*युवक ने खोजी ऐसी तकनीक, डबल माइलेज देने लगी बाइक,लोगो की लगने लगी लाइन CM योगी ने दिया पुरस्कार**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया गोंडा*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया गोंडा
उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति लीटर माइलेज देने वाली आपकी बाइक अगर एक लीटर में इससे दोगुना माइलेज देने लगे तो! अगर आप इसे मजाक समझ रहे हैं तो ठहरिये। असंभव लगने वाले इस काम को संभव कर दिखाया है कौशाम्बी के विवेक कुमार पटेल ने। विवेक ने जुगाड़ तकनीक से वो कर दिखाया है जो करने के लिये कंपनियों ने ऑटोमोबाइल इंजीनियरों की फौज लगा रखी है। उन्होंने फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम में मामूली बदलाव कर गाड़ी का माइलेज दोगुना कर दिया है। माइलेज दोगुना होने से पेट्रोल पर आने वाला खर्च भी घटकर आधा रह जाएगा। विवेक को इंतजार है उस पल का जब ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञ उसकी इस तकनीक पर मुहर लगा दें। हालांकि अंकुश ने उसके पहले ही अपने इस अविष्कार के पेटेंट के लिये आवेदन किया है।
*सीएम योगी ने दिया था 25000 का पुरस्कार*
उनकी इस सफलता के लिये विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से उन्हें 25 हजार रुपये का नवोन्मेषक पुरस्कार दिया दिया गया, जो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें खुद अपने हाथों से 23 अक्टूबर 2018 को दिया था। शुरुआती सफलता और पुरस्कार ने विवेक के हौसलों को पंख दिये और वो जी जान से इसी में जुट गए। आखिरकार उन्होंने फ्यूल इंजेक्शन तकनीक पर आधारित ‘कार्बोरेटर जेट’ ईजाद किया, जिसकी मदद से दोपहिया वाहन का माइलेज दोगुना बढ़ाया जा सकता है।
उनकी इस जुगाड़ तकनीक की चर्चा हर तरफ होने लगी। उनका कहना है कि वो अब तक करीब 500 दोपहिया वाहनों में अपना बनायया कार्बोरेटर जेट फिट कर चुके हैं। जेट लगवाने वाले कई चालकों का कहना है कि इसके लगाने के बाद उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। हालांकि कुछ इंजन पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में अगर ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ इसे मंजूरी दे देते हैं तो ये आशंका भी खत्म हो जाएगी।
दरअसल दोपहिया वाहनों में फ्यूल इंजेक्शन तकनीक से इंजन में पेट्रोल जाता है और वाष्पीकृत होकर इंजन को चलाता है। विवेक बताते हैं कि इनमें जो कार्बोरेटर जेट लगे होते हैं उसके सबसे निचले हिस्से में करीब दो एमएम का छेद होता है। इससे आधा पेट्रोल बर्बाद हो जाता है। उन्होंने इसमें बदलाव करते हुए उस छेद को बंद कर ऊपर आधे से एक एमएम के दो छेद कर दिये। इससे पेरे पेट्रोल का इस्तेमाल होता है और माइलेज बढ़ जाता
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