*18 तारीख से पुरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन करके रोजगार बचाओ, महंगाई बचाओ! भाजपा सरकार हटाओ**भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा*
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा
महामहिम राष्ट्रपति महोदया
राष्ट्रपति भवन
नई दिल्ली
द्वारा जिला अधिकारी
उत्तर प्रदेश
विषय:ज्ञापन।आरक्षण बचाओ! रोजगार बचाओ!महँगाई हटाओ! भाजपा सरकार हटाओ!
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रदेश व्यापी अभियान।
*आदरणीय महोदया*
हम इस ज्ञापन के माध्यम से आपका ध्यान निम्न परिस्थितियों की ओर आकर्षित करवाना चाहते हैं। उस हेतु हम यह ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से प्रेषित कर रहे हैं।
*आरक्षण बचाओ*
यह कि ,भारत का संविधान जाति, धर्म, लिंग, भाषा के आधार पर किसी भी वर्ग में भेद नहीं करता है। लेकिन आज कल जाति, धर्म, लिंग और भाषा के आधार पर ही बीजेपी /आरएसएस की सत्ताधारी सरकार आदमी-आदमी और महिला-महिला के बीच खाई बढ़ाने की पुरजोर कोशिश में दिन रात जुटी है।
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय के चुनाव के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार की रिजर्वेशन विरोधी नीति स्पष्ट हो गई । जब सुप्रीम कोर्ट का 2021 का फैसला था तो उसके आधार पर ओबीसी जातियों का सर्वे क्यों नहीं करवाया गया ?
यह अपने में बड़ा प्रश्न है ! तथा बीजेपी का पर्दाफाश करता है।
भारतीय जनता पार्टी , इनके नेता गण और स्वयं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रिजर्वेशन को ही समाप्त करवा देना चाहते हैं और संविधान और देश के कानून नें जो हज़ारों साल वंचित रहे लोगों को स्थान दिया था उसको छीन लेना चाहते हैं।
बेरोजगारी:
यह कि , आलम यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के द्वारा चाहे केंद्र हो ,चाहे उत्तर प्रदेश , कारखाने बंद किए जा रहे हैं या उनको प्राइवेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है। जिनमें निरंतर रोजगार कम हो रहा है।यहां तक कि लाखों वैकेंसी सरकारी विभागों में है और उनको भी भरा नहीं जा रहा है ।
जो कुछ थोड़ा बहुत एंप्लॉयमेंट है, जो नौकरी मिल रही है वह ठेके पर दी जा रही है और जिस पर वेतन जीनें लायक नहीं है ।जनता को अपार कष्टों में रखा जा रहा है और बेरोजगार नौजवान घर घर बैठा है।
श्री मोदी नें 2 करोड रोजगार नौजवानों को देने का प्रतिवर्ष वायदा किया था। परंतु वह वायदा वायदा ही रह गया ।कभी लागू नहीं हुआ ।सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल पर जो श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आता है में 2022 -23 में 1.42 करोड़ लोगों ने नौकरी पाने के लिए अपने को रजिस्टर किया था। उस काल में जो वैकेंसी थी वह उस पोर्टल पर 71447 दिखाई गई थी । तो स्वयं सरकार का यह आंकड़ा कितनी घनघोर कठिन रोजगार की स्थिति है को प्रदर्शित करता है।
बेरोजगारी के आंकड़े से ही आजीविका संकट का संपूर्ण परिदृश्य स्पष्ट नहीं होता। इसकी वास्तविक स्थिति श्रम भागीदारी दर और लोगों की आय से समझी जा सकती है । नीति आयोग द्वारा जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक में गरीबी रेखा के नीचे उत्तर प्रदेश में 37.79 फीसद लोग है।घनघोर संकटमय स्तिति है।
*महंगाई*
महगाई निरन्तर बढ़ रही है। एक तरफ देश के धनपति दुनिया के सबसे अमीर लोग हो गए हैं तो दूसरी तरफ 45 फ़ीसदी से अधिक जनता गरीबी की रेखा के नीचे पहुंच गई है और प्रतिदिन का सामान जुटाना या दो वक्त की रोटी नसीब होनें मैं लाले पड़े हुए हैं।
महामहिम!
हमने उत्तर प्रदेश में 11 तारीख से 17 तारीख तक जन जागरण किया है और इन प्रश्नों को जनता के बीच में ले गए हैं। विचार गोष्ठियों के द्वारा ,छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाओं के द्वारा, साइकिल जलूसों द्वारा एवं पर्चा वितरण करके। 18 तारीख को पूरे प्रदेश में एक साथ धरना/ प्रदर्शन करके अपनी मांगों को आपके समक्ष रख रहे हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सोच है कि जब तक इन नीतियों को चलाने वाली सरकार को बदला नहीं जाएगा तब तक उत्तर प्रदेश की जनता के सामने संकट बना ही रहेगा और उसको निरंतर रोजी-रोटी के लाले पड़े रहेंगे और उसके विरुद्ध कुछ ना कुछ होता रहेगा।
जब तक इस सरकार को बदला नहीं जाएगा तब तक यही प्रक्रिया चलती रहेगी ।लोगों को रोजी-रोटी रोजगार के लाले पड़े रहेंगे।
*आदरणीय महामहिम !*
इस ज्ञापन के द्वारा इन समस्याओं को आपके समक्ष रखते हुए आपसे विनम्र निवेदन कर रहे हैं कि आप अपनी सरकार को निर्देश दें कि वह इन नीतियों को शीघ्रता शीघ्र बदलें अब तक यह नीतियां बदली नहीं जाएंगी जनता तो संघर्ष करती ही रहेगी और किसान मजदूरों की पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी निरंतर संघर्ष जारी रखेगी।
धन्यवाद सहित।
सादर।
ज़िला सचिव का नाम
एवं हस्ताक्षर
18 जनवरी 2023
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