*थानाध्यक्षों द्वारा प्रधानों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार पर मंत्री ने डीएम को लिखा खत**ब्यूरो मंंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो मंंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोंडा
गोण्डा-थानाध्यक्षों द्वारा ग्राम प्रधान प्रतिनिधियों से अभद्रता तथा दुर्व्यवहार के मामले को संज्ञान में लेकर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने डीएम बलरामपुर के नाम पत्र लिखकर जन प्रतिनिधियों को सम्मान देने की बात कही है। और यह पत्र तेजी से वायरल हो रहा है। प्रदेश सरकार में उद्यान,कृषि विपणन,कृषि विदेश व्यापार तथा कृषि निर्यात दिनेश प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी बलरामपुर के नाम लिखे गए पत्र में कहा है कि थानाध्यक्षों द्वारा ग्राम प्रधान प्रतिनिधियो से अभद्रता व दुर्व्यवहार किया जाता है, निर्वाचित सदस्यों की इच्छा के विपरीत दबाव बनाया जाता है, जो अनुचित है जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों का मनोबल न गिरे और पुलिस 'मित्र पुलिस की भूमिका में व्यवहार करें। पत्र में उन्होंने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि थानों और तहसीलों में पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान किया जाये। लेकिन जनपद बलरामपुर के कई थानो, तहसीलों से ऐसी शिकायतें प्रायः आयी है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओ, प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों का सम्मान थानो / तहसीलों में नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि होते है और अपने गांवो की समस्याओं के निस्तारण में थाना / तहसीलों में जाने की आवश्यकता पडती है। थानेदार, तहसीलदार स्तर के अधिकारियों के सी०यू०जी० फोन पर भाजपा के मण्डल अध्यक्षों, ग्राम प्रधानों के नम्बर फीड हों। इनके फोन आने पर सम्मान दिया जाय केवल अपनी जरूरत के लिए ही नहीं इनकी जरूरत पर भी अगर इनको सम्मान दिया जाएगा तो प्रशासनिक एवं पुलिसिंग व्यवस्था में ये अच्छे सहायक सिद्ध हो सकेंगे।
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