*भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश22, कैसर बाग, लखनऊ- 226001* *सभी राज्य काउंसिल सदस्यों एवं जिला सचिवों के नाम आवश्यक परिपत्र**दिनांक-5फरबरी,2022 क्रांतिकारीअभिन**ब्यूरो मंड़ल प्रभारी सुरेश कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोण्डा*




ब्यूरो मंड़ल प्रभारी सुरेश कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोण्डा

उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों के चुनाव शुरू हो चुके हैं। भाकपा ने उत्तर प्रदेश में केन्द्रीय निर्देशों का अनुपालन करते हुए 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का निश्चय किया है।एक दो को छोड़ सभी सीटें घोषित हो चुकी हैं और फार्म-A और फार्म-B(टिकिट) भी दिये जाचुके हैं।
इस तरह अब हम चुनावी प्रक्रिया के कठिन दौर से गुजर रहे हैं। अतएव अब समस्त जिलों को चाहे वहां चुनाव लड़ा जा रहा हो या न लड़ा जा रहा हो बिना एक भी पल गंवाये चुनावों की प्रक्रिया का हिस्सा बनना है।
जिन जिलों में चुनाव लड़ा जा रहा है, वहां सारी पार्टी को चुनाव में जुटना चाहिये। चुनाव क्षेत्र की और जिले की कार्यकर्ता बैठकें आयोजित कर सभी को चुनावों में जुटाना चाहिये। पार्टी को स्वयं फंड आदि की व्यवस्था कर प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव अभियान चलाना चाहिये। प्रत्याशी पर निर्भर नहीं रहना चाहिये। साथ ही राज्य को दिये जाने वाले फंड का कोटा भेजा जाना चाहिए। उससे कोई जिला मुक्त नहीं है।
जिन जिलों में चुनाव नहीं लड़ा जा रहा है वहां के साथियों को भी चुनाव लड़ने वाले जिलों की तरह ही सक्रियता का प्रदर्शन करना चाहिये। अधिकाधिक फंड एकत्रित कर राज्य का कोटा तुरन्त भेजा जाये। अपने खर्च और साधनों के बल पर आसपास के चुनाव क्षेत्रों में टीमें भेजी जायें। हमेशा याद रहे कि हमारे यहां प्रत्याशी नहीं, अपितु पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है।
अक्सर देखा जाता है कि जो जिले अपना एक प्रत्याशी भी नहीं उतार पाते वे दूसरे दलों को समर्थन देने को आतुर रहते हैं। नामांकनों से पहले ही समर्थन देने के लिये चिल्लपों मचाना शुरू कर देते हैं। ये एक संकीर्ण और खतरनाक भटकाव है। लोकतंत्र में हमें और हमारे कार्यकर्ताओं को वोट देना ही होता है। मगर इसके लिये राज्य के निर्देशों का इंतजार करना चाहिए। ज्यादा जोर पार्टी के चुनाव अभियान पर होना चाहिये।
इस बार बड़ी रैलियां अथवा सभायें कम ही हो पायेंगीं। अतएव जहां चुनाव लड़ा जारहा है वहां अधिक जोर मतदाताओं से सीधे संपर्क पर रहना चाहिये। अपने वोटों की संख्या बढ़ाने को कई क्षेत्रों में सघन कार्य किया जाना चाहिए। नीति और मुद्दे आधारित पर्चे अधिकाधिक बांटे जाने चाहिये। बूथ प्रबन्धन पर खासा जोर दिया जाये। राज्य केन्द्र ने प्रचार के लिए वीडियो जारी किया है। उसका अधिकाधिक स्तेमाल किया जाये।
पार्टी सदस्यता नवीनीकरण 1 नवंबर से वाकायदा शुरू हो चुका है। सभी जिलों को नवीनीकरण सामग्री पहले ही भेजी जा चुकी थी। अच्छी बात है कि जिलों से नवीनीकरण शुल्क और चार्ट राज्य केन्द्र पर आना शुरू हो गए हैं। राज्य कार्यकारिणी ने 31 जनबरी तक राज्य केन्द्र पर जमा करने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक अनेक जिलों का नवीनीकरण नहीं आ पाया है। इसे गंभीरता से लिया जाये और सदस्यता शुल्क, चार्ट और चुनाव फंड शीघ्र से शीघ्र राज्य केन्द्र पर जमा कराये जायें।
