*बेसिक शिक्षा विशेष सचिव- निदेशक-अपर निदेशक संदेह के घेरे में*






              रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
*भ्रष्टाचारी बीईओ को दे रहे हैं-संरक्षण*प्रदीप तिवारी गोंडा---
दिनांक:-05अक्टूबर2020,   प्रदीप तिवारी, समाजसेवी एवं अन्य लोगों ने आज भ्रष्टाचारी खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी सिंह का पूरा कला चिठ्ठा देवीपाटन मण्डलायुक्त के सामने रखा और विस्तृत बिन्दुवार जानकारी रखी,जिस पर मण्डलायुक्त ने सख्त से सख्त कारवाही का आश्वासन दिया। आखिर क्या बात है कि शिक्षा में प्रदेश के 100 पिछड़े विकास खंड में जनपद गोण्डा के रुपईडीह में बार बार एक ही खंड शिक्षा अधिकारी को तैनात किया जाता है। अश्वनी प्रताप सिंह खंड शिक्षा अधिकारी गोण्डा का स्थानांतरण  विभिन्न आरोपों जाँचो के मद्देनजर 30 मई 2017 में जनपद-कन्नौज,08 जनवरी 2019 में जनपद-मऊ,13 फरवरी 2020 में जनपद-सीतापुर हुआ परंतु स्थानांतरण होने के कुछ माह बाद पुनः जनपद गोंडा के रुपईडीह ब्लॉक में ही पदस्थापित किया जाता रहा है। ऐसे में निदेशक एवं अपर निदेशक संदेह के घेरे में हैं *सूत्रों की माने तो इन सब के पीछे बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च पर तैनात विशेष सचिव आर०बी०सिंह का हाथ माना जा रहा है जो इनके रिश्तेदार हैं* और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं इसके अलावा कई प्रकरणों में बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव आर०बी०सिंह का नाम आ चुका है। *सांसद कैसरगंज का कहना है* कि किन परिस्थितियों में इनका स्थानांतरण किया गया और क्या देख कर इनका स्थानांतरण निरस्त किया गया। यही हाल बहराइच का भी था जब अश्वनी प्रताप सिंह जनपद बहराइच में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात थे।






समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली आई०जी०आर०एस० 400181318002344 आई०जी०आर०एस० 400181318013276 के निस्तारण में तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र दिनांक 17अप्रैल 2018  के माध्यम से विकास खंड रुपईडीह के न्याय पंचायत प्रभारियों के खातों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई थी परंतु खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह ने बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति लिए न्याय पंचायत प्रभारियों के खातों का संचालन शासनादेश के विपरीत जाकर कूटरचना और पद का दुरुपयोग करते हुए खातों का संचालन कराया और *₹300000.00 तीन लाख से अधिक धन का बंदरबांट किया* जो शासकीय धन का गबन और शासनादेश का घोर उल्लंघन है।

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*जाँच पर होती रही जाँच, कोई नहीं आँच-अश्विनी सिंह बी ई ओ*
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            अधिवक्ता सर्वेन्द्र कुमार सिंह गोण्डा ने नोटेरी शपत पत्र साक्ष्यों सहित आरोप लगाया है कि खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी सिंह लोकसेवक होने के बावजूद उनके द्वारा अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वाहन ना करते हुये अपने पदीय दायित्वों का दुरुपयोग करते हुये सरकारी धन का गबन,अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न, जाली एवं फर्जी विकलांगता के आधार पर नियुक्ति की जाँच कराते हुए निलम्बन, अनिवार्य सेवानिवृत्त एवं उनके द्वारा आहरित समस्त वेतन वसूली तथा अपराधिक मुकदमा दर्ज कराने हेतु *राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं अन्य उच्च बेसिक शिक्षा अधकारियों को पत्र* भेजा है।
        शिकायत में मूल/पैतृक निवास एवं विकलांगता कोटे में प्राप्त *नौकरी तथ्य को छिपा कर और दमन पर आधारित* है जिसकी जांच उच्चतम मेडिकल बोर्ड  से कराने एवं  सेवा से आदतन आहरित सरकारी धन वसूली होनी चाहिये।
        उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ गोण्डा की शिकायत दिनांक 15जनवरी 2017 में *जाँच अधिकारी उपर जिलाधिकारी तृतीय गोण्डा की जाँच आख्या तथा डी०जी०सी सिविल गोण्डा की विधिक अभिमत* ,उपलब्ध साक्षयो-खसरा खतौनी, मतदाता पर्ची, निवास प्रमाण पत्र आदि संबंधित पक्षकारों के आधार पर अश्वनी प्रताप सिंह का पैतृक आवास तथा सम्पति जनपद गोण्डा है तथा आचरण शिक्षको के प्रति समुचित नहीं है।
           आई०जी०आर०एस० 400181318032498 में पहले दोषी मानते हुये अध्यापक को निलम्बित,विभागीय कार्यवाही, गबन किये गये धन की रिकवरी करने की आख्या देना और धनउगाही के बाद एकदम बरी कर दिया। 
      अपनी तानाशाही रवैये के चलते उत्पीड़न की नीयत से अपने अधीनस्थों का बिना अधिकार के वेतन रोक देना। जिसकी जांच *दिनांक14मार्च 2019 को उत्तर प्रदेश वित्त सेवाये अनुभाग-2 ने माना कि जुलाई 2018 में अश्वनी सिंह द्वारा नियम विरूद्ध वेतन भुगतान रोका है* शासनादेश के अनुसार नियम विरूद्ध वेतन रोकने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
       कोई आवाज उठाये तो उनकी झूठी शिकायत कराना और बिना किसी आधार के कार्यवाही के लिये आख्या प्रेषित  करना। *काल्पनिक एडवोकेट अमित कुमार पाठक के नाम से उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत कराना एवं दूसरे का मोबाइल* नंबर 8853564987 का इस्तेमाल करते हुए शिकायत दर्ज कराया जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया है *वह मोबाइल नंबर तृप्ति सिंह पुत्री धीरेंद्र प्रताप सिंह, निवासी - सदरापट्टी, गौरवाह शाहगंज, जौनपुर का होना* एवं अपनी रिपोर्ट में अश्वनी प्रताप सिंह द्वारा लिखा जाना कि शिकायतकर्ता से दूरभाष पर बात करके शिकायत की पुष्टि की गई दर्शाता है कि यह किस कदर अपने पद का दुरुपयोग कर सकते हैं। जानबूझ कर  प्रतिरूपण व छल के द्वारा कपटपूर्ण व बेईमानी के आशय से *इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के द्वारा जनसुनवाई पर की गई शिकायत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में दर्शाए गए प्रावधानों के तहत आपराधिक कृत्य है*
       विभिन्न शिकायतो में जनपदीय जिलाधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कोई आख्या/गलत आख्या प्रेषित करना बेईमानी है  अश्वनी प्रताप सिंह *लोकसेवक होने के नाते भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत लोकसेवकों से कर्तव्य परायण, इमानदार, अनुशासित एवं चरित्रवान होने की अपेक्षा रहती है* परंतु यहां ठीक उसके विपरीत है।
      *प्रकरण की जाँच जुलाई 2019 से सहायक शिक्षा निदेशक(बेसिक) देवीपाटन मण्डल गोण्डा,सहायक शिक्षा निदेशक(बेसिक) मण्डल गोरखपुर/बस्ती,प्रचार्य जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान पयागपुर बहराइच कर रहे हैं* जिसमे केवल सहायक शिक्षा निदेशक(बेसिक) देवीपाटन मण्डल गोण्डा ने जाँच आख्या/अर्द्ध शासकीय पत्र अपर शिक्षा निदेशक बेसिक उत्तर प्रदेश प्रयागराज को भेज जिसमे 04सितम्बर 2019 के निरिक्षण में खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी सिंह अनुपस्थित पाये गये मौजूद लोगों ने बताया कि काफी दिनों से कार्यालय नहीं आये,अध्यापकों की सेवा पंजिका अपडेट नहीं है, अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह, शिथिल पर्वेक्षण,विभागीय कार्यो में रुचि ना लेना,उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन न करना एवं शासकीय कार्यो के प्रति शिथिलता हेतु इनके निलंबन एवं इनका स्थानांतरण देवीपाटन मंडल से अन्यत्र दूरस्थ मंडल में किए जाने की संस्तुति की।स्थानांतरण हुआ परन्तु तीन माह उपरांत पुनः जनपद गोंडा के उसी विकास खंड में पदस्थापित हो गये जिसके फलस्वरूप भ्रष्टाचारी मनोबल चरम पर है।
*अधिकारी दिखा रहे हैं योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अंगूठा* 
*क्या होगा जब  खण्ड शिक्षा अधिकारी ही --अपराधिक छवि* 
