*प्रदेश सरकार की गलत नियति एवं दोषपूर्ण नीतियों के कारण वित्तविहीन शिक्षक भुखमरी के कगार पर**आर्थिक तंगहाली का दंश झेल रहे वित्तविहीन शिक्षक**ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया जिला संवाददाता शिव कुमार द्विवेदी गोंडा*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया जिला क्राईम संवाददाता शिव कुमार द्विवेदी गोंडा
उत्तर प्रदेश सरकार जहां हर वर्ग को अपने साथ लेकर चलने का दम भर रही है तथा सबका साथ सबका विकास का नारा डंके की चोट पर गला फाड़ फाड़ के चिल्ला रही है तो वहीं वित्तविहीन शिक्षकों का एक वर्ग ऐसा भी है जो प्रदेश सरकार की गलत नियति एवं नीतियों के कारण आर्थिक तंगहाली का दंश झेल रही है।
वित्तविहीन शिक्षक प्रबन्धतंत्रीय विद्यालयों में छात्रों को शिक्षित कर भारत के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं और छात्रों के द्वारा दी गई फीस से अपनी आजीविका चला रहे थे। लेकिन कोरोना काल में लाक डाउन के चलते छात्रों द्वारा फीस न जमा करने के कारण वित्तविहीन शिक्षकों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों को प्रमोट किए जाने से फीस नहीं जमा हुई जिसके कारण शिक्षकों को सैलरी नहीं मिल पा रही है
प्रदेश सरकार वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में ना रखते हुए गलत निर्णय लिया है। जिसका खामियाजा वित्तविहीन शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।प्रदेश सरकार को वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित के लिए आवश्यक ठोस कदम उठाने होंगे। जिससे आर्थिक तंगहाली का शिकार हुए वित्तविहीन शिक्षकों के परिवारों को भुखमरी से बचाया जा सके।
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