*निकाय चुनाव बिना आरक्षण के कराने पर भाकपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी।सभी आरक्षणों को समाप्त करने का रास्ता खोलेगा ये फैसला- रद्द हो**भारतीय कमुनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा*
भारतीय कमुनिस्ट पार्टी उत्तर प्रदेश वीडियो प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया गोंडा
लखनऊ- 27 दिसंबर 2022- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि नगर निकायों में आरक्षण के संबंध में आया निर्णय भारतीय जनता पार्टी की चाहतों के अनुकूल है। भाजपा और आरएसएस बुनियादी तौर पर आरक्षण विरोधी हैं और निकाय चुनावों को टालना चाहते हैं। इस फैसले से उसके दोनों लक्ष्य संधान हो रहे हैं।
फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुये भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डा॰ गिरीश एवं राज्य सचिव का॰ अरविन्द राज स्वरूप ने कहा कि बिना आरक्षण के ही चुनाव कराने का आदेश सभी आरक्षणों को समाप्त करने के दरवाजे खोल देगा, जैसा कि भाजपा, आरएसएस और उनके द्वारा पोषित जातीय संगठन समय समय पर उसे समाप्त करने को बयानबाजी और अन्य तिकड़में करते रहे हैं। आरक्षण समर्थक मतदाताओं के भय से भाजपा भले ही आयोग गठित करे अथवा हानि की भरपाई के लिए बयानबाजी करे, ये सभी जानते हैं कि मामले को न्यायालय की दहलीज तक ले जाने के पीछे भाजपा और उसकी सरकार ही है।
ये भी सभी जानते हैं कि हिमाचल, दिल्ली में हुये चुनावों और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में हुये उपचुनावों में अधिकतर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और फिलहाल वह उत्तर प्रदेश में निकाय चुनावों को टालना चाहती है। आरक्षण संबंधी विवाद पर निर्णय ने उसकी सभी मंशायेँ पूरी कर दी हैं।
भाकपा निकाय ही नहीं कहीं भी आरक्षण को समाप्त करने के विरूध्द है और ऐसी चेष्टाओं को कामयाब नहीं होने देगी। आरक्षण समर्थक ताकते निश्चय ही इसे चुनौती देंगी और चुनाव पुनः टल सकते हैं। चेहरा छुपाने को भाजपा और उसकी सरकार भी फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकती है, भाकपा ने आशंका व्यक्त की है।
डा॰ गिरीश, सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
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