ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया ब्यूरो चीफ खुशबू कनौजिया गोंडा

  *कोविड संक्रमण के दृष्टिगत जनपद न्यायाधीश ने अदालतों के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश- सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण*

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गोण्डा की सचिव सुश्री सुषमा ने बताया है कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशों के क्रम मेें  कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत माननीय जनपद न्यायाधीश, गोण्डा श्री मयंक कुमार जैन द्वारा जिला न्यायालयों व अधीनस्थ अधिकरण के लिए नया दिशा-निर्देश जारी किया गया हंै। 
यह जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय, विशेष न्यायाधीश एससीध्एसटी एक्ट, विशेष न्यायाधीश ई.सी. एक्ट, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट, विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सिविल जज (सी0डि0), सिविल जज (जू0डि0) के न्यायिक अधिकारी द्वारा भौतिक रूप वर्चुवल के माध्यम से लम्बित नवीन जमानतें, लम्बित नवीन अग्रिम जमानतें, प्रकीर्ण आवश्यक आपराधिक प्रार्थना पत्र, आवश्यक सिविल प्रार्थना पत्र जैसे निषेधाज्ञा से संबंधित मामले, विचाराधीन बन्दियों से सम्बन्धित न्यायिक रिमाण्ड कार्य, अन्य सभी वाद-प्रकरण, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा शीघ्र निस्तारण हेतु दिशा-निर्देश दिया गया हो एवं अन्य मामले जिसमें माननीय जनपद न्यायाधीश अथवा अधिकरणों, परिवार न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा आवश्यक एवं उचित दिशा-निर्देश जारी किया गया हो, की सुनवाई, निस्तारण किया जायेगा। माननीय उच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों को रोटेशन के आधार पर न्यायिक कार्य दिये जाने की सम्भावना तलाशने का निर्देश दिया है। 
    माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जिला अदालतों को ई-मेल आईडी तैयार करने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता इसी ई-मेल के जरिए जमानत प्रार्थना पत्र व अन्य प्रार्थना पत्र दाखिल करेगें। ई-मेल से भेजे जाने वाले प्रार्थना पत्रों में अधिवक्ता व वादकारी का नाम, मोबाइल नम्बर, ई-मेल आईडी आदि अनिवार्य रूप से उल्लिखित करना होगा। कंप्यूटर सेक्शन ई-मेल से प्राप्त प्रार्थना पत्रों को डाउनलोड कर लिस्ट तैयार करेगा। जूडिशियल सर्विस सेंटर को नवीन वादध्प्रार्थना पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रकार प्राप्त सभी प्रार्थना पत्र सीआईएस पर अपलोड किये जायेगें। कंप्यूटर सेक्शन को वकीलों, वादकारियों  और सम्बन्धित लोगों को ई-कोर्ट एप की जानकारी मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। 
     माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अदालत में सिर्फ चार कुर्सियां ही रखी जायेगीं। न्यायालय गेट पर सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी। अदालत के स्टाफ द्वारा न्यायालय कक्षों में पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं की न्यूनतम संख्या रखने तथा कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन आवश्यक रूप से कराया जाए। समस्त वादकारी अधिवक्तागण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तथा मास्क का प्रयोग करते हुए जनपद न्यायालय ट्रिब्यूनल में प्रवेश करेंगे। माननीय जनपद न्यायाधीश को बार एसोसिएशन के सदस्यों से वार्ता कर कामकाज करने का तरीका निश्चित करने के लिए कहा गया है। जहां तक संभव हो जेट्सी मीट सॉफ्टवेयर के माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुकदमों की सुनवाई करने के लिए कहा गया है। वीडियो लिंक सम्बन्धित अधिवक्ता, वादकारी और अभियोजन को शेयर किया जायेगा। इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गयी कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश जनपद न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट  पर भी उपलब्ध है।

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