*शिविर कार्यालय देवीपाटन परिक्षेत्र गोण्डा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए आयोजित योग शिविर का हुआ समापन।*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौजिया गोण्डा
आज दिनांक 07-03-21 शिविर कार्यालय देवीपाटन परिक्षेत्र गोंडा में आयोजित पांच दिवसीय निःशुल्क योग चिकित्सा एवं ध्यान शिविर का समापन योगाभ्यास के बाद हुआ।
पांच दिनों तक चले इस योग शिविर में नित्य की तरह आज भी योगाचार्य सुधांशु द्विवेदी द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को योगाभ्यास व नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई ।
*योगाचार्य सुधांशु द्विवेदी* ने कहा कि आज के भाग दौड़ की जिंदगी के साथ-साथ खान-पान के कारण लोग तरह-तरह के बीमारियों से घिरते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि योग हमारी आयु को बढ़ाता है और साथ ही हमारे शरीर में एक ऐसी स्फूर्ति पैदा करता है कि हम इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में बिना थके,बिना रुके अपने काफी काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मन की शांति के लिये योग के माध्यम से मन को पूर्ण रुप से स्वस्थ रखना और साथ ही इस समूचे प्रदूषित वातावरण में योग के माध्यम से हम अपनी दैनिक दिनचर्या को नियमित एवं सुचारु बना सकते है।
*पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र डॉ राकेश सिंह व पुलिस अधीक्षक गोण्डा* द्वारा कर्मचारियों को स्वस्थ तन-मन का मूल मंत्र दिए उन्होंने कहा कि हमे नियमित रुप से योगाभ्यास करना चाहिए। योग से शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास भी होता है। हम अपने जीवन नियमित योग करके काफी हद तक बीमारियों से निजात पा सकते हैं।
*पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री शैलेश कुमार पाण्डेय* ने अपने सम्बोधन के दौरान कहा कि योग ही एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा आप अपने सम्पूर्ण आंतरिक व बाह्य अंगो को आजीवन सक्रिय रख सकते है। योग हमारे ऋषियों मुनियो व पूर्वजो की अनन्त विरासत है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या में से थोड़ा समय निकालकर योगाभ्यास प्रतिदिन करना चाहिए। इससे व्यक्ति मानसिक रोगों के साथ साथ शरीर मे होने वाले विभिन्न रोगों और दवाओं से मुक्ति पा सकता है। *योग शिक्षक आशीष गुप्ता व आदर्श गुप्ता* द्वारा बताया गया कि नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से पाचन संस्थान संबंधित रोगों का जड़ से निदान हो सकता है। इसके माध्यम से मनुष्य एक स्वस्थ एवं लम्बा जीवन जी सकता है, एवं साथ ही साथ इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में होने वाले तनाव से भी मुक्ति पा सकते है।
योगाभ्यास में उपस्थित समस्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का स्वास्थ्य प्रशिक्षण कराया गया।
शिविर के समापन में समस्त कर्मचारियों ने मुख्य अतिथियों को *औषधी पौधे* देकर सम्मानित किया।
योग शिविर के दौरान चतुर्थ श्रेणी महिला व पुरुष कर्मचारियों के बच्चे भी उपस्थित रहे।
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