*अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति,* *एआईकेएससीसी* *दिनांक: 05 दिसम्बर 2020,* *एआईकेएससीसी ने सभी जनवादी, प्रतिशील व संघर्षरत संगठनों से 8 दिसम्बर को भारत बंद व जनविरोध संगठित करने की अपील की।*




ब्यूरो मंडल प्रभारी सुरेश कनौंजिया गोण्डा
यह अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, एआईकेएससीसी द्वारा देश के सभी जनवादी, प्रतिशील व संघर्षरत संगठनों से, ट्रेड यूनियन, छात्र संगठन, महिला संगठन, सांस्कृतिक संगठन तथा क्षेत्रीय समेत राजनीतिक दलों से अपील है।
जैसा कि आप जानते हैं कि मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के लाखों किसान और अन्य प्रदेशों के किसान भी दिल्ली आने वाले रास्तों पर दृढ़ता के साथ सड़कों पर शांतिपूर्वक बैठे हैं, तब तक जब तक कि उनकी मांगे पूरी ना हो जाएं:-
यह कि तीन केन्द्रीय खेती के कानून रद्द किये जाएं और बिजली बिल 2020 वापस लिए जाएं। अन्य मुद्दे भी सामने आए हैं जिनमें दिल्ली के वायु प्रदूषण से सम्बन्धित अध्यादेश के दायरे से किसानों को निकाल दिया जाए और सभी फसलों का एमएसपी, सी2+50फीसदी जो स्वामीनथन फार्मूले के अनुसार है तथा सभी किसानों के फसलों की खरीद की सरकारी गारंटी सुनिश्चत की जाए का कानूनी प्रावधान बने। 
आज संघर्ष का दसवां दिन है, जो कई महीनों से चल रहे देशव्यापी स्थानीय विरोधों के साथ शुरु हुआ। विकसित हो रहे इस आन्दोलन में दिल्ली में बैठे किसानों के साथ कई - कई किसानों को जुड़ने के लिए प्रेरित किया है और वे या तो दिल्ली आ रहे हैं या स्थानीय स्तर पर विरोध कर रहे हैं। 
सरकार ने 5 दौर में अब तक प्रतिनिधियों के साथ बात की है और यह स्पष्ट है कि सरकार इसे अपनी प्रतिष्ठा सवाल बना रही है और किसानों की न्यायोचित मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है। सरकार के पास किसानों के दाम व कल्याण के लिए इन कानूनों के जारी रखने का न तो काई तर्क है न कोई प्रमाण है। आज भारत सरकार के साथ वार्ता का एक और दौर शुरु होना है।
इस पृष्ठभमि में हम सभी जनवादी, प्रतिशील व संघर्षरत संगठनों से अपील करते हैं कि आप:-
- दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों के साथ बड़ी संख्या में जुड़ें।
- स्थानीय स्तर पर अनिश्चित समय तक विरोध कार्यक्रम करते हुए जिसमें 5 का पुतलादहन कार्यक्रम भी है, सरकार पर दबाव बनाए कि वह किसानों की मांगों को पूरी करे और दिल्ली में शांतिपूर्वक बैठे बहादुर किसानों का समर्थन करें, 8 दिसम्बर को भारत बंद करें। 
- अपने समर्थन के बयान और किसानों के उद्देश्य के साथ समर्थन के पत्र राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को दें।
- संसदीय कार्य मंत्री को इन मांगों को पूरा करने के लिए तुरंत संसद बुलाएं।                                             आपका साथी         अतुल कुमार  अनजान राष्ट्रीय महासचिव    अखिल भारतीय किसान सभा                       सभी अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य  परिषदों , सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों , सभी राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं  राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को प्रेषित

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