*आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स के निष्कासन को लेकर भाकपा ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को खत लिखा**भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल**22, कैसरबाग, लखनऊ- 226001* *दिनांक- 27 अगस्त 2020*
रिपोर्ट सुरेश कनौंजिया गोण्डा
#सेवामें,
#मुख्यमंत्री जी
#उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ
#विषय- कोविड़ नियंत्रण एवं कुपोषण रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं 62 वर्षीय आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की छंटनी तत्काल रोकने के संबंध में
#महोदय
#महामारी के इस दौर में आंगनबाड़ी अपनी जान जोखिम में डाल कर कोरोना वारियर की भूमिका निभा रही हैं। वे घर- घर जा कर संक्रमितों का पता लगाने, क्वारंटाइन और आइसोलेशन में मरीजों की निगरानी करने, राशन का वितरण कराने एवं घर घर पोषाहार पहुंचाने का काम कर रही हैं।
#अभी लगभग 40 लाख प्रवासी मजदूर प्रदेश में वापस आये हैं। उनमें से अनेकों के साथ परिवार और बच्चे भी वापस आये हैं। लाक डाउन में विभिन्न कारणों से बच्चों में कुपोषण है। आंगनबाड़ी इन सभी प्रवासियों के साथ साथ स्थानीय बच्चों का कुपोषण मापने, टीकाकरण कराने तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य गतिविधियों को संचालित करा रही हैं। गांवों में आंगनबाड़ी को छोड़ कर अन्य कोई ऐसा सांस्थानिक केन्द्र नहीं है जो महिलाओं और बच्चों को कोई राहत पहुंचा सके।
#महोदय, ऐसा लगता है कि आपको स्थिति की गंभीरता से अवगत नहीं कराया गया है। अतएव मैं आपका ध्यान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यो की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
#आंगनबाड़ी में 2012 से कोई नयी भर्ती नहीं हुयी है, ऐसे में इनकी छंटनी करने से लगभग 35 फीसदी केन्द्र खाली हो जायेँगे। इससे उपरोक्त कार्यों को निष्पादित करने का संकट पैदा हो जायेगा। उत्तर प्रदेश पहले ही कुपोषण और अब कोविड संक्रमण की मार झेल रहा है। ऐसे में इन्हें काम से हठाने पर प्रदेश में स्थानीय कार्यों का गंभीर संकट पैदा हो जायेगा।
#इसके अतिरिक्त अधिकांश वर्कर और हेल्पर विधवा, अकेले जीवन यापन करने वाली और गरीब महिलाएं हैं। उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा होगया है। बिना कोई नोटिस दिये प्रदेश भर में अचानक आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को सेवा से प्रथक करने के आदेश से उनमें अफरा तफरी फैल गयी है। वे सड़कों पर आंदोलन कर रही हैं।
#अतएव हमारा आपसे अनुरोध है कि इस महामारी की स्थिति में छंटनी रोकने तथा निष्कासन के आदेश को तत्काल निरस्त करने को आवश्यक कदम उठायेँ।
#इस आदेश के कारण जिलों में आतंक, डर और भ्रष्टाचार का वातावरण व्याप्त है। जिन जनपदों में वर्कर और हैल्पर को हठाने के लिये पत्र दे दिये गये हैं, वहाँ के डीपीओ को भी उन्हें पुनर्बहाल करने के निर्देश दें।
#आपका तत्काल हस्तक्षेप हजारों आंगनबाड़ी की ज़िंदगियों को बचाने और कोविड-19 और कुपोषण से बचाने के सरकार के प्रयासों को मजबूती देगा। आपका यह कदम लाखों को रोजगार देने की आपकी घोषणा के अनुरूप होगा।
#हम #भारतीयकम्युनिस्टपार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल इन वंचित, पीड़ित, मेहनतकश आंगनबाड़ी वर्कर्स और हैल्पर्स की सभी जायज मांगों और उनको पूरा करने के लिये चलाये जा रहे आंदोलन का पुरजोर समर्थन करती है।
#आशा ही नहीं पूरा विश्वास है आप उपर्युक्त के संबंध में शीघ्र समुचित कदम उठायेंगे।
#सधन्यवाद
#भवदीय
#डा॰ गिरीश, राज्य सचिव
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