*भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल के राज्य सचिव कॉमरेड अरविंद राज स्वरूप ने एक गश्ती बयान जारी**भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया उत्तर प्रदेश गोंडा*
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार कनौजिया उत्तर प्रदेश गोंडा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य कौंसिल के राज्य सचिव कामरेड अरविंद राज स्वरूप में एक गश्ती बयान जारी करते हुए कहा कि विगत दिवस प्रधानमंत्री जी ने 75000 नौजवानों की नियुक्ति के पत्र जारी किए हैं और यह भी घोषणा की है कि आगामी समय में 10 लाख नौकरियां दी जाएंगी।
टीवी न्यूज़ और समाचार पत्रों के अनुसार यह सब नौकरियां और खाली स्थान सरकारी विभागों के हैं जो 2019 में घोषित किए गए थे और टीवी मीडिया ही खुलासा कर रहा है कि गुजरात और हिमाचल के चुनाव को देखते हुए भारत सरकार ने यह नियुक्ति पत्र जारी करने का कार्य संपादित किया है । पिछले 8 सालों में ऐलान अभी तक क्यों नहीं किए गए थे यह सब तो पुरानी नौकरी है।
नई नौकरी तो होती जब इनके साथ ही 2022 की भी वैकेंसी की घोषणा कर दी गई होती,
पर अभी उसके लिए एक जुमले की घोषणा ही की गई है।
आमतौर से सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र डाक द्वारा अभ्यर्थियों को प्राप्त होते हैं और वह जाते हैं और अपनी नौकरी के लिए रिपोर्टिंग करते हैं। क्योंकि पिछले 8 वर्षों से प्रधानमंत्री के सिर्फ जुमले ही होते रहे हैं ।नौजवानों को दो करोड़ रोजगार उपलब्ध करवाना झूठ और फरेब ही अभी तक रहा है।
समाज में नौजवानों की भीषण बेरोजगारी है। इसलिए उस नाराजगी को दूर करने के लिए भारत सरकार ने यह नवीन प्रक्रिया प्रारंभ की है। जिसमें नौकरियों के नियुक्ति पत्र सरकार के प्रधानमंत्री और मंत्री गण बांट रहे हैं।
सरकार के हवाले से यह भी कहा गया है कि निर्माण और पर्यटन दो ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें बहुत बड़ी संख्या में रोजगार मिलते हैं इस पर भी प्रश्न उठता है क्या प्रधानमंत्री जी और उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि दोनों क्षेत्रों में मिलने वाले रोजगार में वही वेतनमान और सुविधाएं दी जाएंगी जो सरकारी डिपार्टमेंट में सरकारी कर्मचारियों को देय होती हैं ।
आमतौर से देखा गया है कि संस्थाओं में ठेके पर ही काम होता है ।कहने को तो रोजगार मुहैया करवाया गया पर ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह और सामाजिक सुरक्षा में बेहद कमी होती है ।इसलिए यह प्रश्न है। सरकार इस पर भी अपना स्पष्टीकरण दें।
स्पष्ट है कि सरकार की मंशा आगामी वर्षों में दस लाख नौकरियां देने की घोषणा 2024 के इलेक्शन को मद्देनजर रखकर की गई है ।
आया
कामरेड स्वरूप ने कहा चाहे सरकार कितना भी कहे पर नौजवानों को यह समझ में आ चुका है कि भारत सरकार के पास नौकरियां की मंशा है ही नहीं ।
सिर्फ बयानात है ।
यह बयान भI तब है ,क्योंकि अभी भारत में राज्यों के चुनाव होते रहते हैं और 5 वर्षों में लोकसभा के भी चुनाव होते हैं तो यह उसका दबाव है । जिन नौजवानों को कार्य मिलेगा वह तो प्रसन्नता की बात है परंतु इस समय इस घोषणा के पीछे भारतीय जनता पार्टी का दर्शन और कार्यप्रणाली वह है जिसका उल्लेख इस बयान में किया गया है अन्यथा भारत सरकार और श्री नरेंद्र मोदी ,प्रधानमंत्री जी, किस दबाव को मानते हैं ?
कामरेड स्वरूप नें प्रदेश की जनता का आवाहन किया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से की जा रही होशियारी से चैतन्य रहे और देश के हित में दोनों ही प्रदेशों में और 2024 के लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उसके सबसे बड़े नेता नरेंद्र मोदी को चुनाव में परास्त करें और एक ऐसी सरकार का निर्माण करें जो जनता की मांगों को उनकी आकांक्षाओं को पूरी कर सके और जनता परस्त वेकल्पिक आर्थिक नीतियां जिसका लक्ष्य हो।
अरविन्द राज स्वरूप
राज्य सचिव
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