चूंकि चुनाव प्रक्रिया शुरू होचुकी है, अतएव लेखा जोखा चुनाव आचार संहिता के अनुसार तैयार किया जाता है। अतएव सदस्यता शुल्क या चुनाव फंड  बैंक में  कैश के रूप में न डाला जाये। एकाउंट to एकाउंट ट्रांसफर किया जाये या चेक से ट्रांसफर किया जाये। इस संबंध में पार्टी ट्रेजरर का. प्रदीप तिवारी जी से 9415001578 पर बात की जा सकती है। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी जारी किया था।
गत दिनों कोरोना के कारण चार्ट आदि जमा करने के मामले में छूट दे दी गयी थी। अबकी बार पूर्व की भांति चार्टों के साथ ही नवीनीकरण लिया जायेगा।
राज्य कार्यकारिणी  ने सदस्यता के साथ साथ चुनाव फंड एकत्रित करने का आह्वान किया था तथा अधिक से अधिक चुनाव फंड जमा कर 10 जनबरी तक राज्य कार्यालय पर आवश्यक रूप से जमा करने का निर्देश दिया था। अधिकांश ने निर्णय पर अमल नहीं किया। ये अच्छी बात नहीं है। अब तुरन्त भेजें।
राज्य कार्यकारिणी ने फंड का जो खाका तैयार किया था, उसे गत सरकुलर्स में भेजा गया था। उसे पुनः दोहराया जा रहा है। ये दरें हैं-
A- राज्य सचिव मंडल सदस्यों, राष्ट्रीय परिषद सदस्यों और पूर्व विधायकों से रुपये 5000/-
B- राज्य कार्यकारिणी सदस्यों एवं जन संगठनों के अध्यक्ष, सचिवों पर रुपये 3000/- AISF और AIYF के अध्यक्ष, सचिवों पर केवल एक एक हजार प्रत्येक पर।
C- राज्य काउंसिल सदस्यों, जिला सचिवों से रुपये 1000/-
D- जिलों से प्रति सदस्य 10 रुपये की दर से।
E- जन संगठनों तथा सहयोगी संगठनों को अलग से धन इकट्ठा करना चाहिये और पार्टी में जमा करना चाहिए।
F- जिन जिलों को चुनाव लड़ना है वे और अधिक तत्परता से फंड इकठ्ठा कर शीघ्रातिशीघ्र राज्य कार्यालय पर जमा करें। वे इस कोटे से मुक्त नहीं हैं।
अच्छी बात है कि कई साथियों और जिलों ने अपना कोटा जमा कर दिया है। शेष सभी साथी अपना निजी कोटा तथा जिला सचिव जिलों का कोटा शीघ्र राज्य केन्द्र पर जमा करें।
पुनः दोहराया जा रहा है कि राज्य कार्यकारिणी ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में चुनाव लड़ा जाना है उस जिले के सारे पार्टी संगठन को चुनावों में सक्रिय भूमिका निभानी है। और जिन जिलों में चुनाव नहीं लड़ा जाना उन्हें अपनी पूरी ताकत समीपस्थ जिलों में लगानी है। एक एक साथी और शाखा को इस यज्ञ में आहुति देनी है। जन संगठनों को भी बैठक कर अपनी भूमिका निभाना तय करना चाहिए।
जहां भाकपा अथवा वामदल चुनाव नहीं लड़ रहे हैं वहां ऐसे प्रत्याशी को मौन समर्थन देना है जो भाजपा को हरा सकता हो और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक दल से हो। चूंकि हम प्रदेश में 40 के लगभग सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, अतएव अपने चुनाव क्षेत्रों में किसी तरह का भ्रम न फैले अतः हम न तो किसी के पक्ष में बयान देंगे, न किसी को अपना झंडा देंगे और नहीं खुल कर प्रचार करेंगे। ये रणनीति पहले से चली आ रही है और राज्य कार्यकारिणी ने इस पर मजबूती से अमल करने का निर्देश दिया है। 
अतएव उक्त रीति नीति के अनुपालन हेतु जिला काउंसिल की बैठक कर एक एक सीट का मूल्यांकन कर निर्णय लें, राज्य केन्द्र से परामर्श करें और तदनुसार आचरण करें।  मुख्य जोर भाकपा की सफलता पर देना है।
आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि आप उपर्युक्त के संबंध में हर पल सक्रिय रहेंगे।
क्रांतिकारी अभिवादन के साथ।
आपका साथी 
डा. गिरीश, राज्य सचिव।

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