*मूर्ति चोरी खुलासे को लेकर 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मिला एसपी गोंडा से। इटियाथोक गोंडा*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोण्डा मंडल के इटियाथोक ब्लॉक आठ माह बाद भी करुवापारा स्थित श्री राम-जानकी मंदिर से चोरी गई अष्टधातु निर्मित श्री राम,सीता सहित हनुमान की मूर्तियां बरामद नहीं हो सकी हैं।हालत यह है कि आरोपितों तक पहुंचना तो दूर चोरों को चिन्हित करने में भी अब तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी है।चोरी की घटना के खुलासे करने का आश्वासन देकर स्थानीय पुलिस टीम अब तक सिर्फ हवा हवाई के सिवा कुछ हासिल नहीं कर पाई।ऐसे में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर आम जनों में आक्रोश फैलता जा रहा है। करीब आठ माह पूर्व10-11फरवरी की रात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में रखी अष्टधातु की तीन देवों की मूर्तियों सहित लक्ष्मण की पीतल की मूर्ति पर हाथ साफ किया इसका खुलासा करने के लिए पुलिस अधीक्षक गोंडा आरके नैय्यर ने क्राइम ब्रांच व स्थानीय पुलिस की टीम लगाई। यहां तक की लोकल लोगों के सहारे भी चोरों तक पहुंचने का भरसक प्रयास किया गया, बावजूद कोई सफलता नहीं मिली। जिसका खुलासा करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।ऐसे में ग्रामीणों व क्षेत्रीय लोगों का कहना है, कि जब पुलिस को मंदिर से गायब मूर्तियों को बरामद करने में इतना समय लग रहा है, तो अन्य घटनाओं को लेकर पुलिस टीम कितनी सक्रिय होगी। इसका साफ अनुमान लगाया जा सकता है। इसी समस्या को लेकर सोमवार को ग्यारह सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान प्रतिनिधि धीरेंद्र तिवारी उर्फ बब्बू के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडे से मिला, और मूर्ति बरामदगी व चोरी की घटना के खुलासे को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इस बारे में प्रधान प्रतिनिधि करुवापारा धीरेन्द्र तिवारी ने बताया कि अब उनका विश्वास स्थानीय पुलिस से उठ चुका है।उन्होंने कहा,कि मामले में जांच कर रही पुलिस पूरे केस को रफा-दफा कर चार्जशीट लगाने के फिराक में है।श्री तिवारी ने पूरे मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की पुलिस अधीक्षक से मांग की है। इस अवसर पर धीरेंद्र तिवारी उर्फ बब्बू, राकेश गौतम, पदुम नाथ तिवारी, विजय प्रताप दुबे, सुरेंद्र तिवारी ,प्रभाकर तिवारी ,आलोक तिवारी, ज्ञान मिश्रा , महंत गोविंदाचार्य, श्रीकांत मिश्रा, शिवानंद पांडे उपस्थित रहे
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