*प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी रोडवेज पर प्राइवेट बसों का कब्जा*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोंडा। देवीपाटन मंडल का मुख्यालय होने के साथ ही साथ गोंडा जनपद आसपास के लगभग 4 से 6 जिलों से जुड़ा हुआ है जहां से बहराइच बलरामपुर श्रावस्ती लखनऊ बाराबंकी उतरौला सभी जगहों के लिए बसें मिलती हैं लेकिन इन दिनों सरकारी रोडवेज की हालत लगता है कुछ खराब सी हो गई है सरकारी रोडवेज पर सरकारी बसें लोगों को नहीं मिलती है जिसका फायदा प्राइवेट बस संचालक उठा रहे हैं। सरकारी रोडवेज बस अड्डे पर सभी जगहों के लिए मिलने वाली सरकारी बसों के स्थान पर इन दिनों प्राइवेट बसों का बोलबाला रहता है प्राइवेट बस संचालक अपनी बसें रोडवेज में स्टैंड पर लगाते हैं और वहां से दुगने दोगुने दाम पर किराया वसूल कर सवारियों को अपने गंतव्य स्थान पर ले जाते हैं हालत यह तब है जब रोडवेज बस अड्डे से गुरुनानक चौक के बीच की दूरी 100 मीटर है और गुरुनानक चौक चौराहे पर ही पुलिस चौकी स्थापित है जहां पर पुलिस वाले भी इस चीज को नजरअंदाज कर रहे हैं रोडवेज कर्मचारी भी इस बात को नजरअंदाज करते हुए प्राइवेट बसों को ही बढ़ावा देते हैं अक्सर यह देखा गया है कि जब आप इंक्वायरी काउंटर पर जाइए तो वहां पर पता चलता है कि अभी गंतव्य स्थान पर जाने के लिए बसें उपलब्ध नहीं है और वहां बैठे हुए कर्मचारी भी आपको प्राइवेट बसों की तरफ ही भेज देते हैं प्राइवेट बसों के संचालन को लेकर ना तो रोडवेज कर्मचारी न ही पुलिस और ना ही प्रशासन किसी के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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