*नपाप के दावे की पोल खोल रही आश्रय कालोनी में व्याप्त गंदगी**प्रदेश में दसवें स्थान पर पहुंचने के बाद है सफाई का यह आलम है*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
गोण्डा। स्वच्छता के दावे की पोल खोलने के लिए नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर दो में स्थित आश्रय आवास के मेन गेट पर लगे गंदगी के अंबार की यह तस्वीर ही काफी है। ऐसा भी नहीं है कि इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता है बल्कि इसे देखकर भी नजरंदाज कर दिया जाता है।
बताते चलें कि गंदगी में गोण्डा निचले पायदान पर आ गया था। पूरे देश में थू थू होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और नगर पालिका परिषद के जिम्मेदारों की क्लास लगाई तो स्वच्छता के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हुई। इसके बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इस दौरान सफाई के नाम पर पानी की तरह रूपया बहाया गया।
ताजा रिपोर्ट में नगर पालिका परिषद द्वारा दावा किया जा रहा है कि स्वच्छता में गोण्डा को प्रदेश में 10 वहां स्थान मिला है, लेकिन जमीनी हकीकत देखी जाए तो शहर में इस तरह की तमाम तस्वीरें मिल जाएंगी। वार्ड नंबर दो के तमाम लोगों का कहना है कि अभी तक सफाई को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
यहां तक कि लगभग 600 फ्लैट बने हैं, लेकिन कॉलोनी में न तो अभी तक एक भी पोल पर लाइट लगी है और न ही कूड़ेदान की व्यवस्था हो पाई है। लोगों ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि क्या यही है सभासद और नगर पालिका परिषद की जिम्मेदारी?
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