर्ट ने यह भी बताया की सभी अरबपतियों के पास जितनी संपत्ति है उस पर केवल एक बार के लिए 2% टैक्स लगा दे तो तो 40423 करोड रुपए अर्जित होंगे जिससे भारत में 3 साल के लिए कुपोषितो को भोजन मिल पाएगा।
सचिव मंडल के बयान में कह कहा गया कि सरकार की सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक नीतियों के कारण समाज में विषमता और गरीबी बढी है । सरकार और सरकार को चलाने वाली भारतीय जनता पार्टी एवं आर एस एस की जोड़ी संविधान की भावनाओं को भी आहत कर रही है और इसीलिए वह इतिहास के पुनर लेखन की बात करती है ताकि देश के नौजवानों को सच्चाई पता न लग जाए और राष्ट्रीयता की भी नई परिभाषा गढ़ रही है।
उत्तर प्रदेश में सरकार की नीतियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती है इसलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नें पूरे प्रदेश में पूरे 1 सप्ताह अभियान चलाया और 18 जनवरी को महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
ज्ञापन में रेखांकित किया गया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार वंचितों को वंचित ही रखना चाहती है। इसीलिए आए दिन आरक्षण को समाप्त करने के बयान भाजपा आर एस एस जोड़ी की ओर से दिए जाते हैं और इसके लिए काम किया जाता है। नहीं तो कोई वजह नहीं थी कि 2021 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश आने के पश्चात भी उत्तर प्रदेश की सरकार ने निकाय चुनाव में उन आदेशों के अनुसार आरक्षण नहीं किया और चुनाव को अदालतों में फंसा दिया। अब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया है कि आरक्षण की कार्यवाही की जाए और उसके लिए जो जरूरी है वह किया जाए ।
उसी तरह से महंगाई को भी यह सरकार रोकना नहीं चाहती है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि क्रूड ऑयल के दाम स्थिर होने के बावजूद भी प्रत्येक नर नारी को पेट्रोल और डीजल के भारी दाम देने पड़ रहे हैं और सरकार कोई भी रियायत नहीं कर रही है और ऐसा ही खाने की गैस के साथ हो रहा है।
सरकार जनता को लूट कर अपनी तिजोरिया भर रही है ताकि वह मनमानी कर सके और देश के संसाधनों को बड़े बड़े धन्ना सेठों को सौंप सकें। इसी कारण से उन संस्थानों में नौकरियां समाप्त होती जा रही हैं जो नौजवानों को नौकरियां प्रदान करते थे और वह एक अच्छा जीवन व्यतीत कर सकें, के लिए आशान्वित होते थे।
सरकार इन प्रमुख मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए बड़ी चालाकी से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, राष्ट्रवाद, चीन पाकिस्तान, लव जिहाद ,धर्म परिवर्तन आदि मुद्दे लाती है ।बयान में यह भी नोट किया गया कि जनता अब धीरे-धीरे इन समस्याओं को समझती जा रही है और यह सकारात्मक सामाजिक बात है कि अभी हाल में हुए इलेक्शंस में सिर्फ गुजरात में भारतीय जनता पार्टी जीती है। हिमाचल में ,दिल्ली में ,उत्तर प्रदेश के मैनपुरी और खतौली में भारतीय जनता पार्टी बुरी तरह से हारी है । भारतीय जनता पार्टी को वोट देने वालों ने उसका साथ छोड़ कर दूसरे दलों को वोट किया है। रामपुर की सीट में तो चुनावी धांधली हुई है जिसकी शिकायत प्रत्याशी गण पहले से ही कर रहे थे। मुख्य बात है कि चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का हारने का कारण उसकी सामाजिक,आर्थिक और राजनीतिक नीतियां ही है।
राज्य केंद्र को प्राप्त सूचना के अनुसार आज 1 सप्ताह के अभियान के समापन के पश्चात विभिन्न जिलों में धरना प्रदर्शन करके महामहिम राष्ट्रपति जी को ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से सौंपा गया।
महामहिम राष्ट्रपति जी को सौपे गए ज्ञापन में मांग की गई है और कहा गया है कि आरक्षण बचाओ:भारत का संविधान जाति, धर्म, लिंग, भाषा के आधार पर किसी भी वर्ग में भेद नहीं करता है। लेकिन आज कल जाति, धर्म, लिंग और भाषा के आधार पर ही बीजेपी /आरएसएस की सत्ताधारी सरकार आदमी-आदमी और महिला-महिला के बीच खाई बढ़ाने की पुरजोर कोशिश में दिन रात जुटी है।
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय के चुनाव के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार की रिजर्वेशन विरोधी नीति स्पष्ट हो गई । जब सुप्रीम कोर्ट का 2021 का फैसला था तो उसके आधार पर ओबीसी जातियों का सर्वे क्यों नहीं करवाया गया ?
