*गोण्डा इटियाथोक गाटा स० 260 की जमीन पर जबरन हो रहे कब्जे को रोकने गए लोगों पर हमला*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
इटियाथोक थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत ज्ञानापुर के खरिया इटियाथोक बाबागंज मार्ग पर स्थित गाटा संख्या 260 पर जबरन हो रहे कब्जे को लेकर कब्जा रोकने गए लोगों पर जानलेवा हमला किया गया जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने एक तरफा कार्यवाही करते हुए कब्जा रोकने वालों के खिलाफ ही कार्यवाही कर एक नया इतिहास रचा है पुलिस का इस तरह कारनामा चर्चा का विषय बना हुआ है प्राप्त जानकारी के अनुसार खड़िया स्थित इटियाथोक बाबागंज मार्ग पर गाटा संख्या 260 अजय सिंह बलराम तिवारी व सुभाष कुमार विश्वास की जमीन है जिस पर खड़िया गांव के ही दिलजान पत्नी अब्दुल वहाब इसी गाटे के कुछ भाग पर जबरन मकान बना रहे थे इस संबंध में जब उपरोक्त लोगों ने इसकी शिकायत इटियाथोक थाने पर की मेरी जमीन पर यह लोग कैसे कब्जा कर रहे हैं तो इटियाथोक के प्रभारी निरीक्षक संदीप सिंह ने आश्वासन दिया कि रुकवा रहे हैं यही कहते रहे और जमीन पर कब्जा होता रहा थक हार कर कब्जा रोकने गए लोगों पर पहले से भी प्री प्लान के तहत उन पर हमला करवा दिया गया किसी तरीके से उन लोगों ने अपनी जान बचाई इस प्री प्लान हमले में कुछ कार्यकर्ता घायल भी हो गए वहीं पुलिस ने घायल लोगों के साथ कोई हमदर्दी ना करके उन्हीं लोगों के ऊपर मुकदमा दर्ज कर कानून व संविधान का अच्छा पालन किया है जिसके लिए इटियाथोक पुलिस बधाई के पात्र हैं इटियाथोक पुलिस ने घायल लोगों के ऊपर ही बलवा व अन्य धाराएं लगाकर उन्हें जेल के लिए रवाना करके क्षेत्र में नया इतिहास रचा है अब यहां एक बात विचारणीय है अपनी ही जमीन को बचाना क्या कानून के नजरों में गलत है वही बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिना किसी डाक्यूमेंट्स के जमीन पर लगातार कब्जा हो रहा था या कब्जा किस की शह पर हो रहा था यह साफ जाहिर है इसमें पुलिस का 100% हाथ है उसके बावजूद पुलिस ने अपना दामन बचाने के लिए निर्दोष कार्यकर्ताओं पर मुकदमा लगाकर माननीय योगी आदित्यनाथ के एक नए उत्तर प्रदेश बनाने के मार्ग में बाधा उत्पन्न करने का कार्य किया है ऐसे पुलिस वालों के साथ क्या कार्रवाई होनी चाहिए या तो हिंदू युवा वाहिनी का कार्यकर्ता वह सीएम योगी तय करेंगे। इस प्रकरण से साफ़ है कि अधिकतर बलवा मारपीट व जमीनों पर अवैध कब्जे करवाने में पुलिस का हाथ रहता है सरकार पुलिस को आम आदमी की रक्षा करने के लिए नियुक्त किया गया है ना कि जमीनों पर अवैध कब्जा करवाने के लिए जमीन किसकी है जमीन के प्रकरण के लिए सरकार ने राजस्व विभाग का निर्माण कर रखा है राजस्व विभाग तय करेगा कि उस जमीन पर किस व्यक्ति का कब्जा होना चाहिए और किस व्यक्ति का नहीं पुलिस का काम केवल शांति व्यवस्था व सुरक्षा कायम करना है पुलिस कुछ दबंग किस्म के लोग छुट भैया नेताओं व पैसे की लालच में आकर कानून व संविधान को ताक पर रखकर बलवा मारपीट व जमीन कब्जा करवाने में अग्रसर रहती है बार-बार सरकार व उच्च अधिकारियों के द्वारा हिदायतें दी जाती है पुलिस का कार्य केवल कानून व्यवस्था कायम करना होता है ना कि स्वयं कानून बनना इस आदतों के कारण नायक होते हुए भी खलनायक की भूमिका में नजर आती है पुलिस प्रशासन को सरकार व उच्च अधिकारी कैसे कंट्रोल में करेंगे यह तो आने वाला समय तय करेगा यहां एक बात और है कि आम आदमी को गुंडा बनाने में पुलिस का बहुत बड़ा रोल है ऐसे प्रकरण गोंडा जनपद में आए दिन प्रकाश में आते रहते हैं यदि पुलिस समय रहते हैं चाहे ऐसी घटनाओं पर विराम लगा सकती है लेकिन नहीं उसका तो पेट सरकार के द्वारा दिए गए वेतन व अन्य सुविधाओं से नहीं भरता है उसे तो ऊपर की मोटी कमाई चाहिए यही ऊपर की मोटी कमाई आम आदमी के जान माल पर व उसके सम्मान पर ठेस पहुंचाती है ऐसे पुलिस अधिकारियों पर सरकार के द्वारा जांच कराकर दोषी पाए जाने पर उचित दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए तभी आम जनमानस में पुलिस के प्रति एक अच्छी राय कायम होगी।
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