*ईट भट्टों पर बाल श्रम रोक पाना नहीं है आसान* *योगेश दीक्षित बालश्रम, बच्चों से स्कूल जाने का अधिकार छीन लेता है और पीढ़ी दर पीढ़ी गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर नहीं निकलने देता*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोण्डा जनपद में थमने का नाम नहीं ले रहा है ईट भट्टों पर बाल मजदूरी।जहां बाल मजदूरी तथा शोषण की निरंतर मौजूदगी से देश की अर्थव्यवस्था को खतरा होता है और इसके बच्चों पर गंभीर अल्पकालीन और दीर्घकालीन दुष्परिणाम होते हैं जैसे शिक्षा से वंचित हो जाना और उनका शारीरिक व मानसिक विकास ना होने देना। गोंडा उतरौला मार्ग पर 16 किलोमीटर के पूरब धानेपुर 8 उद्योग /अब्बू ईट भट्टे पर कई बच्चे बाल मजदूरी करते हुए देखे गए। उनके परिजनों से यह पूछे जाने पर कि तुम अपने बच्चों से मजदूरी क्यों करवाते हो अभी उनकी उम्र पढ़ाई लिखाई करने व खेलने कूदने की है । उस पर उनके परिजनों द्वारा बतलाया गया कि हम लोग पूरे परिवार के साथ यहां पर कार्य कर रहे हैं बच्चों के लिए भट्ठा मालिक के द्वारा कोई व्यवस्था ना करवाने के कारण हमारे बच्चे हमारे कार्य में सहयोग करते हैं ।
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