*बसपा में बगवाती सुर तेज, 71 पदाधिकारियों ने दिया अपने पद से इस्तीफा*
ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोण्डा। मंगलवार को बसपा हाईकमान के निर्देश पर बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार कनौजिया द्वारा पूर्व विधायक रमेश कुमार गौतम व पूर्व ब्लाक प्रमुख मसूद आलम के पार्टी से निष्कासन के बाद समूची बहुजन समाज पार्टी में बगावत का बिगुल बज गया। बुधवार को पूर्व लोकसभा प्रत्याशी व बसपा नेता मसूद आलम के आवास पर बुलाई गई प्रेस वार्ता में मंडल के बहुजन समाज पार्टी के 71 पदाधिकारियों ने बगावती तेवर अपनाते हुए एक साथ इस्तीफा दे दिया।
बसपा से निकाले गए दोनों पार्टी नेताओं ने बुलाई गई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर को भाजपा का एजेंट बताते हुए कहा कि वह बसपा में रहकर भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। जिले में गरीब व मजलूम लोगों पर हो रहे अत्याचार पर हम लोगों ने उनके समर्थन में खड़े होकर उनकी लड़ाई लड़ी। किसानों के समर्थन में हम लोगों ने एक दिन का उपवास रखकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसको लेकर हम लोगों को पार्टी की तरफ से कई बार यह कहा गया कि आप लोग पहले लिखित रूप से पार्टी को सूचित करें, उसके बाद कोई निर्णय ले, मगर हम लोग इसकी परवाह किए बगैर गरीब व मजलूम लोगों की हक की लड़ाई बराबर लड़ते रहे।
जिसको बहुजन समाज पार्टी के आलाकमान ने हमारे द्वारा लड़ी जा रही लड़ाई को अनुशासनहीनता की श्रेणी देकर हम लोगों को पार्टी से निकाल दिया। पूर्व विधायक श्री गौतम ने बताया कि 30 साल से निस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा की है। साइकिल से चलकर बहुजन मूवमेंट को गांव-गली गली तक पहुंचाया। मसूद आलम ने कहा कि मंडल में बहुजन समाज पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए पिछले 14 वर्षों से दिन रात मेहनत की। मौजूदा समय में बसपा के कुछ बड़े ओहदे पर बैठे तथाकथित नेता, जो भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में काम कर कर बसपा को खत्म करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। फिलहाल दोनों नेताओं ने अभी किसी भी दूसरी राजनीतिक पार्टी में जाने के संकेत नही दिए हैं। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओ व समर्थको से विचार- विमर्श के बाद ही अगला निर्णय लिया जयेगा।
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