*ग्राम पंचायत कुंवरपुर अमरहा में जांच करने पहुंची टीम को मिली भारी गड़बड़ी**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोंडा*






ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोंडा

(बिना कार्य कराए ही हुआ लाखों रुपयों का भुगतान,जांच का दायरा बढ़ने से हो सकता है बड़े पैमाने पर सरकारी धन के फर्जी भुगतान एवं बंदरबांट का खुलासा)
                                                                                                                         कर्नलगंज, गोण्डा। तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड हलधरमऊ के ग्राम कुंवरपुर अमरहा में बिना कार्य कराये विकास कार्यों के नाम पर फर्जी तरीके से सरकारी धन के आहरण कर बंदरबांट किये जाने संबंधी भ्रष्टाचार की शिकायत पर जांच करने पहुंची टीम को स्थलीय निरीक्षण में मौके पर काफी खामियां मिली। वहीं कई कार्यों पर बिना कार्य कराए शासकीय धन के फर्जी तरीके से भुगतान किए जाने और बंदरबांट का मामला सामने आया। जबकि फर्जीवाड़े की पोल खुलनी शुरू होते ही जांच टीम के अधिकारी संपूर्ण बिंदुओं पर जांच व स्थलीय निरीक्षण ना कर कुछ अभिलेख अपने कब्जे में लेकर चले गए। जिससे मामला काफी चर्चा में है और ग्राम पंचायत में जांच का दायरा बढ़ने से बड़े पैमाने पर शासकीय धन के फर्जी भुगतान और बंदरबांट का खुलासा हो सकता है।                                                मामला विकास खंड हलधरमऊ के ग्राम पंचायत कुंवरपुर अमरहा का है, जहां ग्रामीण नंदकुमार पुत्र रामसजीवन ने जिलाधिकारी को शपथपत्र देकर आरोप लगाया था कि ग्रामपंचायत में प्रधान व ग्राम सचिव की मिलीभगत से बिना कार्य किये शासकीय धन का काफी मात्रा में फर्जी भुगतान किया गया है। जिस पर डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार व पंचायत विभाग के अधिकारियों ने मौक़े का मुआयना किया। जहां जांच में कुछ जगहों पर पाया गया कि बिना कार्य के भुगतान किया गया है। प्राथमिक विद्यालय में समर सेबुल के नाम पर 67000 हज़ार रुपये का भुगतान किया गया परंतु मौके पर समर सेबुल का कार्य नही कराया गया है। तालाब जीर्णोद्धार के नाम पर वित्तीय वर्ष 2018- 19 में मनरेगा योजना के तहत लाखों रुपयों का भुगतान कराया गया वहीं उसी तालाब का जीर्णोद्धार कार्य दर्शाकर वित्तीय वर्ष 2021-22 में बिना कार्य कराए पुनः लाखों रुपयों का भुगतान अधिकारियों द्वारा कर दिया गया। वहीं गांव में लाला के खेत से शौकत के घर तक बिना मिट्टी पटाई किये मनरेगा से भुगतान किया गया है। यही नहीं भ्रष्टाचार का आलम यह है कि इस ग्राम पंचायत के अलावा दूसरी ग्राम पंचायत में स्थित सड़क की पटरी पर बिना कार्य कराए फर्जी भुगतान मनमाने तरीके से कर दिया गया। जबकि शिकायत कर्ता व ग्रामीणों के अनुसार जांच अभी पूर्ण रूप से नही हुई है। वहीं यदि गहनता से संपूर्ण बिंदुओं पर जांच की जाय तो ऐसे कई कामों पर बिना कार्य कराए बड़े पैमाने पर लाखों रुपयों के सरकारी धनराशि के फर्जी भुगतान का मामला सामने आ सकता है । 

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