*हाल ए महिला अस्पताल खराब लिफ्ट दलालों का बोलबाला, अव्यवस्था चरम पर*




          रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोण्डा। जिले का एकमात्र महिला अस्पताल इन दिनों दलाली का अड्डा बना हुआ है महिला अस्पताल के बाहर और अंदर दलालों का बोलबाला है जिनमें सबसे ज्यादा महिला कर्मी शामिल है यह महिला कर्मी जिनको आशा कहकर संबोधित किया जाता है इन्होंने अपनी सांठगांठ जिले के कई प्राइवेट नर्सिंग होम और चिकित्सालय से कर रखी है वहां पर आने वाले मरीज को उल्टा सीधा पाठ पढ़ा कर यह लोग बरगलाते हैं और तत्पश्चात उसको वहां से प्राइवेट नर्सिंग होम में भेज दिया जाता है जहां से यह लोग मोटी रकम हासिल करते हैं वैसे जिला महिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों के ऊपर भी इस प्रकार का आरोप लगता रहा है कि महिला अस्पताल में कार्यरत डॉ, वार्ड बॉय, नर्सेज सब मिलकर महिला अस्पताल को दलाली का अड्डा बना लिए हैं सूत्रों के हवाले से तो यह भी खबर है  कि कुछ डॉक्टर जो कि महिला अस्पताल में कार्यरत हैं अपना प्राइवेट नर्सिंग होम भी चलाते हैं यहां पर आने वाले मरीजों को बरगला कर उनको उल्टा सीधा पाठ पढ़ा कर अपने यहां अपनी प्राइवेट एंबुलेंस से ले जाते हैं और यह आलम तब है जब महिला अस्पताल के हर एक छोर पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं इसके बावजूद प्राइवेट नर्सिंग होम की एंबुलेंस जिला महिला अस्पताल में आती है और मरीजों को वहां से लेकर जाती है महिला अस्पताल की दुर्दशा यह है कि आए दिन कूड़ा महिला अस्पताल में पड़ा रहता है प्रतिदिन साफ सफाई नहीं होती है सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपए खर्च किए गए लेकिन उस सुंदरीकरण का फायदा आम जनमानस को कहीं होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है महिला अस्पताल की लिफ्ट आज पिछले डेढ़ महीने से खराब पड़ी है अस्पताल के एक कर्मचारी से हमारे संवाददाता ने बात किया तो कर्मचारी ने बताया कि लिफ्ट लगभग एक डेढ़ महीने से खराब पड़ी हुई है बीच में एक दो बार इंजीनियर सही करने के लिए आए थे लेकिन कुछ ठीक नहीं कर पाए और अंततः लिफ्ट अभी भी खराब पड़ी हुई है लिफ्ट के खराब होने से सबसे बड़ी परेशानी प्रसव के लिए आने वाली उन महिलाओं को होती है जिनकी हालत गंभीर होती है उनको सीढ़ी के द्वारा किसी प्रकार से पहली और दूसरी मंजिल तक पहुंचाया जाता है इसके अलावा वहां पर भर्ती महिला मरीजों और उनके तीमारदारों को भी दूसरी तीसरी मंजिल पर जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है वह सीढ़ी के रास्ते से होकर जाते हैं महिला अस्पताल की इस अव्यवस्था के मामले में अधिकारी भी आंख मूंदे हुए हैं अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन का कोई अधिकारी महिला अस्पताल की सुध लेने को तैयार नहीं है यह आलम तब है जब महिला अस्पताल को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया जा चुका है इस बारे में हमने महिला अस्पताल के सीएमएस से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं है स्थापित हो सका।

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