*आयुक्त ने की श्रम विभाग की योजनाओं की मंडलीय समीक्षा**हर प्रकार के असंगठित कर्मकारों का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए - आयुक्त**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोण्डा*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/प्रमुख संवाददाता खुशबू कनौजिया गोण्डा
गोण्डा आयुक्त, देवीपाटन मंडल श्री एस०वी०एस० रंगाराव ने आयुक्त कार्यालय सभा कक्ष में श्रम विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक में 45 प्रकार के असंगठित कर्मकारों के पंजीयन के संबंध में निर्देशित किया है कि *विभागवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्रत्येक असंगठित क्षेत्र के प्रत्येक प्रकार के कर्मकारों का पंजीयन कराना सुनिश्चित किया जाए*। इसके लिए उन्होंने मंडल के सभी जिला अधिकारी को पत्र प्रेषित किए जाने तथा उनकी अध्यक्षता में मंडल स्तरीय अधिकारियों की बैठक करने के भी निर्देश दिए हैं। ताकि मंडल के असंगठित कर्मकारों को संचालित योजना का लाभ मिल सके।
आयुक्त द्वारा बैठक में असंगठित कर्मकारों के प्रकार व पंजीयन के बारे में जानकारी प्राप्त करने पर उपश्रमायुक्त रचना केसरवानी ने बताया कि असंगठित क्षेत्रों के कर्मकारों की सूची में 45 प्रकार के कर्मकार हैं, जिनके अंतर्गत
धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर कोरी जुलहा, रिक्शा चालक, घरेलू कर्मकार, कूड़ा बीनने वाले कर्मकार, हाथ ठेला चलाने वाले कर्मकार, फुटकर सब्जी, फल-फूल विक्रेता, चाय, चार्ट ठेला लगाने वाले, फुटपाथ व्यापारी, हमाल कुली, जनरेटर /लाइट उठाने वाले, कैटरिंग में कार्य करने वाले, फेरी लगाने वाले, मोटर साइकिल/ साइकिल मरम्मत करने वाले, गैरेज कर्मकार, परिवहन में लगे कर्मकार, ऑटो चालक, सफाई कर्मचारी, ढोल /बाजा बजाने वाले, टेंट हाउस में काम करने वाले, मछुआरा, तांगा/ बैल गाड़ी चलाने वाले, अगरबत्ती कुटीर उद्योग बनाने वाले कर्मकार, गाड़ीवान, घरेलू उद्योग में लगे कर्मकार, भडभूजे, पशुपालन, मत्स्य पालन ,मुर्गी बत्तख पालन में लगे कर्मकार, दुकानों में काम करने वाले ऐसे मजदूर जो पी0ए 0 व ई0 एस0आई0 आवर्त न हो, खेतिहर कर्मकार, चरवाहा दूध दुहने वाले, नाव चलाने वाले ,(नाविक), नट- नटनी, रसोईया, हड्डी बीनने वाले,(हार्ड बिन्नी,), समाचार पत्र बांटने वाले (हाकर), ठेका मजदूर (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत एवं बोर्ड में कार्यरत आउटसोर्सिंग के कर्मकार एवं भविष्य निधि योजना में शामिल ठेका मजदूरों को छोड़कर), खड्डी पर कार्य करने वाले ( सूत रंगाई ,कताई धुलाई आदि), दरी, कंबल, जरी, जरदोजी चिकन कार्य, मीट शॉप एवं पोटरी फार्म पर कार्य करने वाले, डेयरी पर कार्य करने वाले श्रमिक, कांच की चूड़ी एवं कोच उत्पाद में स्वरोजगार कार्य करने वाले कर्मकार आते हैं। उन्होंने संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि पंजीकृत असंगठित कर्मकारों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना वश मृत्यु हो जाने अथवा दिव्यांग होने की दशा में उनके वारिस को अधिकतम धनराशि 200000 की आर्थिक सहायता दे होगी। इसी प्रकार मुख्यमंत्री जन योजना के अंतर्गत पंजीकृत असंगठित कर्मकार एवं उनके परिजनों को रु0 500000 तक कैशलेस इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया के बारे में बताया कि पात्र कर्मकार आवश्यक अभिलेख के साथ नजदीकी जन सुविधा केंद्र अथवा कार्यालय उप श्रमायुक्त देवीपाटन मंडल सिविल लाइन गोंडा अथवा सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर अथवा बोर्ड के पोर्टल ई- श्रम पर स्वयं भी पंजीकृत कर सकते हैं।
आयुक्त ने बैठक में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की प्रगति की भी समीक्षा की, जिसके अंतर्गत गत माह तक मंडल की अद्यतन प्रगति 29 हजार 914 है। जिसमें गोंडा में 9085, बलरामपुर में 5270, बहराइच में 12546 तथा श्रावस्ती में 3013 की अद्यतन प्रगति है। अभी मुख्यालय स्तर से कोई लक्ष्य आवंटित नहीं हुआ है।
इस अवसर पर उपश्रमायुक्त रचना केसरवानी, मंडल के श्रम प्रवर्तन अधिकारी तथा जनपद के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।
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