*करनैलगंज थानेदार की तानाशाही ,पति को हफ्ते हवालात में रख चरित्रहीन पत्नी के संग रहने को किया मजबूर**काम से लौटे युवक ने आशिक के साथ रंगरलियाँ मनाते देख दोनो को किया था पुलिस के हवाले**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया ब्यूरो चीफ खुशबू कनौजिया गोंडा






ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया ब्यूरो चीफ खुशबू कनौजिया गोंडा

गोण्डा। योगी की पुलिस अब थानेदारी नहीं तानाशाही करती है।तभी तो चरित्रहीन पत्नी व उसके प्रेमी को रंगरलियाँ मनाते रंगे हाथों पकड़ कर दोनो को पुलिस के हवाले करते ही पति ने मानो बड़ी आफत ही मोल ली।करनैलगंज के तानाशाह थानेदार ने तानाशाही दिखाते हुये थानेदारी को ताक पर रख लगभग पांच दिन बिना किसी जुर्म के हवालात में बंद कर जबरन उसे पत्नी संग रहने को मजबूर कर दिया।जबकि,एस डीएम द्वारा लिये गये बयान में उसने प्रेमी के साथ रहने के लिये सहमति जताई थी।पुलिस के इस रवैये से आहत हवालात में बंद युवक के भाई ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच कर न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस अधीक्षक को दिये अपने तहरीर में करनैलगंज के भंभुआ चौकी क्षेत्र स्थित मौहर पूरे गोसाई पुरवा निवासी पीड़ित सोनू कुमार पुत्र शम्भूदयाल ने करनैलगंज के तानाशाह थानेदार संतोष कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुये बताया कि,उसका छोटा भाई मोनू काम के सिलसिले में अयोध्या जनपद गया हुआ था तथा घर पर उसकी पत्नी ललिता अकेली थी।बीती 03 जून की रात्रि जब वह गाँव में आयोजित शादी समारोह से वापस घर आया तो देखा ललिता के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था और ललिता तथा विवियापुर गोसाई गाँव निवासी अजय गोस्वामी पुत्र रमेश दोनो आपत्तिजनक अवस्था में बिस्तर पर थे,जिसे देख पहले से ही उसकी इस हरकत से आजिज सोनू ने दरवाजा बंद कर डायल 112 को सूचना दे दी।मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने दोनो को भंभुआ चौकी पुलिस को सौंप दिया।पीड़ित के मुताबिक यहाँ से शुरू हुआ खेल।भंभुआ प्रभारी ने दोनों को कोतवाली करनैलगंज भेज दिया ,जहाँ से शुरू हुआ कोतवाल का काला खेल तथा मामले की जानकारी होने पर जब 05 जून की शाम 05 बजे मोनू कोतवाली पहुँचा व पत्नी की आये दिन करने वाली इस हरकत पर उसके साथ रहने से मना कर दिया तथा वह प्रेमी के साथ ही रहने की जिद पर अड़ गई।पर प्रेमी अजय पहले से ही शादीशुदा होने के चलते उसे अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। आरोप है कि,कोतवाल ने अपनी गरिमा से इतर अजय से मिली भगत कर जबरन उसे उसके पति के साथ भेजने का प्रयास करने लगे,जिस पर मना करने पर मोनू को तानाशाह कोतवाल ने हवालात में बंद कर जबरन उसे ले जाने हेतु शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने लगे।बावजूद उसने चरित्रहीन पत्नी को ले जाने से मना कर दिया।इस पर आग बबूला थानेदार का कहर बेबस पर टूटने लगा।उधर उसकी पत्नी मायके वालों व एसडीएम शत्रुघ्न पाठक के सामने दिये अपने बयान में पति के साथ रहने से इनकार कर प्रेमी अजय के ही साथ रहने की बात कही, तो उन्होंने उसे उसके बालिग़ होने के चलते उसके स्वतंत्रता पूर्वक प्रेमी के साथ रहने का आदेश जारी कर दिया।बावजूद इसके कुर्सी के मद में चूर कोतवाल एसडीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुये उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।वहीं सूत्रों के मुताबिक मामले की मीडिया में खबर जाने पर कोतवाल द्वारा आनन-फानन में जबरन मारपीट कर मोनू को ललिता के साथ जबरन घर ले जाने की बात कहीं अन्यत्र भेजने का प्रयास किया जा रहा है तथा ललिता की तहरीर पर अजय के विरूद्ध मुकदमा लिखकर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
क्या कहते हैं कोतवाल?
वहीं इस प्रकरण के बावत जब थानेदार संतोष कुमार सिंह से जानकारी चाही गई ,तो वह उखड़ते हुये कहने लगे यहाँ किसी को नहीं रखा गया है। सब बेबुनियाद है,पति व पत्नी अपनी मर्जी से रोज कोतवाली आ-जा रहे हैं ,उन्होंने कहा कि,महिला का प्रेमी नहीं ले जा रहा है,पति भी मना कर रहा है।अगर महिला ने कुछ आत्मघाती कदम उठा लिये तो कौन जिम्मेदार होगा।इस पर जब कहा गया कि,चरित्रहीन पत्नी को जबरन पति को रखने के लिये मजबूर किया यदि कल वह पति की हत्या करा दे तब कौन होगा जिम्मेदार। इस पर कोतवाल ने फोन काट दिया व दोबारा मिलाने पर उठाया भी नहीं
।बहरहाल कोतवाल की इस हरकत पर मामले का झोल साफ नजर आ रहा है।

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