*आगनवाड़ी कार्यकत्री व सहायिका की नियुक्ति में धांधली को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी पर निष्पक्ष जांच ना करने का लगा आरोप*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
भँभुआ गोंडा ।।
तहसील कर्नलगंज के ग्राम पंचायत विवियापुर गोसाई में हुए आंगनवाड़ी कार्यकत्री व सहायिका की नियुक्ति में ग्रामीणों ने लगाया धांधली का आरोप, जिसकी शिकायत माह सितम्बर में जिला कार्यक्रम अधिकारी गोंडा मनोज कुमार से किया । जिसपर कोई कार्यवाही न होते देख उप जिलाधिकारी कर्नलगंज को दिया पर इस भ्रष्टाचार की जांच नहीं हो पाई जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी का लचीलापन इस जांच में लापरवाही का विषय दर्शा रहा है ।
बताते चलें जनपद गोंडा के विकासखंड कर्नलगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत विवियापुर गोसाई में सास और बहू के नियुक्ति एक ही केंद्र पर है , तथा दोनों एक ही संयुक्त परिवार में रह रही हैं । जिसका परिवार रजिस्टर में भी एक ही परिवार में नाम दर्ज है । इसकी शिकायत ग्रामीणों ने विगत माह सितंबर में ही जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार को दिया जिसके उपरांत जांच ना होते देख दूसरा शिकायती पत्र उप जिलाधिकारी कर्नलगंज को दिया गया परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई जिला कार्यक्रम अधिकारी महोदय द्वारा जांच बाल विकास परियोजना अधिकारी कर्नलगंज श्रीमती वंदना को दिया गया । बाल विकास परियोजना अधिकारी अपनी जांच सीडीपीओ के सर पर डालकर खुद जांच से इतिश्री कर ली, जिसका परिणाम यह हुआ की सीडीपीओ द्वारा गांव में जाकर लोगों से जबरन बयान लिया जा रहा है कि हमें पुष्टाहार बराबर मिल रहा है । और तो और मजे की बात यह है कि नियुक्ति 2003 में हुई सास बहू की एक साथ परंतु विभाग द्वारा 2020 में परिवार के बंटवारे की एफिडेविट बनवा कर जांच को इतिश्री करते हुए भ्रष्टाचार का बढ़ावा देते नजर आ रहा है । जिसको लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी से कई बार लोगों ने मुलाकात किया पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महोदय द्वारा टालमटोल कर बात टाल दी गई । निष्पक्ष जाँच न होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है । ग्रामीणों ने बताया की इसकी शिकायत हम उच्च अधिकारी जैसे जिलाधिकारी ,मंडलायुक्त से करेंगे फिर भी निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो हम माननीय मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री जी को इस भ्रष्टाचार से अवगत कराएंगे ।
अब देखना ये है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा नियुक्ति में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अधिकारी कर्मचारी एवं सास बहू पर कोई कार्यवाही की जाती है या फिर शिकायत की ठंडे बस्ते में डालकर रफा दफा कर दिया जाता है ।
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