*मंडी समिति कर्नलगंज में करोड़ों के घोटाले का हैरत अंगेज कारनामा* *आडिट में हुआ खुलासा, करोड़ों डकार गये जिम्मेदार**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोण्डा*

ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोण्डा

गोण्डा कर्नलगंज उत्तरप्रदेश में जहां एक तरफ योगी सरकार भ्रष्टाचार पर नियंत्रण कर प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के आये दिन दावे कर रही है नकेल कसने में जुटी हुई है वहीं उनके अधीनस्थ जिम्मेदार पदों पर आसीन अधिकारी एवं कर्मचारी मलाई काटने से बाज आने को तैयार नहीं हैं जिनके कारनामे सरकार की निरंकुश कार्यप्रणाली  को उजागर करते हुए सरकार के दावे की पोल खोल रहे हैं।                                                                    उदाहरण के तौर पर तहसील मुख्यालय कर्नलगंज स्थित मण्डी समिति के कर्मचारियों द्वारा किये गये बड़े घोटाले को देखा जा सकता है,जिससे यह स्पष्ट लग रहा है कि इन भ्रष्टाचार में जकड़े बेखौफ घोटालेबाजों को शायद योगी के डन्डे का भी डर नहीं रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डी समिति कर्नलगंज के तत्कालीन सचिव तथा उनके मातहत कर्मचारियों की मिलीभगत से विभाग को करोड़ों रुपये का बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहीं इस गोलमाल घोटाले का खुलासा तब हुआ जब विभागीय ऑडिट शुरू हुई वहीं आडिट में यह बड़ा घोटाला प्रकाश में आया तो यहाँ के जिम्मेदारों की शातिराना चाल देखकर जांच अधिकारी भी आश्चर्य चकित रह गये। जिसमें उपनिदेशक प्रशासन राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ज्योति यादव ने मामले को गंभीरतापूर्वक लिया और मण्डी समिति में तैनात घोटालेबाज अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विभाग को पहुंचाये गये नुकसान की भरपाई हेतु 15 दिसंबर 2021 तक डेडलाइन दी गई। बताया जाता है कि उक्त घोटाले में शामिल तत्कालीन मंडी सहायक हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव तथा प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का कोविड संक्रमण काल में निधन हो चुका है। बताते चलें कि बीते वित्तीय वर्ष 2013-14 से वर्ष 2020-21 की विभागीय आडिट विभागीय संप्रेक्षक दल मण्डी परिषद लखनऊ द्वारा विगत 7 सितंबर 2021 से 10 सितम्बर 2021 के मध्य हुई आडिट के बाद विभागीय विशेष संप्रेक्षण आख्या से यह ज्ञात हुआ कि मण्डी समिति कर्नलगंज के जिम्मेदारों द्वारा बड़े चालाकी के साथ रुपए 2,25,17,043 का विभाग को चूना लगाया गया है। विभागीय आडिट में यह खुलासा हुआ कि मंडी समिति के कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों से बगैर मण्डी शुल्क लिये ही उन्हें गेट पास जारी कर दिया गया। इस घोटाले में विभागीय नुकसान की भरपाई हेतु उपनिदेशक प्रशासन द्वारा 27 नवम्बर 2021 को नोटिस जारी करके गबन राशि को शीघ्र जमा करने का कड़ा निर्देश जारी कर कहा गया कि मामले में दोषी सभी कर्मचारियों के सभी प्रकार के देय जो विभाग द्वारा किया जाना है,को तुरन्त रोक दिया जाय। इसी के साथ निर्देश में कहा गया कि दोषी कर्मचारियों द्वारा जब तक विभागीय क्षति की भरपाई नहीं की जाती है तब तक इन सभी के सेवानिवृत्त संबंधी भुगतान व अन्य कोई भुगतान नहीं किया जायेगा।

# अभी हो सकते हैं और खुलासे#

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कर्नलगंज मंडी परिषद में कई और भी बड़ेेेे खुलासे हो सकते हैं जो अभी लोगोंं की नजर से ओझल हैं। मंडी समिति में पकड़े गये घोटाले में तत्कालीन मण्डी सचिव मोहम्मद इसराइल,स्व० प्रमोद कुमार श्रीवास्तव,अमरनाथ मण्डी सहायक,स्व०हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामदीन पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है। उक्त मामले में प्रभारी सचिव राजेश सिंह का कहना है कि यदि आरोपी कर्मचारियों द्वारा 15 दिसम्बर तक गबन राशि नहीं जमा की गई तो सभी आरोपियों को एक नोटिस देने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया जायेगा।

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