*पोस्टर लगवा देने से नहीं हो सकती हैं बेटी-बहनों की सुरक्षा*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
सुरेश कुमार कनौंजिया ने कहाँ कि अपनी निति पुलिस बिभाग पर थोपने से और पोस्टर लगवा देने से नहीं हो सकती हैं बेटी-बहनों की आबरू और सम्मान की सुरक्षा उसके लिए निति बनाने की जरूरत होती हैं अभी उत्तर प्रदेश सरकार ने कहाँ हैं कि हम बेटी-बहनों की आबरू और सम्मान की सुरक्षा के लिए हम चौराहों पर पोस्टर लगवायेगें और फिर यदि कोई घटना घटती हैं तो संम्बधित थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी होगी।
पुलिस कोई मशीन नहीं हैं साहब 8 घंटे की नौकरी की जगह 24 घंटे पुलिस नौकरी करतीं हैं तथा वेतन 8 घंटे का मिलता हैं साहब सोच और निती बदलिये आखिर पुलिस भी इंसान हैं कोई मशीन नहीं कि घटना घटी और पुलिस को मशीन से घटना का पहले ही पता चल गया।
यदि बेटी बहनों की आबरू और सम्मान की सुरक्षा करनी ही है तो पहले अपने मंत्री और विधायकों को जिनके ऊपर अपराधिक मामलों के आरोप हैं। उनको कुर्सी से हटायें अपराधियों की जाति और धर्म देखकर उनके ऊपर कार्यवाही करके कोई भी अपराध नहीं रुक सकता हैं।सभी पर समान काार्यवाही करने से होगी बेटी-बहनों की आबरू और सम्मान की सुरक्षा और तभी रूकेगे सभी अपराध।
यदि समाज सेवक पार्टी की सरकार बनीं तो हम यह करके दिखा देंगे कि कैसे होती हैं बेटी- बहनों की आबरू और सम्मान की सुरक्षा ही साथ ही सारे अपराधों को राज्य से खत्म करके दिखा देंगे।
पुलिस भी वही होगी, अपराधी भी वही होंगे, न्यायपालिका भी वही होगी, हाॅ बदलेगी तो केवल पुलिस और न्यापालिका व मंत्रीमंडल तथा न्याय की नीति नहीं कर पाये तो उसी दिन सत्ता की कुर्सी छोड़ देंगे।
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