*गोंडा पेड़ से बांधकर युवक को पट्टे से पीटने वाला थानेदार हुआ महफूज, सिपाहियों पर गिरी गाज**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया जिला क्राईम संवाददाता शिव कुमार द्विवेदी गोंडा*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया जिला क्राईम संवाददाता शिव कुमार द्विवेदी गोंडा
गोण्डा : जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गुरेटी के निवासी राजन सिंह व उनके भाई सूरज सिंह को 307 आईपीसी मुकदमे में गलत दबाव ना मानने से तिलमिलाए थानेदार सुधीर सिंह ने दिनांक 13 जून को पेड़ से बंधवाकर अपने सहयोगी सिपाही वीपी पाल व अंकित सिंह के साथ मिलकर निर्दयता पूर्वक पट्टों से पीटा था, जिसमे जांच के दौरान थानेदार को छोड़कर सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है जिससे पुलिसिया कार्यवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूरे मामले पर नजर डालें तो राजन सिंह का कहना था कि लगभग 02 वर्ष पूर्व पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही लोगों से मारपीट हुई थी जिसमे उसे गोली लगी थी, जिसमे दर्ज हुए 307 आईपीसी मुकदमे में गलत दबाव ना मानने से तिलमिलाए थानेदार सुधीर सिंह ने दिनांक 13 जून को शाम 7 बजे के करीब उसे व उसके भाई सूरज सिंह के साथ ही भांजे अजय व विजय को पुलिस भेजकर उठवा लिया, इसके बाद 14 जून को सुबह उठने के बाद बेखौफ थानेदार सुधीर सिंह ने दोनो भाईयों को पहले पेड़ मे बंधवाया उसके बाद मानवाधिकार की धज्जियां उड़ाते हुए थाने के सहयोगी वीपी पाल व अंकित सिंह के साथ मिलकर सैंकड़ों पट्टों की बरसात करते हुए सारी हदें पार कर दी थी। इतना ही नही पीड़ित के मुताबिक उसे और भी धमकियां देते हुए शाम को 151 सीआरपीसी के तहत उसका चालान कर दिया गया था। बताते चलें कि इस प्रकरण को लेकर अपने कार्यकाल मे माने जाने तेजतर्रार आईपीएस रह चुके समाज सेवी अमिताभ ठाकुर ने भी गंभीरता से लिया था, उन्होंने अपने ट्विटर एकाउंट पर यह मामला ट्वीट करते हुए डीजीपी ,एडीजी आदि कई संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही की बात कही थी। जिसकी जांच सीओ कर रहे थे। मामले की जांच कर रहे सीओ द्वारा आखिरकार 02 सिपाहियों को दोषी पाए जाने पर उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है जबकि ज्यादा पट्टे मारने वाला आरोपी थानेदार महफूज हो गया।
*पुलसिया कार्यवाही पर खड़े हुए सवाल*
मामले मे पुलिस विभाग द्वारा पुलिस कर्मियों को ही दोषी मानकर लाइन हाजिर किया गया है जबकि घर से उठवाने से लेकर पट्टे मरने तक का खेल थानेदार द्वारा खेला गया है। पीड़ित का साफ साफ आरोप है कि एसओ ने ही पेड़ में बंधवाकर पहले खुद मारा है फिर सिपाहियों से पिटवाया है। ऐसे में थानेदार को छोड़कर सिपाहियों को ही लाइन हाजिर करना पुलिसिया कार्यशैली पर बड़ा सवाल कर रहा है। बहरहाल अब जांच अडिशनल एसपी शिवराज द्वारा किया जा रहा है।
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