वैश्विक महामारी कोविड 19 के खिलाफ चल रही इस जंग मे बेसिक शिक्षा विभाग के खण्ड शिक्षा अधिकारी- अश्वनी प्रताप सिंह की ड्यूटी रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों के पहुंचने पर वितरण आदि दर्ज करने हेतु दो पालियों में ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन अपनी ड्यूटी करना मुनासिब नहीं समझा,उनकी इस हरकत पर नाराजगी जताते हुये जिलाधिकारी डॉ० नितिन बंसल जी ने बीईओ के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये । डीएम के आदेश मामले में बीएसए-डा० इंद्रजीत प्रजापति ने 20/05/2020 को खण्ड शिक्षा अधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह के विरुद्ध *महामारी अधिनियम-1897 की धारा-3 के तहत कोतवाली नगर* मे अकर्मण्यता ,अनुशासनहीनता, उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का मुकदमा दर्ज कराया । *वही बीएसए-डा० इंद्रजीत प्रजापति का कहना है कि वर्तमान में सम्बंधित खंड शिक्षा अधिकारी को लेकर कोई जांच लंबित नहीं है* । अपनी कार्यशैली को लेकर पहले भी अश्विनी सिंह अफसरों के निशाने पर रह चुके हैं। 
        इसके पूर्व 13 दिसम्बर 2018 *बीएसए की कुर्सी पर गुटखा थूकने,शासकीय धन के दुरुपयोग* , अमर्यादित आचरण के लिये निलम्बन और अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये शासन को जाँच आख्या/अर्द्ध शासकीय पत्र भेजा गया है।
       जनवरी 2020 में गोण्डा के थाना कौड़िया में सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप तिवारी को गाली गलौज, अमर्यादित भाषा, जान माल की धमकी में अश्वनी सिंह पर  *धारा506,धारा504 में मुकदमा पंजीकृत है।* 
      विधान सभा निर्वाचन-2017 के दौरान BSA कार्यालय का सीसीटीवी कैमरा गायब करने, कार्यालय की उपस्थिति पंजिका फाड़ने ( *क्योंकि अश्वनी सिंह उस समय कार्यालय संबंध थे एवं अनुपस्थिति थे* ) और बीएसए से गाली-गलौज करने पर *नगर कोतवाली गोण्डा में धारा 380,धारा427 में मुकदमा पंजीकृत है।* 
      जनपद बहराइच में फरवरी 2016 में एक सरकारी कार्यक्रम में अश्विनी सिंह ने अपने ही संवर्ग के खण्ड शिक्षा अधिकारी-रिसिया प्रभास कुँवर श्रीवास्तव को दमकी दी - *साले तुम्हारे पैर तोड़ दूंगा,अब दुबारा रिसिया मत आना,आवोगे तो साले तुमको मार डालूँगा-और गायब करवा दूंगा* । इतना ही नहीं विभाग की सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप पर अमर्यादित भाषा लिखना और उच्च अधिकारियों से गली गलौज में नाम कमा चुके हैं।
       इतना ही नहीं *लखनऊ में श्रीमती जयंती दिक्षित-उप बेसिक शिक्षा अधिकारी से अभद्रता* करने के प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्यवाही झेल चुके हैं।
          समाजसेवी प्रदीप तिवारी का कहना है कि सभी प्रकरण को दिनांक 25/05/2020 एवं 16/06/2020 को ही जिलाधिकारी-गोण्डा महोदय और माननीय मुख्यमंत्री जी को शिकायती पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। नियक्ती के समय त्यागोपन करके अपना पैतृक निवास-ग्राम व पोस्ट चेतपुर, तरबगंज गोण्डा प्रदर्शित नहीं किया। *सूत्रों की माने तो जनपद गोण्डा का मूल निवासी होने और एक विधायक का हर्ध्वस्त होने के कारण* भ्रष्टाचारी, कदाचारी, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के विरूद्ध कार्य करने वाले, अनुशासनहीन,अकर्मण्य,अभद्र एवं आपराधिक छवि होने के बाद भी कार्यवाही शून्य है। योगी सरकार में कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार का गिरोह चला रहे हैं। *अश्वनी प्रताप सिंह विशेष सचिव बेसिक शिक्षा आर०बी०सिंह के रिश्तेदार हैं अपर शिक्षा निदेशक बेसिक उत्तर प्रदेश प्रयागराज एवं निदेशक बेसिक शिक्षा लखनऊ के बीच  दुरभिसंधि होने के कारण हर स्तर पर इनकी पत्रावली को दबाया जाता है और इनको बचाया जाता है।*

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