यह अपने में बड़ा प्रश्न है ! तथा बीजेपी का पर्दाफाश करता है।
भारतीय जनता पार्टी , इनके नेता गण और स्वयं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रिजर्वेशन को ही समाप्त करवा देना चाहते हैं और संविधान और देश के कानून नें जो हज़ारों साल वंचित रहे लोगों को स्थान दिया था उसको छीन लेना चाहते हैं।
बेरोजगारी:आलम यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के द्वारा चाहे केंद्र हो ,चाहे उत्तर प्रदेश , कारखाने बंद किए जा रहे हैं या उनको प्राइवेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है। जिनमें निरंतर रोजगार कम हो रहा है।यहां तक कि लाखों वैकेंसी सरकारी विभागों में है और उनको भी भरा नहीं जा रहा है ।
जो कुछ थोड़ा बहुत एंप्लॉयमेंट है, जो नौकरी मिल रही है वह ठेके पर दी जा रही है और जिस पर वेतन जीनें लायक नहीं है ।जनता को अपार कष्टों में रखा जा रहा है और बेरोजगार नौजवान घर घर बैठा है।
श्री मोदी नें 2 करोड रोजगार नौजवानों को देने का प्रतिवर्ष वायदा किया था। परंतु वह वायदा वायदा ही रह गया ।कभी लागू नहीं हुआ ।सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल पर जो श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आता है में 2022 -23 में 1.42 करोड़ लोगों ने नौकरी पाने के लिए अपने को रजिस्टर किया था। उस काल में जो वैकेंसी थी वह उस पोर्टल पर 71447 दिखाई गई थी । तो स्वयं सरकार का यह आंकड़ा कितनी घनघोर कठिन रोजगार की स्थिति है को प्रदर्शित करता है।
बेरोजगारी के आंकड़े से ही आजीविका संकट का संपूर्ण परिदृश्य स्पष्ट नहीं होता। इसकी वास्तविक स्थिति श्रम भागीदारी दर और लोगों की आय से समझी जा सकती है । नीति आयोग द्वारा जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक में गरीबी रेखा के नीचे उत्तर प्रदेश में 37.79 फीसद लोग है।घनघोर संकटमय स्तिति है।
महंगाई :महगाई निरन्तर बढ़ रही है। एक तरफ देश के धनपति दुनिया के सबसे अमीर लोग हो गए हैं तो दूसरी तरफ 45 फ़ीसदी से अधिक जनता गरीबी की रेखा के नीचे पहुंच गई है और प्रतिदिन का सामान जुटाना या दो वक्त की रोटी नसीब होनें मैं लाले पड़े हुए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है किउत्तर प्रदेश में 11 तारीख से 17 तारीख तक जन जागरण किया है और इन प्रश्नों को जनता के बीच में ले गए हैं। विचार गोष्ठियों के द्वारा ,छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाओं के द्वारा, साइकिल जलूसों द्वारा एवं पर्चा वितरण करके।
18 तारीख को पूरे प्रदेश में एक साथ धरना/ प्रदर्शन करके अपनी मांगों को आपके समक्ष रख रहे हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सोच है कि जब तक इन नीतियों को चलाने वाली सरकार को बदला नहीं जाएगा तब तक उत्तर प्रदेश की जनता के सामने संकट बना ही रहेगा और उसको निरंतर रोजी-रोटी के लाले पड़े रहेंगे और उसके विरुद्ध कुछ ना कुछ होता रहेगा।
कहा गया कि ज्ञापन के द्वारा इन समस्याओं को आपके समक्ष रखते हुए आपसे विनम्र निवेदन कर रहे हैं कि आप अपनी सरकार को निर्देश दें कि वह इन नीतियों को शीघ्रता शीघ्र बदलें ।जब तक यह नीतियां बदली नहीं जाएंगी जनता तो संघर्ष करती ही रहेगी और किसान मजदूरों की पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपने लक्ष्य केलिए निरंतर संघर्ष जारी रखेगी।
समाचार लिखे जाने तक कार्यक्रम और ज्ञापन दिए जाने की, गाजीपुर, मऊ ,जौनपुर, भदोही, झांसी, जालौन, गाजियाबाद ,गौतमबुद्धनगर, कानपुर नगर ,अलीगढ़ ,मथुरा सुल्तानपुर हाथरस महाराजगंज ,से सूचना प्राप्त हो चुकी है।
अरविन्द राज स्वरूप
राज्य सचिव
9838001716
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