*घाघरा की कटान में अपना सब कुछ गवा चुके लोगों ने एक बार फिर आवाज उठाई*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोंडा ऐली परसोली विकासखंड बेलसर तहसील तरबगंज जनपद गोंडा में जहां लगभग 129 किसान मजदूरों का घर समेत सब कुछ घाघरा में समा गया सब ग्रह हीन हो गए और अगल-बगल किसानों से शरण लेकर या बंधे के अगल-बगल उसके मकानों में बाल बच्चों सहित गुजर-बसर कर रहे हैं कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मदद मांग चुके हैं लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि उन्हें वादा तो कर देते हैं लेकिन सारा मुआवजा बंदर बांट कर खा लेते हैं इन गरीबों में जिसमें अधिकांश निषाद जो पिछड़ी जाति से आते हैं उनमें से कुछ को अभी 4100 रुपए मिला है आज तक कोई उनकी दशा देखने मौके पर नहीं गया वहां से निर्वाचित हुए उसके बगल भी जहां बसे वहां भी कटान आज भी जारी है और वहां से भागकर बंधुओं पर जाना चाहते हैं वहां भी जमीदार उन्हें छप्पर रखकर निशुल्क नहीं रहने दे रहे हैं । गांव जो आवाद ग्राम था उसके घर खेत खलिहान अब कहां हैं कैसे हैं कैसे जी रहे हैं कोई देखने सुनने नहीं जाता । आज पता चला कि मौके पर आज तक ग्राम प्रधान भी नहीं गए एटक के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष सत्यनारायण त्रिपाठी एवं सुरेश कनौजिया मंडल अध्यक्ष के साथ एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर गया और उस स्थान पर कटान को देखा और उनकी दुर्दशा का हाल जाना और उन्हें ढाढस बंधाया। एटक के द्वारा कुछ मांगे रखी गई जो निम्नवत है जिनके घर उजड़ गए उन्हें बचाने तथा प्रधानमंत्री आवास की तुरंत सबसे अधिक जरूरत और पात्रता है।उन्हें घर और खेत का समुचित मुआवजा अविलंब आवश्यक है उन्हें निरंतर मनरेगा में नियोजित रखकर उनके परिवार का भरण पोषण अत्यंत आवश्यक है ऐसा ना होने पर संगठन मूकदर्शक बनकर बहुत समय इंतजार नहीं करेगा और प्रशासनिक उपेक्षा पक्षपात इत्यादि को सहन नहीं करेगा जिला प्रशासन को अविलंब हस्तक्षेप कर मौके पर जांच कर आना चाहिए और यदि 25 दिसंबर तक ऐसा नहीं किया जाता है तो जिला परिषद के समक्ष टीन शेड पर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन प्रारंभ किया जाएगा।
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