*भाजपा_मुक्त_उत्तर_प्रदेश_बनाने_को_गंभीर_प्रयास_करेगी_भाकपा**राज्य कार्यकारिणी बैठक में कई मुद्दों पर हुयी गहन चर्चा**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/नगर संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोण्डा*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया/नगर संवाददाता शिव कुमार कनौजिया गोण्डा
लखनऊ- 8 अगस्त 2021, उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष के प्रारंभ में होने जारहे विधान सभा चुनावों में पार्टी की भागीदारी एवं तैयारियों पर चर्चा करने हेतु भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की एक दिवसीय बैठक इलाहाबाद के वरिष्ठ श्रमिक नेता का॰ नसीम अंसारी की अध्यक्षता में संपन्न हुयी। बैठक को पार्टी के केन्द्रीय सचिव अतुल अंजान ने भी संबोधित किया। राज्य सचिव एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डा॰ गिरीश ने देश और प्रदेश के मौजूदा हालातों रिपोर्ट प्रस्तुत की। सहसचिव का॰ अरविन्दराज स्वरूप ने सांगठानिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। सहसचिव का॰ इम्तियाज़ अहमद (पूर्व विधायक) सहित राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया।
बैठक के निष्कर्षों की जानकारी देते हुये राज्य सचिव डा॰ गिरीश ने कहाकि कारपोरेट घरानों और धनवानों के हितों की पोषक, गरीब और सामान्यजनों के हितों पर निरंतर चोट कर रही, संविधान और लोकतन्त्र पर हमलावर एवं खुलेआम समाज को बांटने के काम में जुटी केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकारों से जनता आजिज़ आ चुकी है। 2022 में उत्तर प्रदेश और 2024 में केन्द्र सरकार को क्रमशः हटाना जरूरी है।
भाकपा राज्य कार्यकारिणी ने कहाकि वह 2022 के चुनावों में ‘भाजपा मुक्त उत्तर प्रदेश’ बनाने के लिये गंभीर प्रयास करेगी। इसके लिये वह वामपंथी दलों की एकजुटता के साथ ही सभी प्रासंगिक एवं प्रभावी लोकतान्त्रिक शक्तियों की एकता के लिये काम करेगी। विपक्ष के वोटों का विखराव कम से कम हो इसके लिये अभियान चलायेगी। भाकपा खुद सभी सीटों पर न लड़ कर संतुलित संख्या में अपने उम्मीदवार उतारेगी।
डा॰ गिरीश ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी ने राज्य नेत्रत्व को अधिक्रत किया है कि वह सीटों के चयन की प्रक्रिया तेज करे। तदनुसार सभी राज्य कार्यकारिणी सदस्यो को निर्देश दिया गया है कि वे जिलों की जिला काउंसिल एवं आम कार्यकर्ता बैठकें आयोजित कर 10 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट राज्य केंन्द्र को भेजें। सितंबर के मध्य में राज्य काउंसिल की बैठक की जायेगी जिसमें चुनावों की तैयारी पर और व्यापक रूप में चर्चा की जायेगी।
राज्य कार्यकारिणी बैठक में महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, निजीकरण, कोरोनाकाल में लोगों के जीवन- रोजगार आदि की रक्षा करने में असफलता, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, छात्र- छात्राओं को शिक्षा से वंचित करने, संविधान और लोकतन्त्र पर हमलों, जर्जर कानून व्यवस्था और समाज को बांटने की भाजपा और संघ की कोशिशों आदि सवालों पर सरकार को घेरने एवं उसके खिलाफ संयुक्त और स्वतंत्र आंदोलन करने पर बल दिया गया।
इस मुद्दे पर गहन चर्चा करने को प्रदेश के वामपंथी दलों का नेत्रत्व कल आन लाइन बैठक कर निर्णय लेगा।
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