*कानपुर 23 जनवरी 2023**कानपुर मजदूर सभा भवन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एक गोष्ठी के रूप में मनाई गई**भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा*






भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा 

आज कानपुर मजदूर सभा भवन में एक गोष्ठी संपन्न हुई और उस गोष्ठी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई तथा उनको याद किया गया ।
इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव कामरेड अरविन्द राज स्वरूप नें गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के अमर उजाला के इंटरनेट से पता लगा  कि कोलकाता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख श्री मोहन भागवत नें नेताजी की जयंती पर एक भाषण दिया है ।
अपने उस भाषण में श्री भागवत ने कहा कि  नेता जी ने अपना सारा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया। नेता जी का जीवन लगभग वनवास में गुजारने जैसा था। उन्होंने अपने जीवन के बहुत से हिस्से वनवास में गुजारे। उन्हें अपना सर्वस्व बलिदान देश के लिए कर दिया। हमको उनके सपनों को पूर्ण करना होगा ।
कामरेड स्वरूप में कहा कि कोई आर एस एस प्रमुख नेता जी को याद करें उससे उन्हें कोई एतराज नहीं है।
परंतु उनके क्या सपने थे? किस मकसद के लिए उन्होंने अपने जीवन को अर्पित कर दिया ? वह महत्वपूर्ण है ! और यह ऐतिहासिक तथ्य है कि नेताजी देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे और देश की आजादी के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिया लेकिन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कोई योगदान नहीं है ,यह एक कड़वी सच्चाई है। असली बात यह है इस घोर पाप को छुपाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महापुरुषों का नाम लेता  है और अपनी सत्ता के बल पर उनके पूरे विचारों की व्याख्या अपनें असहिष्णु विचारों के रंग में करता है।
इसको समझें।
उन्होंने कहा कि आज ही के राष्ट्रीय सहारा अखबार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुत्री अनिता बोस फाफ ने रविवार को एक बयान जारी किया है और उन्होंने अपने पिता के धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी सिद्धांतों पर आधारित भारत के दृष्टिकोण को फिर से बताया है।
उन्होंने कहा कि नेताजी भारत को एक आधुनिक राज्य बनाना चाहते थे ।इसलिए सभी पुरुषों और महिलाओं के लिए शिक्षा उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। वे सभी धर्मों ,जातियों और सभी सामाजिक स्तरों के सदस्यों के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए समस्त अधिकार ,अवसर और कर्तव्य में विश्वास करते थे। वह चाहते थे कि स्वतन्त्र भारत एक धर्मनिरपेक्ष राज्य बने। जहां सभी धर्मों के  सदस्य शांतिपूर्वक और परस्पर सम्मान के साथ रह सके। इन मूल्यों को भारतीय राष्ट्रीय सेना में और उनके अपने कार्यों में अभ्यास किया गया था।
वह समाजवाद से प्रेरित एक राजनेता थे ।जिन्होंने भारत को एक आधुनिक ,आज के संदर्भ में ,सामाजिक लोकतांत्रिक राज्य बनने की कल्पना की थी जिसमें सभी के कल्याण के लिए समान अवसर हों।
अरविन्द राज स्वरूप ने कहा कि  हमको नेताजी के इन विचारों को अपनाना है उन विचारों को नहीं जिनके कहने में कोई सार ही न हो , सत्य ही ना हो।
लोग सचेत रहें।
गोष्ठी को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड राम प्रसाद कनौजिया ,इप्टा के जनरल सेक्रेटरी डॉक्टर ओमेन्द्र कुमार तथा कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड ओमप्रकाश आनंद ने भी संबोधित किया सभी साथियों ने गोष्ठी के अंत मेंनेताजी अमर रहे के नारे लगाए।

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