*कानून को ताक पर रख दबंगों ने किया पत्रकार के घर में घुसकर हमला परिवार के कई लोग घायल* *कोतवाली में पत्रकार घायलावस्था में गिड़गिड़ाता रहा। डीएम ने लिया संज्ञा*ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/नगर संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोंड*




ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/नगर संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोंडा

गोण्डा - कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे भाजपा सरकार में ऐसे कुछ पुलिसकर्मी भी है जो मामले की जानकारी के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं करी और बड़ी घटना का इंतजार करने लगे आखिर कार्रवाई न करने का नतीजा रहा ग्राम मधईपुरवा (दसिया पुर )थाना कोतवाली देहात का जहा दीपावली के सुबह ही पत्रकार प्रमोद पाण्डेय के भाई के ऊपर जाएं लेवा हमला विपक्षियों के द्वारा बोल दिया गया भाई को मार खाते देख पत्रकार व उसके परिवार के लोग बचाने दौड़े तो दबंग विपक्षियों ने महिलाओं सहित बुजुर्ग सहित घर के लोगों को मार मार कर लहुलुहान कर दिया वहीं पत्रकार जब घायलों को लेकर थाने पहुंचा तो थाने करीब घंटों बिठाए रखा जिसकी जानकारी जब पत्रकार संगठनो को हुई तो पत्रकार समाज कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष व ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला महामंत्री मौके पर पहुंचे उसके उपरान्त भी थाने में हिला हवाली चल रही थी जिसपर जिलाध्यक्ष ने डीएम को इस घटना की जानकारी दी तब जाकर मुकदमा दर्ज कर घायलों को मेडिकल हेतु जिला अस्पताल भेजा गया।
मामला कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के (मधईपुर)दसिया पुर निवासी पत्रकार प्रमोद कुमार पांडेय द्वारा कोतवाल को घटना के एक दिन पूर्व ही जानकारी दिया गया था,कि मेरे व परिवार के ऊपर विपक्षियों द्वारा कभी भी बड़ी घटना कारित किया की जा सकती है। लेकिन कोतवाल संतोष तिवारी द्वारा आश्वासन देकर वापस लौटा दिया गया। जिसके दूसरे दिन दीपावली  की सुबह करीब आठ बजे पत्रकार का छोटा भाई दूध लेने के लिए निकला ही था कि विपक्षियों ने तलवार व लोहे की रॉड और फरसे से लगातार वॉर करना शुरू कर दिया। घटना देखकर परिवार के अन्य सदस्य बचाने दौड़े।जिसमें औरतों सहित कई लोगों को भी गम्भीर रूप से घायल कर दिया। घायलावस्था में पत्रकार कोतवाली देहात पहुंचा लेकिन कोतवाल अपने आवास से बाहर नहीं निकले।जानकारी पाकर वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र लाल गुप्ता जिलाध्यक्ष पत्रकार समाज कल्याण समिति व ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला महामंत्री भी थाने पहुँचे तब तक कोई कार्यवाही नहीं कि गई थी।तद्पश्चात जिले के तमाम पत्रकार आ गए।लेकिन थाने के पुलिस कर्मियों द्वारा टालमटोल की बातें की जा रही थी।यह सब देखकर नरेंद्र लाल गुप्ता पत्रकार द्वारा जिलाधिकारी को थाने से ही दूरभाष पर घटना को बताया गया। जानकारी मिलते ही डीएम ने थाने के संबंधित पुलिस कर्मी से बात की और तत्काल मेडिकल जांच कराकर मुकदमा पंजीकृत करने को कहा तब जाकर पत्रकार सहित अन्य घायलों का मेडिकल जांच हुआ और मुकदमा पंजीकृत किया गया। पूर्व सूचना पर कार्यवाही न करने से जनपद के पत्रकारों में कोतवाल संतोष कुमार तिवारी के रवैये से काफी रोष व्याप्त है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा के कार्य शैली पर भी सवालिया निशान उठ रहा है। कहीं न कहीं जनपद के थानों को ढीली कार्यवाही व टालमटोल के कारण सरकार के साथ साथ सूबे के मुखिया की भी छवि धूमिल होती दिखाई दे रही है।

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