*जिलाधिकारी व आबकारी विभाग को खुलेआम ठेंगा दिखाती ये तस्वीर , आप भी रह जाएंगे हैरान*

          रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा

     जिम्मेंदारी जब सिर पर बोझ बन जाए तब हालात मजबूर हो जाते हैं । लोगों ने खूब कहा खूब सुना और खूब गाया भी । फोटो को देखकर ऐसा प्रतीत होता है । कि शायद दुनिया अब बहुत आगे निकल चुकी है । लेकिन जब बात मासूम बच्चों की होती है । एक दूर से फरमान जारी किया जाता है कि मासूमों के लिए मुफ्त भोजन, मुफ्त पुस्तकें , मुफ्त शिक्षा तो शायद उन मासूमों के परिवार के लोग भी मोम की तरह पिघल जाते होंगे कि मेरे आने वाले भविष्य के लिए सरकार इतने वायदे कर रही है तो शायद सरकार मेरा ख्याल भी रखेगी । लेकिन सरकार बनने के बाद में राजनीति की ऐसी बयार चलती है या तो उस बयार में वह व्यक्ति झुलस जाता है या फिर मर जाता है । सरकार लाख वादे कर ले लेकिन कुछ तस्वीरें ऐसी पीड़ा पहुंचा देती हैं कि शायद भविष्य में हमेशा आंख नम करने वाली तस्वीरें ना तो कभी देखीं हैं और ना ही मिल सकेंगी । करोना काल में सरकार ने अपने आय के सभी संसाधनों को सुचारु रुप से चालू रखा। लेकिन प्रतिबंध उन मजदूर कामगार , रेहड़ी , रिक्सा चालक , दैनिक मजदूरी , निजी व्यवसाय , निजी वाहन संचालकों सहित हजारों की तादाद में लोग बेरोजगार हुए लेकिन उन बेरोजगारों की तरफ सरकार ने इस कदर मुंह मोड़ा की दिन भर मेहनत करने वाले लोग शाम को दो निवाले खाने वाले कभी इस मंजर को शायद भूल सकेंगे । झुंझलाहट तब होती है जब नौनिहालों के हाथ में कलम छोड़कर शराब की बोतलें देखने को मिलती हैं तो हर व्यक्ति देखने वाला यही सोचता होगा कि शायद यही नव निर्माण समृद्ध भारत की की योजना बन रही थी । जनपद हरदोई के पूर्व में रहे जिलाधिकारी पुलकित खरे भरे कोरोना काल में भी भी कोरोना पाज़िटिव नहीं हुए   ‌। लेकिन चंद दिन आए हुए जिलाधिकारी महोदय कोरोना पाज़िटिव हो जाते हैं तो शायद एक दिल में अजीब सा सवाल आता है की या फिर आदेश फोन पर चलते थे या फिर मैदान में उतर कर भी । शायद या फिर काम करने का अलग-अलग तरीका । लेकिन इस मासूम के हाथ में बियर की‌‌ बोतल देखकर कर दिल को झकझोर देती है ।‌ शायद यह अपने आप में भी फोटो बेहद शर्मिंदा होगी की जिन हाथों में कलम होना चाहिए उन हाथों में ये बोतले हैं । लेकिन करोना काल से अब तक जनपद ही नहीं पूरे उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग की सरकारी दुकानों पर नाबालिक मासूम बच्चों को शराब की बोतलें और बीयर की बोतलें और थमा दी जाती गई  । लेकिन सरकार का यह भी आदेश आबकारी विभाग को नहीं दिखाई दे रहा है। आबकारी विभाग सिर्फ केवल अवैध वसूली और दबंगई की शह पर सरकारी दुकानों पर अपना हुक्म मनवाने के लिए सदैव तत्पर 
रहता है । अब देखना यह है कि इस तस्वीर को देखकर जिला अधिकारी महोदय व जिले का आबकारी विभाग कुछ सबक लेता है या नहीं । 

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं ..

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