*गोण्डा मंडल में मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड युनियनों ने श्रमायुक्त कार्यालय पर धरना देकर ज्ञापन दिया*



            
              रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा

गोंडा (उप्र) मजदूर किसान विरोधी नीतियों के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आवाहन पर आयोजित अखिल भारतीय विरोध दिवस आज 23 सितम्बर को उप श्रमायुक्त कार्यालय देवीपाटन मंडल पर ट्रेड यूनियनों द्वारा विरोध आयोजित किया गया। धरने में उपस्थित ट्रेड यूनियन के लोगों ने सरकार के मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।इस अवसर पर धरना का आयोजन हुआ धरने की अध्यक्षता रानीदेवी पाल व सुरेश कनोजिया ने किया।संचालन सीआईटीयू के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड कौशलेंद्र पाण्डेय ने किया।धरने को  संबोधित करते हुए एटक के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष कामरेड सत्यनारायण त्रिपाठी ने कहा की वर्तमान सरकार की मजदूर कर्मचारी किसान विरोधी नीतियों के कारण आज आम लोगों को काफी घटनाएं झेलनी पड़ रही है। देश का मजदूर किसान छात्र नौजवान आज परेशानी के दौर में गुजर रहा है।धरने को रामकृपाल यादव, सुरेश कनोजिया देवी पाटन मंडल अध्यक्ष गोण्डा,राम गोविंद,शिव कुमार कनौंजिया ,मीनाक्षी खरे, दिलीप शुक्ला,ओम प्रकाश चौधरी, बजरंगी पांड़े,ईश्वर शरण, खगेन्द्र जनवादी,विपिन तिवारी,ईश्वर शरण शुक्ला, जय नारायण राजेश शुक्ला, हरिओम,  आर के तिवारी  ,रामगोविंद मिश्रा प्रमोद सिंह आदि ने सम्बोधित किया। धरने के उपरांत प्रधानमंत्री को संबोधित 9 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।दिए गए मांगपत्र में आयकर के दायरे से बाहर आने वाले परिवारों को साढे सात हजार रुपए छ माह तक आर्थिक सहायता के रूप में दिये जाने, सभी लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने,सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को दस किलो अनाज का छ माह तक मुफ्त में उपलब्ध कराए जाने, मनरेगा में दो सौ दिन का काम व छ सौ रुपए प्रतिदिन मजदूरी दिए जाने, रेलवे, बीमा, बिजली, कोयला, बैंक, आदि का निजीकरण पर रोक लगाये जाने, मंदी कानून श्रम कानूनों को अध्यादेश के माध्यम से बदलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाने, स्कीम वर्कर्स आंगनबाड़ी, आशा, मिड डे मील रसोईया, को सम्मानजनक न्यूनतम वेतनमान के साथ अन्य सामाजिक सुरक्षा बीएफ बोनस आदि दिए जाने तथा 62 वर्ष की आयु में रिटायर्ड पर रोक लगाई जाने, सभी ठेका मजदूरों को उनके ठेकेदार के बदलने पर ठेका मजदूरों को नौकरी से न निकाले जाने, तथा नए ठेकेदार के साथ काम करने दिए जाने व समस्त बकाया वेतन का भुगतान कराए जाने, स्थाई रिक्त पदों के नियुक्तियों में दैनिक कार्य प्रभावित, आउटसोर्सिंग संविदा पर लगे या छटनीसुदा कर्मचारियों को प्राथमिकता दिए जाने, दवा कंपनियां में काम कर रहे मेडिकल रिपरजेंटेटिव के लिए एसपीई एक्ट  में बदलाव न किये जाने तथा  कोविड19 महामारी में गई नौकरियों को फिर से बहाल करने व कटनी छटनी बंद करने सहित अन्य मांगे शामिल हैं।धरने में सीआईटीयू,एटक,हिंद मजदूर सभा,रेलवे ठेका मजदूर यूनियन, आंगनबाड़ी,आशा,रसोइया कर्मचारी यूनियन,खेत मजदूर यूनियन,किसान सभा,भारत की जनवादी नौजवान सभा जनसँगठनों के लोग शामिल रहे। इस मौके पर राकेश कुमार विवेक सिंह सीता देवी पूनम शुक्ला रविंदर सिंह,  रमेश दूवे,  प्रशांत दूवे  , रामबचन, सुनीता,  राकेश शुक्ला,  अनिल कुमार,  रामावती अमित यादव रंजना मौर्य शांति देवी गिरजापति अमरदीप भारती आकाश राजेश कुमार सहित भारी संख्या में लोग शामिल रहे।

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