#*कोरोना का पुनः प्रसार-#भाकपा ने केन्द्र और राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया*




   ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया गोंडा

लखनऊ-  8अप्रेल 2021, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव मंडल ने उत्तर प्रदेश और देश में कोरोना के पुनः प्रसार के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की गंभीर लापरवाहियों को जिम्मेदार ठहराया है। कोरोना की पुनः जबरदस्त छलांग की जिम्मेदारी अब फिर से जनता के ऊपर थोपी जारही है और उसे प्रताड़ित करने को सारी ताकत झौंक दी है, पार्टी ने आरोप लगाया है।

यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव मंडल ने कहा कि अब कोरोना सरकार के लिए नया नहीं है और उससे हम पूरे एक साल से सुपरिचित हैं।

जब वैज्ञानिक और चिकित्सक कोरोना के जारी रहने की चेतावनियां देरहे थे और विदेशों में कोरोना की दूसरी लहर ने पैर फैलाना शुरू कर दिये थे, उतर प्रदेश और केन्द्र की सरकार कोरोना पर काबू पा लेने का आभास दे रहे थे। उनकी लचर कार्यवाहियों ने जनता को भी लापरवाह बना दिया।

 प्रदेश सरकार के मुखिया ने इस बीच अधिकांश समय अन्य राज्यों में चल रहे चुनावों में भाजपा के  प्रचार में लगाया। कोरोना से निपटने के लिए गठित अधिकारियों की टीम बैठकों तक सीमित होगयी। सफाई- सैनिटाइज़ेशन का काम रोक दिया, राजनेता और अधिकारी राजनीतिक गतिविधियों, उत्सवों में कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां बिखेरते दिखे तो आम जनता भी उनका अनुकरण करती नजर आयी।

इस बीच देश में बने टीके का निर्यात किया जाता रहा और बहुत धीमी रफ्तार से टीकाकरण किया गया। अब तक देश प्रदेश में 10 प्रतिशत भी टीकाकरण नहीं हुआ जबकि इसे युध्द स्तर पर चलाये जाने की जरूरत थी/ है। जांच का काम लगभग ठप कर दिया गया।

इस बीच राज्य में एक भी नया अस्पताल नहीं बना। अब नतीजा सामने है।  बड़े शहरों में सरकारी अस्पतालों में जगह नहीं बची। लोग या तो घरों पर रह कर इलाज कराने को मजबूर हैं अथवा निजी अस्पतालों में लाखों देकर भी अव्यवस्थाओं को झेलने को मजबूर हैं। 

राजधानी लखनऊ तक में  शवों की अंत्येष्टि के लिए कई कई घण्टे लाइन लगानी पड़ रही है। चार साल में योगी सरकार ने एक भी विद्युत शवदाह गृह नहीं बनवाया। 

अब दवाओं के गायब होने और बलैकखोरी की खबर मिल रहीं हैं।

सरकार या तो चुनाव प्रचार में दिखती है या टीवी-  अखबारों के विज्ञापन में अथवा गोदी मीडिया की चिंघाडों में। जमीनी स्तर पर सरकार सिर्फ अपनी कथित कामयाबियों का जश्न मनाते अथवा जनता पर जुल्म ढाते दिखती है, भाकपा ने आरोप लगाया है।

अब पुनः आर्थिक गतिविधियां ठप करने वाले कदम उठाये जा रहे हैं जिसकी सजा मजदूरों, रोज कमा कर खाने वालों , किसानों और  व्यापारियों को भुगतनी पड़ेगी। जनता के अधिकारों को पुलिसिया बूटों के तले रौंदा जाने लगा है।

भाकपा ने राज्य और केन्द्र सरकार को आगाह किया कि अब भी समय है कि वह नाटक खोरी बन्द करे, अपनी असफलताओं को जनता पर थोपना बन्द करे और जनता के जीवन और जीवनयापन की रक्षा करने को हर संभव और बाजिव कदम उठाये।

#डा. गिरीश

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